छात्रा से दुष्कर्म मामले में ये भी गुनहगार, चुप रहने को बोली शिक्षिका, पुलिस ने किया वीडियो वायरल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दुष्कर्म की घटनाओं को पुलिस ही दबाने में जुटी रहती है। पीड़ित इंसाफ के लिए भटकते रहते है। जब मामला गंभीर हो जाता है, तब पुलिस कार्रवाई करती है। रमाला थाना क्षेत्र में आठ साल की मासूम से सामूहिक दुष्कर्म की घटना ने फिर से पुलिस सुरक्षा की पोल खोल कर रख दी।
शिक्षिका ने किया चुप, पुलिस ने वीडियो वायरल किया
रमाला थाना पुलिस ने आठ दिन पहले सामूहिक दुष्कर्म पीड़ित छात्रा के बयानों की वीडियोग्राफी की थी। इस वीडियो को भी पुलिस ने सार्वजनिक कर दिया जबकि हाईकोर्ट के सख्त आदेश है कि दुष्कर्म पीड़िता की जानकारी गोपनीय रखी जाए।
एसपी सहित अन्य अफसरों ने किया निरीक्षण
एसपी प्रताप गोपेंद्र यादव, एएसपी अनिल कुमार सिंह ने मंगलवार शाम प्राइमरी पाठशाला पहुंचकर घटना स्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने स्कूल के बाथरूम को देखा। निरीक्षण के बाद दोनों अधिकारी रमाला थाने पहुंचे।
सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी में पकड़े गए तीनों छात्रों से पूछताछ की। एसपी ने बताया कि घटना स्थल को देखने गए थे। पुलिस गहराई से मामले की जांच कर रही है। एसपी ने बताया कि तीनों आरोपियों को बाल सुधार गृह भेजा गया है।
पुलिस ने छात्रा के दर्ज किए बयान
पुलिस ने सामूहिक दुष्कर्म पीड़ित छात्रा का जिला अस्पताल पहुंचकर बयान दर्ज किए। छात्रा ने बयान में तीनों छात्रों पर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया। बयान दर्ज कर पुलिस वापस लौट गई।
बेटी को इंसाफ मिलने की उम्मीद जगी: पिता
जिला अस्पताल में भर्ती सामूहिक दुष्कर्म पीड़ित छात्रा के पिता ने कहा कि अब उसकी बेटी को इंसाफ मिल जाएगा। पुलिस और समाज के लोग तो उन पर समझौते का दबाव बना रहे थे। बिटिया से दुष्कर्म करने वाले तीनों आरोपियों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए।
बेटियों की सुरक्षा पुलिस की जिम्मेदारी : एएसपी
एएसपी अनिल कुमार सिंह ने बताया कि बेटियों की सुरक्षा के प्रति गंभीर है। थानाध्यक्षों को इसमें लापरवाही न बरतने को चेताया गया है।