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बिजनौर: ट्रेन की चपेट में आकर शिक्षा मित्र की मौत, मचा कोहराम, वेतन घटने से तनाव में रहता था कौशल

Fri, 09 Sep 2022 06:58 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Fri, 09 Sep 2022 06:58 PM IST
सार

ट्रेन की चपेट में आकर शिक्षा मित्र की मौत हो गई। युवक की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा है। बताया गया कि वेतन घटने से शिक्षा मित्र तनाव में रहता था।

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Shiksha Mitra commits suicide by coming under train in Bijnor
फाइल फोटो। - फोटो : amar ujala

विस्तार

बिजनौर के चांदपुर में ट्रेन की चपेट में आने से गांव मिर्जापुर बेला निवासी शिक्षामित्र की दर्दनाक मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है।

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ग्राम मिर्जापुर बेला निवासी कौशल सिंह (40) पुत्र मंगू सिंह चौहान प्राथमिक विद्यालय मिर्जापुर बेला में करीब 15 साल से शिक्षामित्र के पद पर कार्यरत थे। कौशल शुक्रवार की सुबह रोज की तरह घर से स्कूल के लिए निकले थे। लेकिन स्कूल न पहुंचकर उसका शव हरपुर रेलवे लाइन पर पड़ा मिला। कौशल सिंह के तीन छोटे बच्चों में बड़ा लड़का करीब दस वर्ष, बेटी आठ वर्ष तथा छोटा बेटा करीब पांच वर्ष का है। कौशल को मानदेय के रूप में दस हजार रुपए महीना मिलते थे। जिसमें परिवार का खर्च नहीं चलता था। मौत की खबर से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है।
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वेतन घटने के बाद से ही रहता था तनाव में  
कौशल सिंह प्राथमिक विद्यालय मिर्जापुर बेला में शिक्षामित्र था। कौशल के रिश्तेदार पंकज  कुमार ने बताया कि कौशल शुक्रवार की सुबह रोज की तरह घर से स्कूल के लिए निकले थे। शासन द्वारा शिक्षामित्रों को शिक्षक के रूप में मान्यता दिए जाने के बाद उन्हें करीब 40-45 हजार रुपये मासिक वेतन मिलने लगा था। लेकिन सरकार द्वारा पुन: शिक्षामित्र बना दिए जाने पर वेतन मानदेय के रूप में मात्र दस हजार रुपये मासिक मिलने लगा। जिससे परिवार का पालन पोषण करना मुश्किल हो रहा था। मंहगाई के दौर में वेतन बहुत अधिक घट जाने के बाद से ही वह तनाव में रहने लगे थे।
 
ट्रेन हादसे को सरकार की नीतियों से जोड़ रहे लोग
शिक्षामित्र कौशल सिंह की जेब से किसी कागज के मिलने की चर्चा क्षेत्र में फैल रही है। मिले पर्चे के आधार पर गांववासी व परिजन हादसे को सरकार की नीतियों से जोड़ रहे हैं। परिजनों के अनुसार वह तनाव में रहता था। पुलिस जेब से किसी कागज के मिलने की पुष्टि नहीं कर रही है।

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