मेरठ: गांव के लिए नासूर बना जलभराव, सपा कार्यकर्ताओं ने धान रोपाई कर जताया विरोध
- कार्यकाल खत्म होने को आया, विकास कार्य अधूरे पड़े
- हस्तिनापुर ब्लॉक के गांवों में अधिकतर कार्य पूरे नहीं हुए, लोगों में नाराजगी
- ब्लाक के अंतर्गत पड़ने वाले अधिकांश गांवों जलभराव की समस्या
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मेरठ के हस्तिनापुर ब्लाक के अंतर्गत अधिकांश गांवों में विकास कार्य ठीक से नहीं हो रहे है। जबकि प्रधानी के चुनाव हुए साढे़ चार साल से अधिक का समय बीत चुका है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने अभी तक हुए विकास कार्यों की जांच की मांग की है।
मेरठ-पौड़ी राजमार्ग पर स्थित हरियाली पेट्रोल पंप के पास सैफपुर फिरोजपुर गांव की नासूर बन चुकी जल निकासी की समस्या का अनोखे अंदाज में विरोध जताया। यहां पेट्रोल पंप के पास सड़क पर हुए जलभराव में सपा कार्यकर्ताओं ने धान की रोपाई कर विरोध जताया।
बताया गया कि मेरठ-पौड़ी राजमार्ग पर स्थित दो वर्ष से अधिक सैफपुर फिरोजपुर गांव की जल निकासी से हरियाली पेट्रोल पंप के पास जलभराव हो रहा है। ग्रामीणों ने कई बार अधिकारियों को अवगत करा चुके हैं लेकिन शिकायत के बाद गड्ढे भर दिए जाते हैं समस्या जस की तस बनी हुई है।
यह भी पढ़ें : प्रदूषण मुक्त हुई गंगा तो बढ़ा जलीय जीवों का कुनबा, हस्तिनापुर में आराम फरमाते दिखे मगरमच्छ
गौरतलब है कि हस्तिनापुर ब्लाक में लगने वाले 46 गांवों में विकास कार्य आधे-अधूरे ही हुए हैं। ग्रामीण ओमबीर नागर, सतबीर भाटी, केपी देशवाल, कुंवरपाल, पूर्व प्रधान संगरत्न का कहना है कि ब्लाक के अंतर्गत पड़ने वाले अधिकांश गांवों जलभराव की समस्या से छुटकारा नहीं मिल पा रहा है। मोड कला, तजपुरा, झुनझुनी व अकबरपुर सादात आदि गांवो लोग जलभराव की समस्या से जूूझ रहे है।
बताया कि मानसून की बारिश भी आने को है। विकास कार्य पहले ही ठप्प पड़े हैं। सरकार ने श्रमिकों को कार्य देने के लिए मनरेगा में कार्य कराया। गांवों में विकास कार्य आधे-अधूरे ही हुए है। शिकायतों के बावजूद सुनवाई नही हो रही है।
आरोप लगाया कि विकास कार्यों को कराने में विभाग के अफसर ने लॉकडाउन के हवाला देकर रुचि नहीं ले रहे हैं। जबकि प्रधानों के खातों में विकास के नाम पर लाखों रुपये आए हुए हैं। प्रदीप, संदीप, मोनू ढाका, दीपंचद, जसबीर राणा, संजय गुर्जर, शहजाद, मुस्तकीम व जगबीर आदि ने सभी विकास कार्यों की जांच की मांग रखी है।
बीडीओ शैलेंद्र सिंह ने बताया कि अधिकांश गांवों में दूसरी किस्त के विकास कार्य पूरे हो चुके है। लेकिन कोरोना महामारी में सभी विकास कार्य पर विराम लग गया था। ग्राम प्रधानों को शीघ्र ही दूसरी किस्त प्रधानों को मुहैया कराई जाऐगी।