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बाईपास मार्ग पर मिट्टी कटाव से हो सकता है हादसा
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बाईपास मार्ग पर मिट्टी कटाव से हो सकता है हादसा
- 15 दिन से हवा में झूल रही रोड से ही गुजर रहे हैं वाहन
संवाद न्यूज एजेंसी
खरखौदा। खरखौदा बाईपास पर बरसात से 15 दिन पहले करीब 10 मीटर लंबी पांच मीटर चौड़ी रोड की मिट्टी पानी के साथ कट गई थी। हवा में झूल रही सड़क से ही वाहन लगातार गुजर रहे हैं। जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
हापुड़ से मेरठ के बीच बने तीन फ्लाईओवर पर कहीं भी सड़क के पानी की निकासी के लिए कोई नाली नहीं बनाई गई। जिस कारण बरसात होते ही पानी ढलान की ओर बहने लगता है। रोड़ी सीमेंट से बनी इस सड़क के दोनों ओर कच्ची मिट्टी लगी है। पानी के बहाव के साथ मिट्टी भी बह जाती है। निर्माणकर्ता कंपनी ने इस हाईवे को एक वर्ष पहले ही एनएचएआई को सौंपा था। हाईवे के निर्माण के बाद यह पहली बरसात है। खरखौदा बाईपास कहीं 20 फीट व कहीं 30 फीट ऊंचाई पर बनाया गया है। उस पर भी पानी की निकासी के लिए कोई नाली नहीं बनाई गई है। जिस कारण 15 दिन पहले आई तेज बरसात के कारण एक ही स्थान से मिट्टी का इतना भारी कटान हुआ कि रोड के नीचे की 10 मीटर लंबी और 5 मीटर चौड़ाई तक मिट्टी का कटाव हो गया। इस समय रोड का यह हिस्सा हवा में झूल रहा है। इसी रोड से भारी और हल्के वाहन गुजर रहे हैं। एनएचएआई की लापरवाही के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
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- 15 दिन से हवा में झूल रही रोड से ही गुजर रहे हैं वाहन
संवाद न्यूज एजेंसी
खरखौदा। खरखौदा बाईपास पर बरसात से 15 दिन पहले करीब 10 मीटर लंबी पांच मीटर चौड़ी रोड की मिट्टी पानी के साथ कट गई थी। हवा में झूल रही सड़क से ही वाहन लगातार गुजर रहे हैं। जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
हापुड़ से मेरठ के बीच बने तीन फ्लाईओवर पर कहीं भी सड़क के पानी की निकासी के लिए कोई नाली नहीं बनाई गई। जिस कारण बरसात होते ही पानी ढलान की ओर बहने लगता है। रोड़ी सीमेंट से बनी इस सड़क के दोनों ओर कच्ची मिट्टी लगी है। पानी के बहाव के साथ मिट्टी भी बह जाती है। निर्माणकर्ता कंपनी ने इस हाईवे को एक वर्ष पहले ही एनएचएआई को सौंपा था। हाईवे के निर्माण के बाद यह पहली बरसात है। खरखौदा बाईपास कहीं 20 फीट व कहीं 30 फीट ऊंचाई पर बनाया गया है। उस पर भी पानी की निकासी के लिए कोई नाली नहीं बनाई गई है। जिस कारण 15 दिन पहले आई तेज बरसात के कारण एक ही स्थान से मिट्टी का इतना भारी कटान हुआ कि रोड के नीचे की 10 मीटर लंबी और 5 मीटर चौड़ाई तक मिट्टी का कटाव हो गया। इस समय रोड का यह हिस्सा हवा में झूल रहा है। इसी रोड से भारी और हल्के वाहन गुजर रहे हैं। एनएचएआई की लापरवाही के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
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