मेरठ में शालीमार एक्सप्रेस पर पथराव, शीशा तोड़ा, कैंट स्टेशन से निकलते ही हुई घटना
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गुरुवार को दिल्ली से देरी से पहुंची शालीमार एक्सप्रेस शाम करीब साढ़े छह बजे कैंट स्टेशन पर रुककर चली थी। जैसे ही ट्रेन गांव जिटौली के निकट पहुंची तो कुछ शरारती तत्वों ने ट्रेन पर पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। कई कोचों में पत्थर लगने पर यात्रियों में शोर मच गया। पथराव से सेकेंड एसी के कोच ए-2 का शीशा क्षतिग्रस्त हो गया।
यात्रियों के शोर मचाने के बाद लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया। ट्रेन की एस्कॉर्ट ने उतरकर मामले की जांच की। इसकी जानकारी कंट्रोल के माध्यम से आरपीएफ को दी गई। आरपीएफ इंस्पेक्टर ने तुरंत टीम को घटनास्थल पर भेजा।
करीब बीस मिनट तक ट्रेन आउटर पर ही खड़ी रही। सात बजे ट्रेन जम्मू के लिए रवाना हो पाई। इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार ने बताया कि ट्रेन परपत्थर बरसाने की सूचना मिली थी। तुरंत ही टीम को भेज दिया था। ट्रेन पर पत्थर बरसाने वाले हाथ नहीं लगे। मामले की जांच कराई जा रही है।
सिटी स्टेशन पर तिरंगा लगवाने की मांग
दूसरी ओर सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने रेल मंत्री पीयूष गोयल को पत्र भेजकर सिटी स्टेशन पर तिरंगा स्थापित कराने की मांग की है। सांसद का कहना है कि रेलवे देश के 75 सर्वाधिक व्यस्त स्टेशनों पर 100 मीटर तिरंगा स्थापित कराने जा रहा है। मेरठ क्रांतिधरा है। स्वतंत्रता के लिए हुए संघर्ष में मेरठ का विशिष्ट स्थान है। इसलिए सिटी स्टेशन पर भी तिरंगा लगवाया जाना जरूरी है।
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