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दस दिन में मिले टीबी के 149 मरीज

Mon, 21 Oct 2019 01:24 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 21 Oct 2019 01:24 AM IST
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search 149 patients of TB in 10 days
search 149 patients of TB in 10 days
मेरठ।
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टीबी (ट्यूबरकुलोसिस) का अगर एक मरीज इलाज नहीं कराता है तो वह 10 से 12 लोगों को टीबी का शिकार बना सकता है। यह और भी खतरनाक है कि व्यक्ति को टीबी हो और उसे इसका पता न हो। जिला क्षय रोग विभाग को 10 से 19 अक्तूबर तक घर-घर जाकर कराए गए सर्वे में टीबी के 149 नए मरीज मिले हैं। इन मरीजों को बीमारी के संबंध में जानकारी नहीं थी। सभी का इलाज शुरू किया गया है।
65 प्रतिशत पुरुष, 35 फीसदी महिलाएं
जांच अभियान के लिए 155 टीमें लगाई गई थीं। इसमें 32 कर्मचारियों ने सुपरविजन किया। 10 मेडिकल ऑफिसरों को नोडल अधिकारी बनाया था। 449671 की जनसंख्या पर टीबी के लक्षणों की स्क्रीनिंग की गई। संदेह होने पर 2220 लोगों के बलगम और एक्सरे कराकर जांच की गई। इनमें से 149 को टीबी की पुष्टि हुई। इनमें 25 से 50 साल उम्र के मरीज सबसे ज्यादा हैं। करीब 65 प्रतिशत पुरुष और 35 फीसदी महिलाएं हैं। इस अभियान का नाम ‘टीबी-फ्री इंडिया’ है। प्रधानमंत्री द्वारा वर्ष 2025 तक देश को टीबी रोगियों से मुक्त करने के प्रयास के तहत अभियान चलाया गया।
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यहां चला अभियान
अभियान लल्लापुरा, किशनपुरा, शिवपुरम, मुल्ताननगर, मलियाना, गोलाबढ, फाजलुपर, मकबरा डिग्गी, देवपुरी, संजयनगर, रफीकपुरा, जिला कारागार, अब्दुल्लापुर और आर्यानगर आदि जगह चलाया गया।
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बीच में इलाज न छोड़ें
घर-घर जाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। नियमित जांच कराने और दवाएं खाने से बीमारी ठीक हो जाती है। बीच में इलाज छोड़ना गलत है। इससे बीमारी बढ़ सकती है। - डॉ. एमएस फौजदार, जिला क्षय रोग अधिकारी
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ये लक्षण दिखें तो कराएं तुरंत जांच
- दो हफ्ते से लगातार खांसी होना
- बुखार, भूख न लगना
- रात में पसीना आना
- वजन में लगातार गिरावट
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यह है टीबी
टीबी एक गंभीर, संक्रामक और बैक्टीरिया से होने वाली बीमारी है। यह मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करती है। जानलेवा हो सकती है। डॉट्स सेंटरों पर इसकी दवाएं मुफ्त मिलती हैं। जिला अस्पताल में इसका केंद्र है।

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जानकारी न देने पर दो साल तक की सजा
निजी चिकित्सकों और मेडिकल स्टोर संचालकों को भी टीबी के मरीजों का ब्योरा जिला क्षय रोग कार्यालय में देना होता है। करीब नौ माह पहले टीबी के सारे मरीजों का ब्योरा रखने के लिए सरकार ने नोटिफिकेशन जारी किया था। जानकारी न देने वाले को छह माह से दो साल तक की सजा का प्रावधान है।
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