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शहर में जाम का रिकॉर्ड बना रहा यातायात माह
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
Updated Tue, 14 Nov 2017 11:01 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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एक नवंबर से यातायात माह चला रही ट्रैफिक पुलिस शहर में रोजाना जाम लगने का नया रिकॉर्ड भी कायम रही है। जाम से जूझते अंदरूनी मार्गों से लेकर मुख्य चौराहों को देखकर यही लगता है कि इसे यातायात माह कहें या जाम का महीना। क्योंकि ट्रैफिक के होमगार्ड वाहन चालकों को रोकने और ट्रैफिक के सिपाही उनका चालान कटवाने में व्यस्त हैं। ऐसे में जाम खुलवाने की तरफ किसी का ध्यान ही नहीं है।
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शहर में यातायात व्यवस्था सुचारु रूप से चले इसके लिए एसपी ट्रैफिक, दो सीओ, एक इंस्पेक्टर, दो टीएसआई, 21 एचसीपी, 107 सिपाही और 60 होमगार्ड हैं। ट्रैफिक पुलिस रोजाना औसतन 450-500 तक वाहनों के चालान काट रही है। मौके पर ही शमन शुल्क भी वसूला जा रहा है।
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चेकिंग के बजाय चालान
ट्रैफिक पुलिस तो अपने असल मुद्दे से भटक ही रही है, थानों की पुलिस का भी यही हाल है। थाने के दरोगाओं को सुबह और शाम निर्धारित प्वाइंटों पर संदिग्ध लोगों की चेकिंग करने के निर्देश हैं। लेकिन साथ में रोजाना दस वाहनों का चालान काटने का टारगेट भी रहता है। इसलिए दरोगा जी जिस चौराहे या तिराहे पर बैठते हैं, वहां चेकिंग के बजाय 10 चालान काटकर निकल लेते हैं।
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यह जाम हुआ अब आम
शहर में जाम की समस्या अब आम हो गई है। जीरो माइल, बेगमपुल, भैसाली बस अड्डा के सामने, केसरंगज, रेलवे रोड चौराहा, मेट्रो प्लाजा, बागपत रोड, दिल्ली रोड स्थित मंडी गेट, बुढ़ाना गेट, घंटाघर, खैरनगर, हापुड़ अड्डा चौराहा और भूमिया पुल पर तो रोजाना ही जाम रहता है। हापुड़ रोड पर शास्त्रीनगर एल ब्लॉक तिराहा भी लगातार जाम से जूझ रहा है।
होमगार्ड करते हैं कागज चेक
शहर में अवैध तरीके से सड़क पर वाहन खड़ा रहे या फिर जाम लगे, होमगार्ड तो वाहन के कागज चेक करने में मशगूल रहते हैं। खासकर दूसरे जिलों या राज्यों का नंबर देखकर होमगार्ड डंडा दिखाकर बीच सड़क पर चेकिंग के नाम पर वाहन रोक लेते हैं। सवाल यह है कि होमगार्डों को ट्रैफिक कंट्रोल की ड्यूटी छोड़कर कागज चेक करने का अधिकार किसने दे दिया। इसका जवाब ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों के पास नहीं है।
जुगाड़ भी बन रहे मुसीबत:
शहर की यातायात व्यवस्था के लिए जुगाड़ भी मुसीबत बन रहे हैं। दिल्ली रोड पर सबसे ज्यादा अवैध तरीके से जुगाड़ दौड़ रहे हैं। गढ़ रोड, हापुड़ रोड और शहर के अन्य स्थानों पर भी जुगाड़ पर सामान लादकर ले जाया जाता है। यह प्रदूषण को तो बढ़ा रही ही रहे हैं, कभी भी इनसे बड़ा हादसा हो सकता है। लेकिन ट्रैफिक पुलिस का कोई ध्यान इस तरफ नहीं है।
सोमवार को जाम से जूझा शहर
सोमवार को शहर में कई स्थानों पर जाम की समस्या बनी रही। शाम होते ही फिर से दिल्ली रोड पर जाम लग गया। रात में दिल्ली- देहरादून हाईवे पर मोहिउद्दीनपुर के पास भी जाम लगा रहा। दोपहर के समय मवाना रोड पर कसेरूबक्सर और डिफेंस कालोनी के सामने जाम की स्थिति बनी रही। जीरो माइल चौराहे से लेकर बेगपमुल तक भी सड़क पर आड़े तिरछे वाहनों के सड़क पर खड़े होने से जाम लगा रहा। दिल्ली रोड पर केसरगंज और रेलवे रोड चौराहे पर भीषण जाम लगा रहा। बागपत रोड पर भी आधा किमी तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं।
दिल्ली रोड पर मंडी गेट के पास डिवाइडर कट पर ट्रक और अन्य भारी वाहनों के मुड़ने के कारण दिनभर जाम की समस्या बनी रही। घंटाघर और बुढ़ाना गेट पर भी वाहन जाम में फंसे रहे।