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शहर के पहले पिंक-ब्लू टॉयलेट पर लगेगी सील

Tue, 16 Jul 2019 02:30 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 16 Jul 2019 02:30 AM IST
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sealing of pink blue toilet
sealing of pink blue toilet
मेरठ। स्वच्छ भारत मिशन के तहत सिटी स्टेशन पर बनाए गए शहर के पहले पिंक-ब्लू टॉयलेट पर रेलवे ने आपत्ति जताई है। इस सार्वजनिक शौचालय पर रेलवे की ओर से सील लगाने की कार्रवाई की जा सकती है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि रेलवे भूमि पर बनाए गए इस शौचालय की अनुमति नहीं ली गई थी। रेलवे प्रशासन इस पर कई बार आपत्ति जता चुका है। पिछले दिनों डीआरएम सुखमल चंद जैन ने भी इस सार्वजनिक शौचालय पर स्टेशन अधीक्षक को कड़ी फटकार लगाकर इसे अवैध करार दिया था।
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सिटी स्टेशन के बाहर नगर निगम और सभ्य समाज सेवा संस्थान की ओर से वातानुकूलित सार्वजनिक शौचालय बनाया गया है। इसका शुभारंभ सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने लोकसभा चुनाव की घोषणा से तीन दिन पहले सात मार्च को किया था। इसके बाद से ही इस पर संकट के बादल मंडरा रहे थे। हालांकि इससे यात्रियों को काफी सुविधा मिल रही है। इससे एक दिन में औसतन एक हजार रुपये की आमदनी भी हो रही है।
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करार में नहीं रेलवे का नाम
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक सिटी स्टेशन पर बनाए गए इस शौचालय में रेलवे का नाम करार में नहीं लिखा गया है। सिर्फ नगर निगम और सभ्य सेवा समाज संस्था के बीच करार लिखा गया था। इस कारण संचालन रेलवे की जमीन पर नहीं हो सकता है। रेलवे इस पर सील लगा सकता है।
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फाइल में भी है झोल
शौचालय के निर्माण में भी झोल सामने आ सकता है। 25 लाख रुपये की लागत से बनाए गए प्रथम और द्वितीय तल के निर्माण पर नगर निगम और संस्था का हक है। क्योंकि इन्हीं दोनों ने आपस में करार किया है। वहीं सांसद ने भी ग्रामीण अभियंत्रण विभाग से रेलवे को पत्र भेजकर सार्वजनिक शौचालय के लिए स्थान देने के लिए कहा था।
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सीनियर सेक्शन इंजीनियर (कार्य) की तरफ से शौचालय को लेकर पूरी कार्रवाई की गई थी। मेरे संज्ञान में यह मामला आया है कि करार में कहीं भी रेलवे का नाम नहीं है। मौखिक रूप से मुख्यालय से इसकी अनुमति दे दी गई थी। जिससे अब दिक्कतें हैं। पिछले दिनों डीआरएम ने भी इस पर नाराजगी जाहिर की थी।
आरपी शर्मा, सिटी स्टेशन अधीक्षक
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यह गलत बात है, जो कोई कह रहा है। अधिकारियों को समझदारी से काम करना चाहिए। मेरी जानकारी में है कि रसीद कटी है। इसकी जानकारी नगर निगम के पास है। शौचालय अवैध नहीं है। मैं भी इस संबंध में अधिकारियों से बात करूंगा।

राजेंद्र अग्रवाल, सांसद
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शौचालय बनाने से पहले पूरी कागजी कार्रवाई की गई है। शौचालय स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाया गया है। कहीं कोई लापरवाही नहीं की गई है। -अमित सिंह, अपर नगर आयुक्त
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