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राजेंद्र हत्याकांड: मानवाधिकार आयोग ने नोटिस जारी कर मांगा जवाब, फंसी पुलिसकर्मियों की गर्दन

Fri, 30 Nov 2018 10:02 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली Updated Fri, 30 Nov 2018 10:02 PM IST
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Shamli, Human Rights Commission issued notice and sought response from police officers
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

शामली में झिंझाना थानाक्षेत्र के हथछोया गांव में यूपी 100 पुलिस की गाड़ी से युवक को खींचकर पिटाई और उसकी मौत के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। हालांकि एसपी ने नोटिस की जानकारी से इंकार किया है। मगर इस पूरे घटनाक्रम को लेकर यूपी 100 पुलिस की गर्दन फंसती नजर आ रही है। 

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पुलिस के अनुसार 26 नवंबर को करीब साढ़े तीन बजे शराब पीकर हंगामे की सूचना पर यूपी 100 की गाड़ी गांव में पहुंची थी। राजेंद्र के परिजनों द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट में उसकी मौत का वक्त शाम चार बजे दर्ज कराया गया है। ऐसे में इस बात की पूरी संभावना है कि पुलिस की गाड़ी में पिटाई के कुछ देर बाद ही राजेंद्र की मौत हो गई थी। दर्ज कराई गई रिपोर्ट में घटना स्थल पिंडोरा तिराहे का बताया गया है। इसी स्थान से केवल 50 मीटर दूर ही राजेंद्र की यूपी 100 की गाड़ी में पिटाई हुई थी। ये तमाम तथ्य हैं जो यूपी 100 पुलिस की लापरवाही उजागर कर रहे हैं। हालांकि पुलिस का कहना है कि राजेंद्र की मौत की सूचना गाड़ी में पिटाई के दो घंटे बाद साढ़े पांच बजे मिली थी।
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ये भी घोर लापरवाही
इस प्रकरण में ये भी तथ्य सामने आया कि यूपी 100 पुलिस की गाड़ी पर एक ओर सिपाही की ड्यूटी थी लेकिन वो ड्यूटी से गायब था। वो गाड़ी में नहीं था। इसी वजह से गाड़ी में केवल कार चालक और एक होमगार्ड रह गए थे हालांकि एसपी ने उसे भी निलंबित कर दिया है।

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ये है घटनाक्रम पुलिस के अनुसार 
करीब 3.30 बजे -     यूपी 100 को राजेंद्र के शराब पीकर हंगामे की सूचना मिली।  
लगभग 3.45 बजे -  यूपी 100 पुलिस मौके पर पहुंची। हंगामे केे कुछ देर बाद लौटी। 
लगभग 5.30 बजे -  राजेंद्र की मौत की सूचना पर पुलिस पहुंची।   

ये दर्ज हुई थी एफआईआर
इस केस में पीड़ित पक्ष के भाई अंकित की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में बताया गया था कि शाम चार बजे उसके भाई राजेंद्र की गांव के  हाशिम, रिफू, सहादत, वासर, सहदाकत और आमिर ने डंडे, बलकटी से हत्या कर दी है। घटनास्थल पिंडोरा रोड तिराहा बताया गया है। 

ये है पूरा घटनाक्रम  
झिंझाना थानाक्षेत्र के हथछोया गांव में 26 नवंबर को राजेंद्र की हत्या करदी गई थी। परिजनों ने छह लोगों पर गांव के पिंडोरा तिराहे पर डंडे ओर बलकटी से काटकर हत्या का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 27 नवंबर को एक वीडियो वायरल हुई थी जिसमें राजेंद्र को यूपी 100 पुलिस की गाड़ी में पुलिसकर्मियों के सामने ही एक युवक पीटता हुआ नजर आ रहा था। कहा जा रहा था कि पुलिस की गाड़ी से खींचकर ही उसकी हत्या की गई है।

पुलिस कर्मियों को थाने से फोर्स बुलानी चाहिए थी : एसपी 
एसपी अजय कुमार का कहना है कि वायरल वीडियो में ये तो स्पष्ट है कि राजेंद्र की एक युवक ने गाड़ी में पिटाई की गई। वो गाड़ी से नीचे भी गिरा था और ठीक था, लेकिन इससे ये कहीं स्पष्ट नहीं होता कि राजेंद्र की मौत यूपी-100 पुलिस की गाड़ी में हुई है। परिजनों द्वारा इस घटना के संबंध में जो एफआईआर दर्ज कराई गई है, उसमें भी पुलिस की गाड़ी से खींचकर या गाड़ी के अंदर हत्या करने का जिक्र नहीं है। 
राजेंद्र की मृत्यु की सूचना भी पुलिस को शाम करीब साढ़े पांच बजे दी गई। झिंझाना पुलिस जब मौके पर पहुंची तो उसका शव उसके घर पर था। बताया गया था कि उसे एक निजी चिकित्सक के यहां दिखाया, गया लेकिन जब तक उसकी मौत हो चुकी थी। राजेंद्र की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके शरीर पर मिले आठ में से सात निशान रगड़ने जैसे हैं जिनसे मौत संभव नहीं है। केवल सिर के पीछे एक कटने जैसा निशान है जिस वजह से उसकी मौत संभव है। बकौल एसपी इस संबंध में यूपी 100 डायल में मौजूद चालक और होमगार्ड द्वारा द्वारा मौखिक तौर पर जो बताया जा रहा है कि उसके अनुसार गाड़ी से नीचे गिरने के बाद राजेंद्र वहां से चला गया था। इसी दौरान ऊन क्षेत्र में एक्सीडेंट की सूचना आ गई जिसके बाद यूपी 100 पुलिस कर्मी वहां चले गए थे। बकौल एसपी हालांकि आधिकारिक तौर पर होमगार्ड और पुलिसकर्मी के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। एसपी ने माना कि इस मामले में यूपी 100 पुलिस कर्मियों की प्रथम दृष्टया लापरवाही है। यदि वहां ऐसा माहौल था तो उन्हें झिंझाना थाने को सूचना देकर और फोर्स मंगाना चाहिए था। प्रथम दृष्टया उनकी इसी लापरवाही पर उन्हें निलंबित किया गया है ओर एएसपी विभगाय जांच कर रहे हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। एसपी अजय कुमार ने कहा कि उन्हें इस संबंध में मानवाधिकार आयोग के नोटिस के संबंध में जानकारी नहीं है।  

यूपी 100 पुलिस कर्मियों की बैठक ले दी नसीहत 
इस घटना के बाद एसपी ने शाम को जिले में यूपी 100 पुलिस कर्मियों की बैठक लेकर उन्हें नसीहत दी। पुलिस लाइन में हुई बैठक में एसपी ने हथछोया प्रकरण के बारे में यूपी 100 पुलिस कर्मियों को दिशा निर्देश देकर बताया कि यदि उन्हें कहीं  भी  भीड़ वाला माहौल दिखे तो तुरंत संबंधित थाने को सूचना देकर फोर्स बुला लें। उन्होंने व्यवहार सुधारने, अवैध वसूली की शिकायतों पर सख्त कार्रवाई सहित कई हिदायतें दी गई।

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