{"_id":"5fb437a58ebc3e9c0873eb73","slug":"state-finance-minister-justified-the-demand-of-farmers-city-news-mrt511375739","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रदेश वित्त मंत्री ने किसानों की मांग को बताया जायज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रदेश वित्त मंत्री ने किसानों की मांग को बताया जायज
विज्ञापन
प्रदेश वित्त मंत्री ने किसानों की मांग को बताया जायज
दिल्ली- मेरठ एक्सप्रेस-वे
मेरठ। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे से प्रभावित किसानों के समर्थन में प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखा है। उन्होंने किसान कल्याण समिति के बैनर तले मांगी जा रही मांगों को विस्तार से लिखा है। वित्त मंत्री ने कहा है कि किसानों द्वारा की जा रही मांग औचित्यपूर्ण और विचार करने योग्य हैं।
किसान भूमि अधिग्रहण से प्रभावित परिवार को पुनर्वास के लिए पांच लाख 50 हजार रुपये देने की मांग कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि एनएचएआई की तरफ से सिर्फ ऐसे किसानों को इस धनराशि को दिया गया है जो सिर्फ भूमिहीन और आवास विहीन हो गए हैं। उन्होंने इसके लिए गौतमबुद्धनगर और गाजियाबाद के उदाहरण भी दिए हैं। इस पर वित्त मंत्री ने एनएचएआई के फैसले को उचित नहीं बताया है। पिछले 38 दिनों से किसान मोदीनगर तहसील में धरना दे रहे हैं। इसमें गाजियाबाद के 20 गांव और मेरठ के पांच गांव शामिल हैं। मेरठ के काशी, सोलाना, अच्छरोंडा, भूड़बराल और परतापुर शामिल हैं। मेरठ जिले के अंतिम गांव सोलाना में एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर किसानों के आवागमन के लिए सर्विस रोड की मांग भी की जा रही है। मेरठ से धरने में महबूब अली, हाजी जुनैद आदि डटे हुए हैं।
विज्ञापन
दिल्ली- मेरठ एक्सप्रेस-वे
मेरठ। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे से प्रभावित किसानों के समर्थन में प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखा है। उन्होंने किसान कल्याण समिति के बैनर तले मांगी जा रही मांगों को विस्तार से लिखा है। वित्त मंत्री ने कहा है कि किसानों द्वारा की जा रही मांग औचित्यपूर्ण और विचार करने योग्य हैं।
किसान भूमि अधिग्रहण से प्रभावित परिवार को पुनर्वास के लिए पांच लाख 50 हजार रुपये देने की मांग कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि एनएचएआई की तरफ से सिर्फ ऐसे किसानों को इस धनराशि को दिया गया है जो सिर्फ भूमिहीन और आवास विहीन हो गए हैं। उन्होंने इसके लिए गौतमबुद्धनगर और गाजियाबाद के उदाहरण भी दिए हैं। इस पर वित्त मंत्री ने एनएचएआई के फैसले को उचित नहीं बताया है। पिछले 38 दिनों से किसान मोदीनगर तहसील में धरना दे रहे हैं। इसमें गाजियाबाद के 20 गांव और मेरठ के पांच गांव शामिल हैं। मेरठ के काशी, सोलाना, अच्छरोंडा, भूड़बराल और परतापुर शामिल हैं। मेरठ जिले के अंतिम गांव सोलाना में एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर किसानों के आवागमन के लिए सर्विस रोड की मांग भी की जा रही है। मेरठ से धरने में महबूब अली, हाजी जुनैद आदि डटे हुए हैं।
विज्ञापन