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सख्ती की तो विभाग में ही पैदा हो गए विभिषण
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 08 Jun 2017 03:00 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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आईटी रेड पड़ने के बाद आरटीओ ममता शर्मा बुधवार को आफिस पहुंची। आफिस आने के बाद उन्होंने जरूरी फाइलें निपटाई और आरआई राजेंद्र सिंह से आफिस में चल रही प्रगति के बारे में बात की। आईटी रेड के सवाल पर उन्होेंने कहा कि विभाग को पटरी पर लाने के लिए सख्ती की तो कुछ मठाधीशों को यह नागवार गुजरा और विभीषण का काम किया।
गत 24 मई को आरटीओ ममता शर्मा और उनके नजदीकी माने जाने वाले परमिट बाबू रामगोपाल व वाहन पंजीकरण अनुभाग के बाबू सुधीर सक्सेना के यहां छापा मारा था। रेड से पहले ही आरटीओ ममता शर्मा छुट्टी पर चल रही थी। रेड के बाद गाजियाबाद के आरटीओ सिटी एके सिंह को यहां का अतिरिक्त चार्ज दिया गया था। रेड के चलते ममता शर्मा के मुख्यालय से अटैच करने की चर्चा चल रही थी। लेकिन बुधवार को वे आफिस पहुंची और उन्होंने कुछ देर तक कार्य किया। सूचना पर पहुंचे अमर उजाला संवाददाता से रेड की बाबत बातचीत करते हुए कहा कि उन्होंने विभाग हित में सख्ती की और लंबे समय से एक ही पटल पर जमे कुछ मठाधीश बाबुओं को इधर से उधर किया तो वे ही विभीषण बन गए। कुछ बाबुओं की कारगुजारी के चलते उन पर भी रेड हुई। उन्होंने अपने कैरियर में कभी भी विभागीय हितों के खिलाफ कार्य नहीं किया है। ममता शर्मा ने बताया कि उनका स्वास्थ्य अभी पूरी तरह ठीक नहीं है इसलिए डीटीसी से मेडिकल लीव स्वीकृत कराने जा रही है। करीब दो घंटा आफिस में रुकने के बाद वे चली गई।
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गत 24 मई को आरटीओ ममता शर्मा और उनके नजदीकी माने जाने वाले परमिट बाबू रामगोपाल व वाहन पंजीकरण अनुभाग के बाबू सुधीर सक्सेना के यहां छापा मारा था। रेड से पहले ही आरटीओ ममता शर्मा छुट्टी पर चल रही थी। रेड के बाद गाजियाबाद के आरटीओ सिटी एके सिंह को यहां का अतिरिक्त चार्ज दिया गया था। रेड के चलते ममता शर्मा के मुख्यालय से अटैच करने की चर्चा चल रही थी। लेकिन बुधवार को वे आफिस पहुंची और उन्होंने कुछ देर तक कार्य किया। सूचना पर पहुंचे अमर उजाला संवाददाता से रेड की बाबत बातचीत करते हुए कहा कि उन्होंने विभाग हित में सख्ती की और लंबे समय से एक ही पटल पर जमे कुछ मठाधीश बाबुओं को इधर से उधर किया तो वे ही विभीषण बन गए। कुछ बाबुओं की कारगुजारी के चलते उन पर भी रेड हुई। उन्होंने अपने कैरियर में कभी भी विभागीय हितों के खिलाफ कार्य नहीं किया है। ममता शर्मा ने बताया कि उनका स्वास्थ्य अभी पूरी तरह ठीक नहीं है इसलिए डीटीसी से मेडिकल लीव स्वीकृत कराने जा रही है। करीब दो घंटा आफिस में रुकने के बाद वे चली गई।
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