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Meerut News: सेंट्रल मार्केट शास्त्री नगर और अब शहर के लोगों के बयान......
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- पहले सूची सार्वजनिक हो
- कैंट और आबूलेन के व्यापारी इस कार्रवाई से व्यथित हैं। पहले 16,726 भवनों की सूची सार्वजनिक की जाए, ताकि व्यापारियों को पता चले कि उनका नाम सूची में है या नहीं। इसके बाद ही कोई कार्रवाई की बात की जाए। - संजय अग्रवाल, महामंत्री, आबूलेन व्यापार संघ केंद्रीय
- व्यापारियों में भय का माहौल
- व्यापारियों में सबसे बड़ा सवाल यही है कि उनका नाम 16,726 भवनों की सूची में है या नहीं। किसी को स्पष्ट जानकारी नहीं है। प्रशासन पहले सूची सार्वजनिक करे और हर व्यक्ति को अपनी बात रखने का मौका दे। - रजनीश कौशल, महामंत्री, जिला मेरठ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन
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- निर्माण के समय ही चाहिए था रोकना
- यदि कोई निर्माण नियमों के विरुद्ध था तो निर्माण के समय ही उसे रोका जाना चाहिए था। वर्षों बाद सीलिंग का डर दिखाने से व्यापारी और उसका परिवार दोनों संकट में आ जाते हैं। समय पर कार्रवाई और पहले सुनवाई होनी चाहिए। - नवीन अग्रवाल, चेयरमैन, मेरठ टेंट एसोसिएशन
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- कानून सभी के लिए समान हो
- हम अवैध निर्माण के समर्थन में नहीं हैं लेकिन यदि नियम लागू करने हैं तो व्यापारी हो या अधिकारी, आम आदमी हो या प्रभावशाली व्यक्ति, जांच का पैमाना समान होना चाहिए। कानून का पालन सभी पर एक जैसा हो। - सतीश चंद जैन, पूर्व कोषाध्यक्ष, संयुक्त व्यापार संघ
- जनप्रतिनिधि आंखें आगे आकर करें मदद
- जनप्रतिनिधियों को आगे आकर व्यापारियों और स्थानीय लोगों की मदद करनी चाहिए। - विकास गिरधर, मंत्री, संयुक्त व्यापार संघ
- सालों से कर रहे कारोबार अब कहां जाएंगे
- सालों से कारोबार कर रहे व्यापारियों में कार्रवाई को लेकर डर है। प्रशासन को पहले पूरी प्रक्रिया स्पष्ट करनी चाहिए। अगर घर दुकान टूट गए तो कहां जाएंगे।- अभिनव रस्तोगी, व्यापारी नेता
- विभागों की जिम्मेदारी भी तय हो
- यदि कोई निर्माण नियमों के विपरीत था तो निर्माण के समय संबंधित विभागों ने उसे क्यों नहीं रोका। वर्षों बाद केवल व्यापारी को जिम्मेदार ठहराने के बजाय विभागों की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए। - नीलकमल रस्तोगी, खंदक व्यापारी
- देश आगे बढ़े, पीछे नहीं
- देश 2047 की ओर बढ़ने की बात कर रहा है, लेकिन ऐसी कार्रवाई से व्यापारी खुद को 1960 के दौर में जाता महसूस कर रहे हैं। कानून जरूरी है, लेकिन उसे लागू करने की प्रक्रिया पारदर्शी और समान होनी चाहिए। - पंकज बंसल, व्यापारी नेता
- लोगों को पूरी जानकारी मिले
- लोगों को यह तक पता नहीं है कि उनका नाम 16,726 भवनों की सूची में है या नहीं। लोगों की आपत्तियां और उनका पक्ष सुना जाए। - अंकुर गोयल, नौचंदी निवासी
- कानून का डर सबके लिए हो
- कानून का डर सिर्फ व्यापारी को नहीं होना चाहिए। नियम सभी के लिए समान हों और कार्रवाई से पहले संबंधित व्यक्ति को अपना पक्ष रखने का अवसर मिले। 100 साल पुराने घरों को उजाड़ना अनुचित है। - नितिन गुप्ता, कोटला व्यापारी