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एथलीट सीमा मैक्स में भर्ती, फेडरेशन और सरकार ने अकेला छोड़ा
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
Updated Mon, 05 Sep 2016 02:20 AM IST
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दिल्ली के मैक्स अस्पताल में भर्ती सीमा पूनिया।
- फोटो : अमर उजाला
वायरल से पीड़ित अंतर्राष्ट्रीय एथलीट सीमा पूनिया का दिल्ली के मैक्स अस्पताल में उपचार चल रहा है। सिर में दर्द बने रहने की शिकायत पर रविवार को उनका एमआरआई कराते हुए कई सैंपल लिए गए। वहीं, अभी तक इंडियन एथलेटिक्स फेडरेशन और केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा उनकी सुध न लेने पर पति व कोच अंकुश पूनिया ने नाराजगी जताई है।
मेरठी बहू सीमा पूनिया रियो ओलंपिक में वायरल की चपेट में आ गई थीं। तब से वायरल और सिर में दर्द बना हुआ है। दो दिन लखनऊ और एक दिन मोदीपुरम के निजी अस्पताल में भर्ती रहने के बाद उन्हें शनिवार को दिल्ली के मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। सीमा को चिकनगुनिया की पुष्टि हो गई थी। लेकिन जीका वायरस की आशंका से होश उड़े थे, जिसके चलते उन्हें दिल्ली भर्ती कराया गया। जहां पर
दो सीनियर डॉक्टरों की देखरेख में उनका उपचार चल रहा है।
अंकुश पूनिया का कहना है कि जीका वायरस की आशंका बहुत कम है। चिकित्सक ट्रीटमेंट के अनुसार ही टेस्ट करा रहे हैं कि कहीं दिमागी बुखार तो नही है। इसके लिए सिर का एमआरआई कराया गया है। अंकुश का आरोप है कि अंतर्राष्ट्रीय एथलीट सीमा को पहले रियो में अकेला भेज दिया गया। अब उनके अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान भी प्रदेश और केंद्र सरकार के अलावा फेडरेशन कोई सुध नहीं ले रहा है। परिवार के लोग इतना महंगा उपचार कैसे कराएं। अब फेडरेशन और सरकार आगे क्यों नहीं आ रही है।
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पहले ही जताई थी आशंका
रियो ओलंपिक में अंतिम समय में अपना नाम कटने के बाद अंकुश पूनिया ने नाराजगी जताई थी। इसके लिए इंडियन एथलेटिक्स फेडरेशन को दोषी ठहराया था। अंकुश का कहना था कि अगर कोई चूक होगी, तो उसकी जिम्मेदार फेडरेशन होगी। अंकुश ने कहा कि इन सब की पहले ही आशंका जताई गई थी, और वही हुआ।
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मेरठी बहू सीमा पूनिया रियो ओलंपिक में वायरल की चपेट में आ गई थीं। तब से वायरल और सिर में दर्द बना हुआ है। दो दिन लखनऊ और एक दिन मोदीपुरम के निजी अस्पताल में भर्ती रहने के बाद उन्हें शनिवार को दिल्ली के मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। सीमा को चिकनगुनिया की पुष्टि हो गई थी। लेकिन जीका वायरस की आशंका से होश उड़े थे, जिसके चलते उन्हें दिल्ली भर्ती कराया गया। जहां पर
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दो सीनियर डॉक्टरों की देखरेख में उनका उपचार चल रहा है।
अंकुश पूनिया का कहना है कि जीका वायरस की आशंका बहुत कम है। चिकित्सक ट्रीटमेंट के अनुसार ही टेस्ट करा रहे हैं कि कहीं दिमागी बुखार तो नही है। इसके लिए सिर का एमआरआई कराया गया है। अंकुश का आरोप है कि अंतर्राष्ट्रीय एथलीट सीमा को पहले रियो में अकेला भेज दिया गया। अब उनके अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान भी प्रदेश और केंद्र सरकार के अलावा फेडरेशन कोई सुध नहीं ले रहा है। परिवार के लोग इतना महंगा उपचार कैसे कराएं। अब फेडरेशन और सरकार आगे क्यों नहीं आ रही है।
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पहले ही जताई थी आशंका
रियो ओलंपिक में अंतिम समय में अपना नाम कटने के बाद अंकुश पूनिया ने नाराजगी जताई थी। इसके लिए इंडियन एथलेटिक्स फेडरेशन को दोषी ठहराया था। अंकुश का कहना था कि अगर कोई चूक होगी, तो उसकी जिम्मेदार फेडरेशन होगी। अंकुश ने कहा कि इन सब की पहले ही आशंका जताई गई थी, और वही हुआ।