मेरठ: लाॅकडाउन के बीच एक माह में आत्महत्या के छह मामले, पारिवारिक संबंध, विवाद और तनाव बना मुख्य कारण
मेरठ एक तरफ जहां लाॅकडाउन के बीच लोगों को घर में रहना पड़ रहा है वही मनोचिकित्सक मानते हैं कि घरों में रहना भी मानसिक तनाव बढ़ा रहा है। 22 मार्च को जनता कर्फ्यू से लेकर लॉकडाउन के तीसरे चरण तक मेरठ के अकेले गंगानगर क्षेत्र में छह लोगों द्वारा आत्महत्या के मामले सामने आ चुके हैं।
इनमें ज्यादातर मौतों का कारण पुलिस जांच में भले ही गृह क्लेश और आपसी संबंध निकल कर आए हैं लेकिन तनाव भी आत्महत्या का मुख्य कारण बन रहा है। आगे जानें कैसे जिंदगी से मुहं मोड़कर लोगों थाम लिया मौत का दामन:-
लाॅकडाउन के बीच लोगों को तनाव घेर रहा है या फिर कुछ और। वजह चाहे जो भी हो लेकिन मेरठ में लाॅकडाउन के दौरान आत्महत्या के कई मामले सामने आए हैं। इनमें किसी ने मामूली विवाद के बाद तो किसी ने मानसिक तनाव न झेल पाने के बाद मौत को गले लगा लिया।
11 मई: पत्नी से विवाद के बाद सिपाही ने मौत को गले लगाया
मेरठ के गंगानगर में सोमवार को एसएसपी ऑफिस पर तैनात सिपाही ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी ली। जानकारी के अनुसार एसएसपी ऑफिस में एलपी ड्यूटी पर पर तैनात सिपाही विजय गौड़ गंगानगर में रहता था।
विजय का अपनी पत्नी से विवाद हो गया था जिसके चलते उसने रविवार देर रात फांसी लगाकर जान दे दी। सोमवार सुबह उसका शव कमरे में पंखे से लटका मिला। पुलिस ने सिपाही के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले की जांच पड़ताल की जा रही है।
12 अप्रैल: साली के घरा में पंखे से लटका मिला हवलदार का शव
पुलिस के अनुसार मूल रूप बुलंदशहर के अमरपुर गांव निवासी धर्मेंद्र पुत्र राजबीर अमृतसर में फौज में हवलदार के रूप में तैनात थे। कुछ दिन पूर्व में ईशापुरम निवासी अपनी साली रश्मि पत्नी स्वर्गीय रंजीत से मिलने के लिए आया था।
सुबह साढ़े चार बजे के करीब रश्मि दूध लाने के जगी। अपने कमरे से बाहर आने पर उसे 39 वर्षीय धर्मेंद्र का शव सीढ़ियों की ग्रिल से लटका हुआ मिला।
8 अप्रैल: मानसिक तनाव में किसान ने की आत्महत्या
पुलिस के अनुसार रजपुरा निवासी राजकुमार पुत्र यशपाल गांव में रहकर खेती.बाड़ी का काम करता था। वह पिछले कुछ दिनों से मानसिक तनाव से ग्रस्त था। मंगलवार रात वह अपने कमरे में सोया था।
परिजनों ने बताया कि छोटा बेटा अनिकेत रात को जब अपने कमरे से बाहर आया तो उसे अपने 46 वर्षीय पिता का शव पंखे के सहारे लटका हुआ मिला। उसने अपनी मां व बड़े भाई को जगाकर शव के लटके होने की जानकारी दी।
7 अप्रैल: कमरे में पंखे से लटका मिला मोबाइल कंपनी के कर्मचारी का शव
पुलिस के अनुसार, अमरोहा के धनोरा मंडी थाना क्षेत्र के पेले गांव निवासी शशिकांत त्यागी (26) पुत्र भूदेव त्यागी गंगानगर स्थित एक मोबाइल कंपनी के ऑफिस में टेक्नीशियन का काम करता था। आई-ब्लॉक में 413 में किराए के मकान में ही एक ऑफिस भी बना रखा था।
कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि 5 अप्रैल की शाम के बाद उसका फोन स्विच ऑफ आ रहा था। मंगलवार को कंपनी के तीन अधिकारी जब ऑफिस पर पहुंचे तो अंदर से ताला बंद था। दीवार फांद कर अंदर पहुंचे तो शव कमरे में पंखे से लटका हुआ मिला।
22 मार्च: घर में फांसी पर लटका मिला युवक-युवती का शव
पुलिस के अनुसार जागृति विहार क्षेत्र के शेर गढ़ी निवासी 38 वर्षीय गौरव उर्फ रिंकु पुत्र राजकुमार जेवर स्थित एक फाइनेंस कंपनी में कार्य करता था। बारह वर्ष पूर्व उसकी शादी 12 वर्ष पूर्व बेगमबाग निवासी अर्चना पुत्री राजकुमार से हुई थी। रविवार दोपहर रिंकु अपनी पत्नी की मौसेरी बहन ऋतु पुत्री सुरेंद्र कश्यप से मिलने के लिए गंगानगर आया था।
ऋतु एच-245 में अकेली किराए पर रहती थी। स्थानीय लोगों के अनुसार रिंकु व ऋतु में रविवार को किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। आपसी कहासुनी के बाद रिंकु घर छोड़कर बाहर चला गया। शाम के समय गंगानगर वापस पंहुचे रिंकु को 28 वर्षीय ऋतु का शव लटका चुन्नी के सहारे लटका हुआ मिला। इसके बाद रिंकू ने भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।