फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Shahid's family will now get Rs one crore rupees: Rajnath

आरएएफ की पांच नई बटालियन, वर्दी के बजाय 10 हजार रुपये प्रतिवर्ष वर्दी भत्ता : राजनाथ सिंह

Sun, 08 Oct 2017 12:19 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ Updated Sun, 08 Oct 2017 12:19 PM IST
विज्ञापन
Shahid's family will now get Rs one crore rupees: Rajnath
समारोह में मुख्य अतिथि केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि वर्ष 2022 तक नए भारत का निर्माण होगा। इसके लिए प्रधानमंत्री ने भी संकल्प दिलाया है। लेकिन इसमें सांप्रदायिकता, अराजकता, क्षेत्रवाद, जातिवाद बड़ी बाधा है। हम ऐसे भारत का निर्माण करना चाहते हैं, जो इन कलंकों से मुक्त हो। यह संकल्प सिद्ध होकर रहेगा और इसमें सभी के सहयोग की जरूरत है। देश में समाज को तोड़ने वाली ताकतों के हौसले पस्त करने की जिम्मेदारी हमारी है।

विज्ञापन


वेदव्यासपुरी मेरठ स्थित 108 वाहिनी परिसर में शनिवार को रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) के सिल्वर जुबली समारोह में बतौर मुख्य अतिथि गृह मंत्री ने कहा कि उन्हें आरएएफ के जवानों पर नाज है। वहीं, महिला बटालियन की भी वे तहेदिल से प्रशंसा करते हैं। उन्होंने घोषणा की कि एक जनवरी 2018 से आरएएफ में पांच नई बटालियनें और शामिल हो जाएंगी। राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्रीय फोर्स में प्रमोशन का रास्ता बिल्कुल बंद हो चुका था। लेकिन उन्होंने गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालते ही प्रमोशन लागू किया, जिसमें करीब 35 हजार कांस्टेबल हेड कांस्टेबल बनाए गए। पदोन्नति के और भी रास्ते तलाशे जा रहे हैं। एक जनवरी 2016 के बाद शहीद हुए जवानों के परिजनों को कम से कम एक करोड़ की धनराशि देने का फैसला लिया गया है, इस पर अमल भी शुरू कर दिया गया है। अब फोर्स के जवानों को वर्दी के बजाय 10 हजार रुपये प्रतिवर्ष वर्दी भत्ता मिलेगा।
विज्ञापन


केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि 25 सालों में द्रुत कार्य बल (आरएएफ) ने केंद्र और राज्य सरकारों में अपना अलग स्थान बनाया है। यह अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रही है, क्योंकि जहां शांति होती है, वहां अर्थव्यवस्था बेहतर होती है। 10 बटालियनों की सीमित संख्या होने के बावजूद आरएएफ ने असीमित सफलता हासिल की है। सांप्रदायिक दंगों या अन्य आंदोलनों में इसने लोगों का विश्वास और साख हासिल की है। यही वजह है कि राज्यों में हालात बिगड़ने या आशंका होने पर राज्यों द्वारा आरएएफ की मांग की जाती है। ढाई दशक में पहली बार इनकी पांच बटालियन बढ़ाने का फैसला लिया गया है। इस अवसर पर गृह मंत्री ने डाक टिकट जारी करने के साथ ही आरएएफ की कॉफी टेबल पुस्तक का विमोचन किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


रोजी-रोटी नहीं, देश सेवा का जज्बा
केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि इतनी गर्मी में वे कैप लगाकर बैठे थे, पसीना आ रहा था। उन्हें एहसास हुआ कि बहादुर जवान धूप में उनसे भारी कैप लगाकर खड़े हैं, कितनी कठिनाई हो रही होगी। आरएएफ में जवान रोजी-रोटी के लिए नहीं आते, बल्कि देश के लिए कुछ कर गुजरने के जज्बे की वजह से वे इस सेवा को स्वीकार करते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed