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Meerut News: श्री दिव्य वेद, पुराण और गीता पाठ्यक्रम का समापन
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मोदीपुरम - कृषि विवि में श्री दिव्य, वेद पुराण कार्यक्रम में शामिल अतिथि।
संवाद न्यूज एजेंसी
मोदीपुरम। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ आर्ट एंड कल्चर, लैग्वेजेज एंड ट्रेड और सेंटर फॉर इंटरनेशनल रिलेशन्स के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित श्री दिव्य वेद, पुराण और गीता मूल्यवर्धित प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम का भव्य समापन हुआ।
समारोह में विद्यार्थियों, शिक्षकों, विद्वानों और आध्यात्मिक साधकों ने प्रतिभाग किया। पाठ्यक्रम 18 अप्रैल से चल रहा था। पाठ्यक्रम के निदेशक डॉ. पुष्पेंद्र कुमार रहे। संयोजक की भूमिका डॉ. हर्ष पंवार ने निभाई। सह-संयोजक डॉ. आशा बिष्ट एवं इं. खुशबू रॉय ने संचालन किया।पाठ्यक्रम के दौरान आत्मा, कर्म, धर्म, मोक्ष, जीवन का उद्देश्य एवं आत्मबोध जैसे गंभीर विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तार से चर्चा की गई। इन सत्रों ने प्रतिभागियों में आध्यात्मिक चेतना के साथ-साथ सकारात्मक जीवन दृष्टि और नैतिक मूल्यों की समझ विकसित की। मुख्य अतिथि कुलपति डॉ. त्रिवेणी दत्त व विशिष्ट अतिथि मेजर दीप अहलावत (कुलपति, मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय) ने प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए। लक्ष्मी मिश्रा वित्त नियंत्रक, मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय ने सत्संग एवं आध्यात्मिक संगति के महत्व पर विचार व्यक्त किए। प्रतिभागियों को मोदीपुरम स्थित इस्कॉन मंदिर में दर्शन के लिए भी ले जाया गया। विशेषज्ञ वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि वेद, पुराण और गीता केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाले गहन ज्ञान के स्रोत हैं।
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मोदीपुरम। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ आर्ट एंड कल्चर, लैग्वेजेज एंड ट्रेड और सेंटर फॉर इंटरनेशनल रिलेशन्स के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित श्री दिव्य वेद, पुराण और गीता मूल्यवर्धित प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम का भव्य समापन हुआ।
समारोह में विद्यार्थियों, शिक्षकों, विद्वानों और आध्यात्मिक साधकों ने प्रतिभाग किया। पाठ्यक्रम 18 अप्रैल से चल रहा था। पाठ्यक्रम के निदेशक डॉ. पुष्पेंद्र कुमार रहे। संयोजक की भूमिका डॉ. हर्ष पंवार ने निभाई। सह-संयोजक डॉ. आशा बिष्ट एवं इं. खुशबू रॉय ने संचालन किया।पाठ्यक्रम के दौरान आत्मा, कर्म, धर्म, मोक्ष, जीवन का उद्देश्य एवं आत्मबोध जैसे गंभीर विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तार से चर्चा की गई। इन सत्रों ने प्रतिभागियों में आध्यात्मिक चेतना के साथ-साथ सकारात्मक जीवन दृष्टि और नैतिक मूल्यों की समझ विकसित की। मुख्य अतिथि कुलपति डॉ. त्रिवेणी दत्त व विशिष्ट अतिथि मेजर दीप अहलावत (कुलपति, मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय) ने प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए। लक्ष्मी मिश्रा वित्त नियंत्रक, मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय ने सत्संग एवं आध्यात्मिक संगति के महत्व पर विचार व्यक्त किए। प्रतिभागियों को मोदीपुरम स्थित इस्कॉन मंदिर में दर्शन के लिए भी ले जाया गया। विशेषज्ञ वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि वेद, पुराण और गीता केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाले गहन ज्ञान के स्रोत हैं।
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