यूपी में 10 अधिकारियों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना, ये रही बड़ी वजह
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सहारनपुर में राज्य सूचना आयुक्त हाफिज उस्मान ने सोमवार को वादों की सुनवाई करते हुए मुजफ्फरनगर, शामली और बिजनौर के दस अधिकारियों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इंदिरा आवास के बारे में रामपुर जिले से एक व्यक्ति द्वारा मांगी गई जानकारी पर उन्होंने बताया कि टाह कलां ग्राम पंचायत में अपात्र व्यक्तियों को 21 आवास दिए जाने के मामले में वसूली के लिए नोटिस जारी करने के साथ तीन अधिकारियों को निलंबित किया गया है। इंदिरा आवास योजना के तहत 43 अपात्र लाभार्थियों को जारी प्रथम किश्त के रूप में पंद्रह लाख पांच हजार रुपये भी वसूले गए हैं।
राज्य सूचना आयुक्त हाफिज उस्मान ने कलक्ट्रेट परिसर में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि दस अधिकारियों पर 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया गया है। इनमें जिला निर्वाचन अधिकारी शामली, मुख्य विकास अधिकारी बिजनौर, जिला विद्यालय निरीक्षक मुजफ्फरनगर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी मुजफ्फरनगर, जिला पंचायत राज अधिकारी मुजफ्फरनगर, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुजफ्फरनगर, अधिशासी अभियंता विद्युत मुजफ्फरनगर, जिला समाज कल्याण अधिकारी शामली, रोड साइड लैंड कंट्रोल आफिसर बिजनौर और अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड प्रथम शामली शामिल हैं।
सूचना आयुक्त ने बताया कि जिला रामपुर निवासी रिफाकत अली ने वहां के मुख्य विकास अधिकारी से सूचना के अधिकार के तहत कुछ बिंदुओं पर जानकारी मांगी थी। ग्राम पंचायत टाह कलां के पूर्व एवं वर्तमान प्रधान और सचिवों द्वारा इंदिरा आवास योजना में धांधली का आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की थी। इस पर आयोग ने वहां के सीडीओ को 30 दिन के अंदर वादी को सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए। इस मामले में मोहसिन ने उपस्थित होकर बताया कि शिकायत के आधार पर जांच के लिए समिति का गठन किया गया था। गंभीर अनियमितताओं की जिला बचत अधिकारी एवं विकलांग कल्याण अधिकारी जांच की गई।
उन्होंने बताया कि स्पिलिट परिवारों के नाम फैमिली आईडी में नहीं पाए जाने पर 43 लाभार्थियों प्रथम किश्त के पंद्रह लाख पांच हजार रुपये को आयुक्त ग्राम्य विकास के पक्ष में जमा करा दिए हैं। उन्होंने बताया कि सुनवाई में उपस्थित मोहसिन ने बताया कि ग्राम पंचायत टाह कलां में 21 अपात्र लोगों का चयन करने पर तत्कालीन सहायक विकास अधिकारी अनुज राणा, ग्राम पंचायत अधिकारी जोगेंद्रपाल सिंह और उर्दू अनुवादक, सह वरिष्ठ लिपिक शाहिद अली को गलत फोटो अपलोड करने और अपात्रों के चयन में दोषी पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि तत्कालीन खंड विकास अधिकारी स्वार के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई संस्थित करने और सभी अपात्र व्यक्तियों से वसूली के नोटिस जारी किए गए हैं।
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