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एमएसएमई को मजबूती: बजट में मेरठ के उद्योगों के लिए बड़ी राहें खुलीं
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ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के बाद धरातल पर उतरीं 13 हजार करोड़ की योजनाएं
अब आसान होगी लाइसेंस प्रक्रिया, विभागों से एनओसी मिलना होगा सुलभ
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। एसडीजी इंडिया इंडेक्स (2023-24) में उत्तर प्रदेश 18वें स्थान पर है जिसे सुधारने और औद्योगिक विकास को गति देने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। मेरठ में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से उद्यमियों को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। जनवरी 2023 में मेरठ में एमएसएमई (एमएसएमई) सेक्टर के तहत 10 हजार करोड़ रुपये के एमओयू साइन हुए थे जबकि कुल निवेश लक्ष्य 35 हजार करोड़ रुपये का था। राहत की बात यह है कि इनमें से 13 हजार करोड़ रुपये की योजनाएं अब जमीनी स्तर पर शुरू हो चुकी हैं। बजट में स्पष्ट किया गया कि ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी उद्योगों के विस्तार में मील का पत्थर साबित हुई है।
उत्तर प्रदेश में मोबाइल पार्ट्स विक्रेता कंपनियों के लिए रोजगार के नए रास्ते खुले हैं। विशेषकर मेरठ जैसे शहरों में जहां इलेक्ट्रॉनिक्स और संबंधित उपकरणों का निर्माण होता है वहां उद्योग विस्तार के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत रजिस्ट्रेशन और लाइसेंसिंग प्रक्रिया को सरल बनाया जा रहा है। इस पहल से अकेले मेरठ में लगभग 20 हजार उद्योगों को फायर एनओसी प्राप्त करने में बड़ी आसानी होगी।
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उद्यमियों की राय
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तुत 9,12,696 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक बजट एमएसएमई को मजबूती प्रदान कर अर्थव्यवस्था की रीढ़ साबित होगा। तकनीकी उन्नयन, निर्यात संवर्धन और वित्तीय सुदृढ़ता के लिए इसमें सकारात्मक संकेत हैं। औद्योगिक अवसंरचना, लॉजिस्टिक्स और कौशल विकास जैसी योजनाओं से लघु एवं मध्यम उद्योगों को विस्तार मिलेगा। — निपुण जैन, अध्यक्ष, परतापुर इंडस्ट्रियल एसोसिएशन
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वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट जैसी पहलों को मजबूती मिलना पारंपरिक उद्योगों के लिए उत्साहजनक है। हालांकि, उद्योग जगत को कच्चे माल पर कर राहत और लंबित भुगतान जैसी समस्याओं पर और अधिक ठोस प्रावधानों की उम्मीद थी। फिर भी, समग्र रूप से यह बजट निवेश और रोजगार के नए दौर की शुरुआत है। — अंकित सिंघल, चेयरमैन, आईआईए