मुंह में कपड़ा ठूंसकर बेरहमी से मार डाला, ये रही हत्या के पीछे की वजह
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भाई की हत्या में गवाह देवराज हत्याकांड में पुलिस ने मुख्य आरोपी देवराज के भाई ऋषिपाल उसकी पत्नी ब्रजेश, दो बेटों आदेश और सुधीर को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया।
एसपी देहात राजेश कुमार के अनुसार मुंडाली क्षेत्र के डेरियो रछौती गांव निवासी बाबूराम गुर्जर के चार बेटों देवराज, ऋषिपाल, राजेश उर्फ राजे और विक्रम में जमीन को लेकर कई बार विवाद हुआ था। 16 जुलाई 2017 को राजेश की हत्या कर शव पेड़ पर लटका दिया गया था। भाई की हत्या के मामले में ऋषिपाल, उसके बेटे सोनू, सुधीर और आदेश जेल गए थे। राजेश हत्याकांड में दूसरा भाई देवराज सिंह केस का वादी होने के साथ चश्मदीद गवाह भी था। करीब 15 दिन पहले ही हत्यारोपी जमानत पर जेल से आए थे। आरोप था कि केस में समझौता करने का देवराज पर दबाव बना रहे थे। लेकिन देवराज ने विरोध करते हुए कहा था वह कोर्ट में गवाही देगा। शनिवार सुबह देवराज का शव पेड़ पर लटका मिला था।
इसलिए पहुंचा था डॉग स्क्वायड
एसपी देहात के अनुसार शनिवार को घटनास्थल पर डॉग स्क्वायड और फील्ड यूनिट की टीम पहुंची थी तो पुलिस का खोजी डॉग सूंघते हुए उसी घर में पहुंच गया था, जहां से देवराज को मारकर लाया गया था। वहीं, देवराज मर्डर केस के फरार अन्य आरोपियों सोनू पुत्र ऋषिपाल, सोनू की पत्नी डिंपल और राजेश के बेटे की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही हैं।
पढ़ें : पिता को गोलियां चलाते देख... बेटी ने कहा- पापा तुमने ये क्या कर डाला
शव पहुंचते ही मचा कोहराम
पोस्टमार्टम के बाद देवराज का शव घर पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया। परिवार के लोगों का रो रोकर बुरा हाल था। ग्रामीणों में भाइयों के बीच जमीन के विवाद को लेकर भी चर्चा रही। कहा कि क्या जमीन साथ जाएगी। उधर, सुरक्षा की दृष्टि से देवराज के घर पर मुंडाली थाने से एक दरोगा समेत तीन पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
फैसला नहीं किया तो मरना ही था
एसपी देहात के अनुसार मुख्य आरोपी ऋषिपाल ने शुक्रवार शाम को ही देवराज की हत्या की प्लानिंग बना ली थी। रात में आरोपी सोए नहीं थे और देवराज पर ही नजर रखे हुए थे। शुक्रवार रात करीब 12:30 बजे जैसे ही देवराज अपने घर में कमरे से बाहर टॉयलेट के लिए निकला तो पहले से घात लगाए बैठे ऋषिपाल के बेटे आदेश और सुधीर ने उसे पीछे से आकर दबोच लिया। देवराज शोर न मचा सके इसके लिए उसके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया था और उसे घसीटते हुए बाहर की तरफ ले आए।
वहीं, ऋषिपाल और उसकी पत्नी बृजेश व तीसरा बेटा भी आ गया। देवराज ने बचाव के लिए कोशिश भी की। लेकिन आरोपियों की संख्या इतनी थी कि उसे बचने तक का मौका भी नहीं दिया। देवराज ने हाथ भी जोड़े। लेकिन ऋषिपाल ने सीने पर पैर रख दिया था। उसके बाद रस्सी से उसका गला दबा दिया। मौत की तसल्ली करने के बाद पहले देवराज को कुछ दूर तक गोद में उठाकर ले गए थे। बाद में आदेश ने देवराज के शव को अपने कंधे पर रखा। पीछे से पैर सुधीर ने पकड़ रखे थे। गेहूं के खेत में नीम के पेड़ पर देवराज का शव लटका दिया था, जिससे पुलिस और गांव के लोग समझें कि देवराज ने फांसी लगाई है।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/