एसटीएफ ने की छापेमारी, नकली मोबिल ऑयल रैकेट का भंडाफोड़
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मेरठ में एसटीएफ और टीपी नगर थाना पुलिस ने शनिवार को बेरीपुरा और ट्रांसपोर्ट नगर में छापामारी कर नकली मोबिल ऑयल रैकेट का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने दो अलग-अलग स्थानों से 28 सौ लीटर नकली मोबिल ऑयल, भारी संख्या में ब्रांडेड कंपनियों के डिब्बे बरामद करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जिनसे देर रात तक पूछताछ की जा रही थी।
एसटीएफ को सूचना मिल रही थी कि ट्रांसपोर्ट नगर थाना क्षेत्र में नकली मोबिल ऑयल को ब्रांडेड कंपनियों के डिब्बों में पैकिंग कर बेचा जा रहा है। जिसके बाद शनिवार रात सीओ एसटीएफ ब्रिजेश कुमार और एसओ टीपीनगर ब्रिजेश शर्मा ने टीपी नगर थाना क्षेत्र के बेरीपुरा स्थित एक गोदाम में छापा मारा। इस दौरान दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया गया। मौके से भारी संख्या में मोबिल ऑयल के डिब्बे और ड्रम बरामद कि गए। पुलिस ने गोदाम से नितिन पुत्र सुरेश और सनी पुत्र बप्पन निवासी बेरीपुरा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस और एसटीएफ ने गोदाम से बरामद नकली इंजन ऑयल को कब्जे में लेकर थाने भेजकर जांच कराई। उसके बाद ट्रांसपोर्ट नगर में भी एक गोदाम पर छापा मारा गया। एसटीएफ और पुलिस की छापेमारी से दुकानदारों और अन्य लोगों में हड़कंप मच गया। गोदाम मालिक मौके से फरार हो गया। गोदाम का असली मालिक कौन है, इसकी पुलिस जांच कर रही है। पुलिस और एसटीएफ की अलग-अलग टीमों ने दिल्ली रोड समेत कई स्थानों पर दबिश दी है। देर रात टीपीनगर थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
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पुराने इंजन ऑयल का भी धंधा
सीओ एसटीएफ ने बताया कि जांच में सामने आया कि शहर में सर्विस सेंटरों और अन्य दुकानों से पुराना इंजन ऑयल खरीदा जाता था। जिसे गोदाम में मशीनों से साफ कर उसमें केमिकल और अन्य कई पदार्थ मिलाकर उससे भी नकली इंजन ऑयल बनाया जाता था।
बड़ी संख्या में ब्रांडेड कंपनी के डिब्बे बरामद
सीओ एसटीएफ ने बताया कि पकड़े गए दोनों आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वह गोदाम में करीब सात माह से काम कर रहे थे। कच्चे इंजन ऑयल को फैक्ट्री में लाया जाता था। उसके बाद उसमें केमिकल और एक पेट्रोलियम पदार्थ मिलाकर इंजन ऑयल बनाया जाता था। अलग-अलग दिखाने के लिए उसमें रंग भी मिलाया जाता था। सीओ के अनुसार मौके से कैस्ट्राल, एचपी, सर्वो और कई अन्य कंपनियों के भारी संख्या में खाली और पैकिंग किए गए डिब्बे बरामद किए गए हैं।
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