विदेशी पत्रकार की रिपोर्ट से खुला गीता की हत्या का राज
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मेरठ जनपद के पीपलीखेड़ा में 17 माह पहले हुई गीता की मौत का मामला उसके परिजनों ने भले ही हादसा दिखाकर दबा दिया। लेकिन विदेशी पत्रकार ने न्यूयॉर्क टाइम्स में गीता की मौत को हत्या बताकर उसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रकाशित किया। मामला देश के कानून से जुड़ा तो गृह मंत्रालय ने लखनऊ मुख्यालय से जांच रिपोर्ट मांग ली। शनिवार को महिला की हत्या में उसके पति को गिरफ्तार कर एसपी देहात ने इसका खुलासा कर दिया।
एसपी देहात राजेश कुमार ने प्रेसवार्ता में बताया कि घटना एक मई 2016 को हुई थी। खरखौदा क्षेत्र के पीपलीखेड़ा निवासी मुकेश कुमार की पत्नी गीता (28) अपने घर की छत पर सोयी हुई थी। जबकि मुकेश कमरे में सोया हुआ था। आरोप था कि मुकेश को शक था कि उसकी पत्नी के कहीं दूसरी जगह संबंध हैं, जिसको लेकर उसने गीता के सिर पर डंडे से कई वार कर दिए थे। बाद में गीता की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई थी। सूचना पर खरखौदा पुलिस पहुंची थी तो महिला के ससुराल और मायके पक्ष ने लिखकर दिया था कि गीता छत से गिर गई थी और सिर में चोट लगने से मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गीता की मौत का कारण सिर में चोट लगना आया। जिसके बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया था।
एक सप्ताह तक चली गहन जांच
एसपी देहात ने बताया कि गीता की मौत के मामले में उन्होंने खुद फोरेंसिक टीम के साथ जांच पड़ताल की। कुछ चश्मदीदों के बयान लिए। जिसमें सही पाया गया कि गीता को उसके पति मुकेश ने पीटकर मारा था। शनिवार को पति मुकेश पुत्र सुंदर निवासी पीपलीखेड़ा को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त डंडा भी बरामद कर लिया गया। उसे जेल भेज दिया गया है।
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खबर से घूमी कहानी
एक माह पहले अगस्त में न्यूयॉर्क टाइम्स की पत्रकार पीपलीखेड़ा में आयी थी। जिन्हें आसपास के लोगों से पता चला कि मुकेश ने अपनी पत्नी गीता की पीटकर हत्या कर दी। आरोपी मुकेश खुलेआम घूम रहा है। जिसके बाद चश्मदीदों से गहनता से जानकारी कर 19 अगस्त को न्यूयॉर्क टाइम्स ने प्रमुखता से छापा। जिसमें लिखा था कि ‘एक हत्यारोपी कैसे भारत के छोटे से गांव में घूमता है’। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मामला पहुंचा तो गृह मंत्रालय ने लखनऊ मुख्यालय से रिपोर्ट मांग ली। एडीजी मेरठ जोन और एसएसपी ने न्यूयॉर्क टाइम्स की खबर के आधार पर जांच कराई। 13 सितंबर को खरखौदा थाने के दरोगा सरजेश कुमार ने गीता की हत्या का मामला दर्ज करा दिया।
दूसरी पत्नी के साथ घूमता था
मुकेश के चार बच्चे हैं। इस दौरान उसने दूसरी शादी कर ली। न्यूयॉर्क टाइम्स में लिखते हुए आरोपी का फोटो भी छापा गया कि हत्या करने के बाद पति दूसरी शादी कर पत्नी के साथ साइकिल से घूमता है। लेकिन किसी ने भी हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराने की कोशिश नहीं की। गांव के प्रधान और होमगार्ड महिला रिपोर्टर को पूरा मामला बताते हैं। 16 माह से ज्यादा का समय बीतने के बाद भी गांव के लोग ऐसा ही सीन बताते हैं जो उन्होंने घटना के वक्त देखा था।
मैंने बहुत समझाया था
प्रेसवार्ता के दौरान एसपी देहात के सामने मुकेश ने बताया कि उसने पत्नी को बहुत समझाया था। लेकिन वह नहीं मानी। इसलिए उसने उसे मारने की कसम खा ली थी। दावा किया कि वह पड़ोस के एक युवक को भी मार डालता।
अब कैसे बरामद किया डंडा
हत्या को हादसा मानने वाली खरखौदा पुलिस ने 16 माह से ज्यादा का समय बीतने के बाद हत्या का केस दर्ज किया। शनिवार को आरोपी मुकेश की गिरफ्तारी के समय पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त डंडा भी बरामद किया। यह वही डंडा था तो फिर इतने समय से उसे कहां छिपाकर रखा था।
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इंटरनेशनल मीडिया ने माना हत्या, थाना पुलिस ने हादसा
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गीता की मौत सिर में गंभीर चोट लगने से होना आया था। उसके बावजूद मेरठ पुलिस इसे हादसा मानती रही। लेकिन जब इंटरनेशनल मीडिया ने उसे हत्या मानकर प्रकाशित किया तो पुलिस अफसरों को कानून का ककहरा याद आया। पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर गहनता से जांच पड़ताल करते हुए चश्मदीदों से भी बात की तो मामला हत्या का ही निकला।
मेरठ में कई मामलों की रिपोर्टिंग
संयुक्त राज्य अमेरिका के समाचार पत्र न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्टर एलन बेरी करीब पांच वर्षों से मेरठ क्षेत्र में महिला उत्पीड़न पर काम कर रही हैं। बीच में उनका कई बार खरखौदा क्षेत्र के आसपास के गांवों में आना-जाना लगा रहा। खरखौदा थाना क्षेत्र में ही करीब तीन साल पहले धर्मांतरण का एक मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित रहा था। एलन इसकी कवरेज करने पहुंची थीं।
करीब चार वर्ष पहले गांव पीपलीखेडा में ही नट जाति की कुछ महिलाएं मीट प्लांटों में काम करने पहुंची थीं। लेकिन बिरादरी व पंचायत ने इन महिलाओं का हुक्का पानी बंद करते हुए गांव से बाहर करने का फरमान सुना दिया था। स्थानीय समाचारपत्रों में यह खबर छपने के बाद एलन ने गांव में पहुंचकर इसकी जानकारी की। चूंकि वे महिला उत्पीड़न के मामले देखती थीं, इसलिए पीपलीखेड़ा गांव में पहुंचने पर उन्हें गीता की मौत के बारे में ग्रामीणों ने बताया।
विदेशी पत्रकार ने कड़ी से कड़ी जोड़ी
जो काम 17 माह पहले खरखौदा पुलिस को करना चाहिए, वह विदेशी पत्रकार एलन ने किया। पहले गांव से बेसिक जानकारी जुटाने के बाद वह हिंदी अनुवादक को लेकर थाना खरखौदा पहुंचीं। मामले की तह तक जाने के लिए गांव के प्रधान जहीरुद्दीन के अलावा थाना खरखौदा में तैनात गांव के होमगार्ड जहांगीर को विश्वास में लेकर इस मामले में पूरी जानकारी एकत्र कर ली। काफी जांच के बाद यह बात साफ हो गयी कि गीता की मौत हादसा नहीं हत्या है और हत्यारोपी पति मुकेश ने दूसरी शादी भी कर ली है। जिसके बाद उन्होंने न्यूयॉर्क टाइम्स में खबर प्रकाशित की। जिसके बाद इसी खरखौदा पुलिस को केस हत्या में दर्ज करना पड़ा।
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