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हाईकोर्ट बेंच के लिए प्रत्येक माह दूसरे और चौथे बुधवार को भी हड़ताल
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हाईकोर्ट बेंच के लिए प्रत्येक माह दूसरे और चौथे बुधवार को भी हड़ताल
मेरठ। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की मांग, न्याय शुल्क में वृद्धि के विरोध और कचहरी में सुरक्षा के इंतजाम को लेकर केंद्रीय संघर्ष समिति की बैठक हुई। हाईकोर्ट बेंच के लिए प्रत्येक माह के दूसरे व चौथे बुधवार को अधिवक्ता न्यायिक कार्य नहीं करेंगे। 29 व 30 सितंबर और एक अक्तूबर को भी अधिवक्ता कार्य नहीं करेंगे। गाजियाबाद एसोसिएशन के सचिव मनमोहन शर्मा एडवोकेट ने शीघ्र ही बेंच की मांग पूरी नहीं होने पर आत्मदाह की चेतावनी दी।
केंद्रीय संघर्ष समिति की बैठक पंडित नानक चंद सभागार में हुई। बिजनौर, नगीना, हापुड़, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, कैराना, देवबंद, बागपत, सरधना समेत अन्य जिलों और तहसीलों के अध्यक्ष और महामंत्री शामिल हुए। बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के सदस्य हरी शंकर सिंह भी मौजूद रहे। निर्णय लिया गया कि हाईकोर्ट बेंच स्थापना के लिए करीब 50 वर्षों से अधिक समय से चली आ रही शनिवार की हड़ताल के अलावा अब प्रत्येक माह के दूसरे व चौथे बुधवार को जिला मुख्यालयों, तहसीलों के अधिवक्ता और रजिस्ट्री कार्यालय के अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे। यही नहीं प्रत्येक शनिवार को प्रत्येक जिले की बार एसोसिएशन अपने-अपने जिलों के सांसद, विधायक एवं मंत्री का घेराव करेंगे।
आंदोलन को सोशल मीडिया से गति दिए जाने की जिम्मेदारी सिविल बार एसोसिएशन मुजफ्फरनगर के महामंत्री बिजेंद्र सिंह मलिक को दी गई।
न्यायिक शुल्क पर 10 गुना टिकट वृद्धि किए जाने पर अधिवक्ताओं ने आक्रोश जताया। निर्णय को वापस लेने की मांग रखी, साथ ही इसके विरोध में एक अक्तूबर को न्यायिक कार्यों से विरत रहने का निर्णय लिया गया। कचहरी परिसरों में अधिवक्ताओं, वादकारियों एवं कर्मचारियों की सुरक्षा न होने पर नाराजगी जताई। निर्णय लिया गया कि 30 सितंबर को न्यायिक कार्य विरत रहकर अपने जिले एवं तहसीलों में आम सभा आयोजित कर सुरक्षा को पुख्ता किए जाने के लिए रणनीति तैयार कर उस पर कार्यवाही कराना सुनिश्चित करेंगे।
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अध्यक्षता चेयरमैन महावीर सिंह त्यागी और संचालन संयोजक सचिन चौधरी अधिवक्ता ने किया। इस मौके पर संजीव कुमार, मोहम्मद नईम, अजीत सिंह चौधरी, रविंद्र सिंह निमेश, कलीराम, अरुण शर्मा, मुनीश त्यागी, मनमोहन शर्मा, पूनम गुप्ता, परमजीत सिंह, अशोक कुमार, ठाकुर सुंदर कुमार सिंह और सुगंध जैन मौजूद रहे।
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मेरठ। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की मांग, न्याय शुल्क में वृद्धि के विरोध और कचहरी में सुरक्षा के इंतजाम को लेकर केंद्रीय संघर्ष समिति की बैठक हुई। हाईकोर्ट बेंच के लिए प्रत्येक माह के दूसरे व चौथे बुधवार को अधिवक्ता न्यायिक कार्य नहीं करेंगे। 29 व 30 सितंबर और एक अक्तूबर को भी अधिवक्ता कार्य नहीं करेंगे। गाजियाबाद एसोसिएशन के सचिव मनमोहन शर्मा एडवोकेट ने शीघ्र ही बेंच की मांग पूरी नहीं होने पर आत्मदाह की चेतावनी दी।
केंद्रीय संघर्ष समिति की बैठक पंडित नानक चंद सभागार में हुई। बिजनौर, नगीना, हापुड़, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, कैराना, देवबंद, बागपत, सरधना समेत अन्य जिलों और तहसीलों के अध्यक्ष और महामंत्री शामिल हुए। बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के सदस्य हरी शंकर सिंह भी मौजूद रहे। निर्णय लिया गया कि हाईकोर्ट बेंच स्थापना के लिए करीब 50 वर्षों से अधिक समय से चली आ रही शनिवार की हड़ताल के अलावा अब प्रत्येक माह के दूसरे व चौथे बुधवार को जिला मुख्यालयों, तहसीलों के अधिवक्ता और रजिस्ट्री कार्यालय के अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे। यही नहीं प्रत्येक शनिवार को प्रत्येक जिले की बार एसोसिएशन अपने-अपने जिलों के सांसद, विधायक एवं मंत्री का घेराव करेंगे।
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आंदोलन को सोशल मीडिया से गति दिए जाने की जिम्मेदारी सिविल बार एसोसिएशन मुजफ्फरनगर के महामंत्री बिजेंद्र सिंह मलिक को दी गई।
न्यायिक शुल्क पर 10 गुना टिकट वृद्धि किए जाने पर अधिवक्ताओं ने आक्रोश जताया। निर्णय को वापस लेने की मांग रखी, साथ ही इसके विरोध में एक अक्तूबर को न्यायिक कार्यों से विरत रहने का निर्णय लिया गया। कचहरी परिसरों में अधिवक्ताओं, वादकारियों एवं कर्मचारियों की सुरक्षा न होने पर नाराजगी जताई। निर्णय लिया गया कि 30 सितंबर को न्यायिक कार्य विरत रहकर अपने जिले एवं तहसीलों में आम सभा आयोजित कर सुरक्षा को पुख्ता किए जाने के लिए रणनीति तैयार कर उस पर कार्यवाही कराना सुनिश्चित करेंगे।
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अध्यक्षता चेयरमैन महावीर सिंह त्यागी और संचालन संयोजक सचिन चौधरी अधिवक्ता ने किया। इस मौके पर संजीव कुमार, मोहम्मद नईम, अजीत सिंह चौधरी, रविंद्र सिंह निमेश, कलीराम, अरुण शर्मा, मुनीश त्यागी, मनमोहन शर्मा, पूनम गुप्ता, परमजीत सिंह, अशोक कुमार, ठाकुर सुंदर कुमार सिंह और सुगंध जैन मौजूद रहे।