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नई रेंज में पुराने टारगेट पर निशाना साध रहे शूटर
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मेरठ..कंवलजीत..कैलाश प्रकाश में शूटिंग रेंज बिल्डिंग....संवाद
- शूटिंग रेंज बने दो साल होने को हैं, अभी तक नहीं मिल सके टारगेट
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। एक ओर अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में शूटर पदक ला रहे हैं तो दूसरी ओर मेरठ में सरकारी शूटिंग रेंज को बने दो वर्ष होने को हैं, लेकिन अभी तक रेंज में शूटरों के लिए टारगेट उपलब्ध नहीं हो सके हैं। शूटर पुराने टारगेट पर ही अभ्यास कर रहे हैं। वह केवल 10 मीटर रेंज में ही अभ्यास कर पा रहे हैं जबकि 25 मीटर और 50 मीटर रेंज पर तो अभ्यास ही नहीं हो रहा है। टारगेट के लिए अभी हाल ही में तीसरी बार शासन को पत्र लिखकर प्रस्ताव भेजा गया, लेकिन अभी तक धनराशि जारी नहीं हो सकी है।
कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम में लगभग 8 करोड़ रुपये से रेंज तैयार हुई थी। खेल विभाग को हैंडओवर हुए लगभग सालभर होने जा रहा है, लेकिन रेंज में अभी तक टारगेट नहीं हैं। इस रेंज में 10 मीटर एयर पिस्टल के चार हॉल हैं और इसके साथ अन्य सुविधाएं भी हैं। 25 मीटर और 50 मीटर के शूटिंग रेंज भी है, लेकिन बिना टारगेट के अभी तक यहां बच्चे सही प्रकार से प्रशिक्षण नहीं ले पा रहे हैं। यहां बच्चे पुराने टारगेट से ही प्रशिक्षण ले रहे हैं। मात्र 10 मीटर की ही तैयारी कराई जा रही है इसके अलावा कोई अन्य दूरी के टारगेट यहां उपलब्ध नहीं हैं।
रेंज के निर्माण के लिए आठ करोड़ रुपये का बजट पास हुआ था। बची शेष धनराशि शासन को वापस चली गई थी। टारगेट के लिए 27 लाख रुपये के प्रस्ताव बनाए गए थे। इसके बाद अधिकारियों की ओर से फिर से नया प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था। इसके बावजूद अब तक टारगेट के लिए बजट उपलब्ध नहीं हो सका है।
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50 से अधिक खिलाड़ी ले रहे प्रशिक्षण
कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम की शूटिंग कोच अप्सरा चौधरी ने बताया कि यहां 50 से अधिक खिलाड़ी अभ्यास करते हैं। इनको टारगेट न मिलने के कारण पुराने टारगेट से ही अभ्यास कराया जा रहा है। अगर नए टारगेट उपलब्ध हो जाएं तो बच्चे सही प्रकार से प्रतियोगिताओं की तैयारी कर सकेंगे।
शासन को फिर भेजा गया प्रस्ताव
क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी जितेंद्र यादव ने बताया कि पहले भी टारगेट के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजे जा चुके हैं। एक बार फिर उनकी ओर से प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। जल्द ही टारगेट मिलने की उम्मीद है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। एक ओर अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में शूटर पदक ला रहे हैं तो दूसरी ओर मेरठ में सरकारी शूटिंग रेंज को बने दो वर्ष होने को हैं, लेकिन अभी तक रेंज में शूटरों के लिए टारगेट उपलब्ध नहीं हो सके हैं। शूटर पुराने टारगेट पर ही अभ्यास कर रहे हैं। वह केवल 10 मीटर रेंज में ही अभ्यास कर पा रहे हैं जबकि 25 मीटर और 50 मीटर रेंज पर तो अभ्यास ही नहीं हो रहा है। टारगेट के लिए अभी हाल ही में तीसरी बार शासन को पत्र लिखकर प्रस्ताव भेजा गया, लेकिन अभी तक धनराशि जारी नहीं हो सकी है।
कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम में लगभग 8 करोड़ रुपये से रेंज तैयार हुई थी। खेल विभाग को हैंडओवर हुए लगभग सालभर होने जा रहा है, लेकिन रेंज में अभी तक टारगेट नहीं हैं। इस रेंज में 10 मीटर एयर पिस्टल के चार हॉल हैं और इसके साथ अन्य सुविधाएं भी हैं। 25 मीटर और 50 मीटर के शूटिंग रेंज भी है, लेकिन बिना टारगेट के अभी तक यहां बच्चे सही प्रकार से प्रशिक्षण नहीं ले पा रहे हैं। यहां बच्चे पुराने टारगेट से ही प्रशिक्षण ले रहे हैं। मात्र 10 मीटर की ही तैयारी कराई जा रही है इसके अलावा कोई अन्य दूरी के टारगेट यहां उपलब्ध नहीं हैं।
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रेंज के निर्माण के लिए आठ करोड़ रुपये का बजट पास हुआ था। बची शेष धनराशि शासन को वापस चली गई थी। टारगेट के लिए 27 लाख रुपये के प्रस्ताव बनाए गए थे। इसके बाद अधिकारियों की ओर से फिर से नया प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था। इसके बावजूद अब तक टारगेट के लिए बजट उपलब्ध नहीं हो सका है।
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50 से अधिक खिलाड़ी ले रहे प्रशिक्षण
कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम की शूटिंग कोच अप्सरा चौधरी ने बताया कि यहां 50 से अधिक खिलाड़ी अभ्यास करते हैं। इनको टारगेट न मिलने के कारण पुराने टारगेट से ही अभ्यास कराया जा रहा है। अगर नए टारगेट उपलब्ध हो जाएं तो बच्चे सही प्रकार से प्रतियोगिताओं की तैयारी कर सकेंगे।
शासन को फिर भेजा गया प्रस्ताव
क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी जितेंद्र यादव ने बताया कि पहले भी टारगेट के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजे जा चुके हैं। एक बार फिर उनकी ओर से प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। जल्द ही टारगेट मिलने की उम्मीद है।