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Meerut News: ई-रजिस्ट्री के विरोध में चल रही हड़ताल समाप्त, आज से पूर्व की भांति होगा कार्य
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संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। ई-रजिस्ट्री नियमावली 2024 के विरोध में अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों एवं स्टाम्प वेंडरों द्वारा पिछले 20 दिनों से चल रही हड़ताल मंगलवार को समाप्त कर दी गई। बुधवार आज से जनपद के सभी रजिस्ट्री कार्यालयों में पूर्व की भांति कार्य प्रारंभ होगा।
केंद्रीय संघर्ष समिति के अध्यक्ष अनुज शर्मा, संयोजक परवेज आलम तथा उत्तर प्रदेश दस्तावेज लेखक एसोसिएशन के प्रदेश संरक्षक संजय गुप्ता ने संयुक्त रूप से बताया कि ई-रजिस्ट्री नियमावली 2024 के कई प्रावधानों में रजिस्ट्री संबंधी कार्य निजी संस्थाओं से कराए जाने का प्रावधान किया गया था। इसके अतिरिक्त नियमावली के कई अन्य प्रावधान भी जनहित के प्रतिकूल थे, जिसके विरोध में प्रदेश व्यापी आंदोलन चलाया जा रहा था।
उन्होंने बताया कि सोमवार को केंद्रीय संघर्ष समिति के नेतृत्व में अधिवक्ताओं एवं दस्तावेज लेखकों का एक प्रतिनिधिमंडल लखनऊ में आईजी स्टाम्प नेहा शर्मा से मिला। प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ अधिवक्ता मनोज गुप्ता, वसीम एडवोकेट, फराज़ खान, नवीन शर्मा, सुधीर मलिक, जीपी सलोनिया, संजय कटारिया सहित विभिन्न जनपदों से आए संगठन के पदाधिकारी शामिल रहे।
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अधिवक्ताओं ने वार्ता के दौरान उच्च अधिकारियों को इस नियमावली की खामियों से अवगत कराया इसके बाद आईजी स्टाम्प नेहा शर्मा ने 4 जून को जारी उस विवादित पत्र को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की घोषणा की, जिसके कारण यह आंदोलन प्रारंभ हुआ था। साथ ही प्रतिनिधिमंडल द्वारा ई-रजिस्ट्री नियमावली 2024 की विभिन्न खामियों एवं आपत्तियों से भी उन्हें अवगत कराया गया। आईजी ने इन आपत्तियों पर सहमति व्यक्त करते हुए स्वीकार किया कि नियमावली के कुछ प्रावधानों में संशोधन आवश्यक है।
मंगलवार को आईजी कार्यालय से इस संबंध में आधिकारिक पत्र जारी होने के बाद केंद्रीय संघर्ष समिति ने हड़ताल समाप्त करने की घोषणा कर दी। इसके उपरांत धरना स्थल पर अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों एवं स्टाम्प वेंडरों ने एक-दूसरे को फूल अर्पित कर एवं फूलों की होली खेलकर अपनी जीत का जश्न मनाया।
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मेरठ। ई-रजिस्ट्री नियमावली 2024 के विरोध में अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों एवं स्टाम्प वेंडरों द्वारा पिछले 20 दिनों से चल रही हड़ताल मंगलवार को समाप्त कर दी गई। बुधवार आज से जनपद के सभी रजिस्ट्री कार्यालयों में पूर्व की भांति कार्य प्रारंभ होगा।
केंद्रीय संघर्ष समिति के अध्यक्ष अनुज शर्मा, संयोजक परवेज आलम तथा उत्तर प्रदेश दस्तावेज लेखक एसोसिएशन के प्रदेश संरक्षक संजय गुप्ता ने संयुक्त रूप से बताया कि ई-रजिस्ट्री नियमावली 2024 के कई प्रावधानों में रजिस्ट्री संबंधी कार्य निजी संस्थाओं से कराए जाने का प्रावधान किया गया था। इसके अतिरिक्त नियमावली के कई अन्य प्रावधान भी जनहित के प्रतिकूल थे, जिसके विरोध में प्रदेश व्यापी आंदोलन चलाया जा रहा था।
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उन्होंने बताया कि सोमवार को केंद्रीय संघर्ष समिति के नेतृत्व में अधिवक्ताओं एवं दस्तावेज लेखकों का एक प्रतिनिधिमंडल लखनऊ में आईजी स्टाम्प नेहा शर्मा से मिला। प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ अधिवक्ता मनोज गुप्ता, वसीम एडवोकेट, फराज़ खान, नवीन शर्मा, सुधीर मलिक, जीपी सलोनिया, संजय कटारिया सहित विभिन्न जनपदों से आए संगठन के पदाधिकारी शामिल रहे।
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अधिवक्ताओं ने वार्ता के दौरान उच्च अधिकारियों को इस नियमावली की खामियों से अवगत कराया इसके बाद आईजी स्टाम्प नेहा शर्मा ने 4 जून को जारी उस विवादित पत्र को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की घोषणा की, जिसके कारण यह आंदोलन प्रारंभ हुआ था। साथ ही प्रतिनिधिमंडल द्वारा ई-रजिस्ट्री नियमावली 2024 की विभिन्न खामियों एवं आपत्तियों से भी उन्हें अवगत कराया गया। आईजी ने इन आपत्तियों पर सहमति व्यक्त करते हुए स्वीकार किया कि नियमावली के कुछ प्रावधानों में संशोधन आवश्यक है।
मंगलवार को आईजी कार्यालय से इस संबंध में आधिकारिक पत्र जारी होने के बाद केंद्रीय संघर्ष समिति ने हड़ताल समाप्त करने की घोषणा कर दी। इसके उपरांत धरना स्थल पर अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों एवं स्टाम्प वेंडरों ने एक-दूसरे को फूल अर्पित कर एवं फूलों की होली खेलकर अपनी जीत का जश्न मनाया।