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Meerut News: अहिरावण का वध, श्रीराम-लक्ष्मण को कराया मुक्त
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संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। श्रीराम चरित्र प्रदर्शन उत्सव में सोमवार को श्री रामा मंडल के कलाकारों ने लीला का मंचन किया। इसमें अहिरावण वध से लेकर रावण वध तक के प्रसंगों को भावपूर्ण ढंग से दर्शाया गया। कलाकारों ने भगवान श्रीराम और लक्ष्मण के अपहरण के दृश्य को जीवंत किया।
मंचन में दिखाया गया कि रावण के कहने पर अहिरावण ने मायावी शक्तियों से श्रीराम और लक्ष्मण का अपहरण किया। वह दोनों भाइयों को पाताल लोक ले गया। हनुमान उनकी खोज में पाताल लोक पहुंचे। वहां उन्हें अहिरावण की मृत्यु का रहस्य पता चला। उसके प्राण पांच अलग-अलग दिशाओं में जल रहे दीपों में बसते थे। हनुमान ने पंचमुखी रूप धारण किया। उन्होंने पांचों दीपों को एक साथ बुझाकर अहिरावण का वध किया। इस प्रकार हनुमान ने श्रीराम और लक्ष्मण को उसके बंधन से मुक्त कराया।
उत्सव में लंका युद्ध के अंतिम चरण का मंचन हुआ। भगवान श्रीराम को भगवान विष्णु का सातवां अवतार बताया गया। युद्ध में कुंभकरण और मेघनाद सहित रावण के प्रमुख योद्धा मारे गए। श्रीराम ने दिव्य अस्त्रों का प्रयोग कर रावण का वध किया। इस अवसर पर रामलीला कमेटी के प्रधान मलखान सैनी, संयोजक शरद त्यागी, प्रदीप मित्तल, मूलचंद सैनी, वीरेंद्र सैनी, अजय त्यागी, अभिषेक, राहुल, प्रवीण, संजय, संजीव, प्रदीप आदि मौजूद रहे।
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सरधना। श्रीराम चरित्र प्रदर्शन उत्सव में सोमवार को श्री रामा मंडल के कलाकारों ने लीला का मंचन किया। इसमें अहिरावण वध से लेकर रावण वध तक के प्रसंगों को भावपूर्ण ढंग से दर्शाया गया। कलाकारों ने भगवान श्रीराम और लक्ष्मण के अपहरण के दृश्य को जीवंत किया।
मंचन में दिखाया गया कि रावण के कहने पर अहिरावण ने मायावी शक्तियों से श्रीराम और लक्ष्मण का अपहरण किया। वह दोनों भाइयों को पाताल लोक ले गया। हनुमान उनकी खोज में पाताल लोक पहुंचे। वहां उन्हें अहिरावण की मृत्यु का रहस्य पता चला। उसके प्राण पांच अलग-अलग दिशाओं में जल रहे दीपों में बसते थे। हनुमान ने पंचमुखी रूप धारण किया। उन्होंने पांचों दीपों को एक साथ बुझाकर अहिरावण का वध किया। इस प्रकार हनुमान ने श्रीराम और लक्ष्मण को उसके बंधन से मुक्त कराया।
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उत्सव में लंका युद्ध के अंतिम चरण का मंचन हुआ। भगवान श्रीराम को भगवान विष्णु का सातवां अवतार बताया गया। युद्ध में कुंभकरण और मेघनाद सहित रावण के प्रमुख योद्धा मारे गए। श्रीराम ने दिव्य अस्त्रों का प्रयोग कर रावण का वध किया। इस अवसर पर रामलीला कमेटी के प्रधान मलखान सैनी, संयोजक शरद त्यागी, प्रदीप मित्तल, मूलचंद सैनी, वीरेंद्र सैनी, अजय त्यागी, अभिषेक, राहुल, प्रवीण, संजय, संजीव, प्रदीप आदि मौजूद रहे।
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