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सीबीएसई के सिलेबस घटाने से बढ़ी छात्रों की मुश्किल
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मेरठ। वैसे तो हर वर्ष सीबीएसई सिलेबस में से कुछ टॉपिक हटाता है, लेकिन इस वर्ष ऑनलाइन पढ़ाई के कारण सिलेबस में 30% तक की कटौती की गई है। विज्ञान और गणित से कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को हटा दिया गया है। जिसकी वजह से प्रतियोगी परीक्षा देने वाले छात्रों को अब दोहरी मेहनत करनी पड़ेगी। मेडिकल व इंजीनियरिंग की प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले विद्यार्थी 11वीं और 12वीं की पढ़ाई में कई ऐसे टॉपिक्स को स्कूल में ही पढ़ लेते थे जो उन्हें प्रतियोगी परीक्षा में काम आती थी। अब सिलेबस रिड्यूस होने पर छात्रों को इन टॉपिक्स को अलग से पढ़ना होगा।
कई टॉपिक इंजीनियरिंग के लिए महत्वपूर्ण
के एल इंटरनेशनल स्कूल में केमिस्ट्री की टीचर तरु रस्तोगी के अनुसार एनवायरमेंटल केमिस्ट्री का चैप्टर 11वीं क्लास से हटा दिया है। वहीं केमिकल बॉन्डिंग के टॉपिक को हटाया है। 12वीं से 3 चैप्टर पूरी तरह हटा दिए हैं। जनरल प्रिंसिपल्स एंड प्रोसेसेस ऑफ आइसोलेशन ऑफ एलिमेंट को हटाया है जो कि जेईई मेंस में जरूर आता हैं। पॉलीमॉर्स का चैप्टर हटाया है। केमिस्ट्री इन डेली लाइफ को भी हटा दिया है। इसमें से अधिकांश टॉपिक इंजीनियरिंग की परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
दीवान पब्लिक स्कूल में केमिस्ट्री की शिक्षिका हनी गुप्ता के अनुसार बोर्ड ने केमिस्ट्री से कई टॉपिक कम किए हैं। 12वीं में तीन यूनिट पूरी तरह से हटा दी हैं। शेष यूनिट से भी छोटे-छोटे टॉपिक हटाए हैं। हालांकि इन टॉपिक्स को हटाने पर बेसिक कॉन्सेप्ट पर कोई असर नहीं पड़ा है, लेकिन हटाए गए सभी टॉपिक प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए जरूरी हैं।
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डेरिवेशन, फंडामेंटल गणित से हुआ कम
11वीं और 12वीं के गणित विषय में पूरे चैप्टर तो नहीं हटाए हैं, लेकिन गणित में ग्राफिक बेस थ्योरी को हटा दिया है। केएल इंटरनेशनल के शिक्षक यमित गोयल के अनुसार कैलकुलस के लॉन्ग क्वेश्चन वाले टॉपिक को भी हटाया है। फंडामेंटल टॉपिक्स को भी हटा दिया है। 11वीं में प्रिंसिपल ऑफ मैथमेटिकल इंडक्शन, जोमेट्री, मैथमेटिकल रीजनिंग फंडामेंटल टॉपिक्स को भी हटाया है। कुछ डेरिवेशन और ग्राफ भी हटाए हैं।
परपेंडिक्युलर और रिफ्लेक्शन के न्यूमेरिकल्स हटे
केएल इंटरनेशनल स्कूल में फिजिक्स के शिक्षक प्रतीक अरोरा के अनुसार फिजिक्स से इंवेस्टिगेटरी प्रोजेक्ट और एक्टिविटी हटाई है। आठ एक्सपेरिमेंट हटाए हैं। इसमें साइक्लोट्रॉन, क्राफ्ट्स, रिफ्लेक्शन के न्यूमेरिकल्स हैं। 11वीं कक्षा में एप्लीकेशन ऑफ परपेंडिकुलर एंड पैरेलल एक्सिस को हटाया है। पोजीशन वाले क्वेश्चन के टॉपिक भी हटाए हैं ये सभी कंपटीशन के लिए बहुत जरूरी हैं।
पंचवर्षीय योजनाओं को अब नहीं पढेंगे छात्र
केएल स्कूल की शिक्षिका पूजा शर्मा ने बताया सीबीएसई ने पॉलिटिकल साइंस के सिलेबस से पंचवर्षीय योजनाओं को हटा दिया है। उसके स्थान पर केवल नीति आयोग को ही विद्यार्थी पड़ेंगे। 12वीं के राजनीती शास्त्र से सिक्योरिटी इन द कंटेंपरेरी वर्ल्ड, एनवायरमेंट एंड नेचुरल रिसोर्स, रीजनल एक्सप्रेशन को हटाया है। डेवलपमेंट प्लानिंग कमिशन एंड फाइव ईयर प्लांस को भी पूरी तरह हटा दिया गया है। कंटेंपरेरी साउथ एशिया, इंडिया रिलेशन को भी हटाया है।
इसके अलावा 11वीं क्लास में स्थानीय सरकार के महत्व से संबंधित टॉपिक भी हटा दिया है। वहीं अब छात्र 1962 का चाइना वॉर, चाइना की औद्योगिक क्रांति और चाइना से भारत के रिश्ते जैसे टॉपिक्स पढ़ेंगे। उधर हिंदुस्तान से म्यांमार, भूटान, नेपाल व पाकिस्तान निकटवर्ती देशों के साथ रिश्तों से जुड़े चैप्टर को हटा दिया गया है। हरित क्रांति के बाद जो इकनोमिक डेवलपमेंट हुआ उसके लाभ को रखा है बाकी अन्य बिंदुओं को हटा दिया गया है।
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कई टॉपिक इंजीनियरिंग के लिए महत्वपूर्ण
के एल इंटरनेशनल स्कूल में केमिस्ट्री की टीचर तरु रस्तोगी के अनुसार एनवायरमेंटल केमिस्ट्री का चैप्टर 11वीं क्लास से हटा दिया है। वहीं केमिकल बॉन्डिंग के टॉपिक को हटाया है। 12वीं से 3 चैप्टर पूरी तरह हटा दिए हैं। जनरल प्रिंसिपल्स एंड प्रोसेसेस ऑफ आइसोलेशन ऑफ एलिमेंट को हटाया है जो कि जेईई मेंस में जरूर आता हैं। पॉलीमॉर्स का चैप्टर हटाया है। केमिस्ट्री इन डेली लाइफ को भी हटा दिया है। इसमें से अधिकांश टॉपिक इंजीनियरिंग की परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
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दीवान पब्लिक स्कूल में केमिस्ट्री की शिक्षिका हनी गुप्ता के अनुसार बोर्ड ने केमिस्ट्री से कई टॉपिक कम किए हैं। 12वीं में तीन यूनिट पूरी तरह से हटा दी हैं। शेष यूनिट से भी छोटे-छोटे टॉपिक हटाए हैं। हालांकि इन टॉपिक्स को हटाने पर बेसिक कॉन्सेप्ट पर कोई असर नहीं पड़ा है, लेकिन हटाए गए सभी टॉपिक प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए जरूरी हैं।
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डेरिवेशन, फंडामेंटल गणित से हुआ कम
11वीं और 12वीं के गणित विषय में पूरे चैप्टर तो नहीं हटाए हैं, लेकिन गणित में ग्राफिक बेस थ्योरी को हटा दिया है। केएल इंटरनेशनल के शिक्षक यमित गोयल के अनुसार कैलकुलस के लॉन्ग क्वेश्चन वाले टॉपिक को भी हटाया है। फंडामेंटल टॉपिक्स को भी हटा दिया है। 11वीं में प्रिंसिपल ऑफ मैथमेटिकल इंडक्शन, जोमेट्री, मैथमेटिकल रीजनिंग फंडामेंटल टॉपिक्स को भी हटाया है। कुछ डेरिवेशन और ग्राफ भी हटाए हैं।
परपेंडिक्युलर और रिफ्लेक्शन के न्यूमेरिकल्स हटे
केएल इंटरनेशनल स्कूल में फिजिक्स के शिक्षक प्रतीक अरोरा के अनुसार फिजिक्स से इंवेस्टिगेटरी प्रोजेक्ट और एक्टिविटी हटाई है। आठ एक्सपेरिमेंट हटाए हैं। इसमें साइक्लोट्रॉन, क्राफ्ट्स, रिफ्लेक्शन के न्यूमेरिकल्स हैं। 11वीं कक्षा में एप्लीकेशन ऑफ परपेंडिकुलर एंड पैरेलल एक्सिस को हटाया है। पोजीशन वाले क्वेश्चन के टॉपिक भी हटाए हैं ये सभी कंपटीशन के लिए बहुत जरूरी हैं।
पंचवर्षीय योजनाओं को अब नहीं पढेंगे छात्र
केएल स्कूल की शिक्षिका पूजा शर्मा ने बताया सीबीएसई ने पॉलिटिकल साइंस के सिलेबस से पंचवर्षीय योजनाओं को हटा दिया है। उसके स्थान पर केवल नीति आयोग को ही विद्यार्थी पड़ेंगे। 12वीं के राजनीती शास्त्र से सिक्योरिटी इन द कंटेंपरेरी वर्ल्ड, एनवायरमेंट एंड नेचुरल रिसोर्स, रीजनल एक्सप्रेशन को हटाया है। डेवलपमेंट प्लानिंग कमिशन एंड फाइव ईयर प्लांस को भी पूरी तरह हटा दिया गया है। कंटेंपरेरी साउथ एशिया, इंडिया रिलेशन को भी हटाया है।
इसके अलावा 11वीं क्लास में स्थानीय सरकार के महत्व से संबंधित टॉपिक भी हटा दिया है। वहीं अब छात्र 1962 का चाइना वॉर, चाइना की औद्योगिक क्रांति और चाइना से भारत के रिश्ते जैसे टॉपिक्स पढ़ेंगे। उधर हिंदुस्तान से म्यांमार, भूटान, नेपाल व पाकिस्तान निकटवर्ती देशों के साथ रिश्तों से जुड़े चैप्टर को हटा दिया गया है। हरित क्रांति के बाद जो इकनोमिक डेवलपमेंट हुआ उसके लाभ को रखा है बाकी अन्य बिंदुओं को हटा दिया गया है।