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Meerut: परिवार को घर से बेदखल कर एसडीएम ने मकान किया सील, महिला ने अपने बच्चों के साथ की आत्मदाह करने की कोशिश
Sat, 16 Mar 2024 10:21 PM IST
श्याम जी.
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: श्याम जी.
Updated Sat, 16 Mar 2024 10:21 PM IST
सार
एसडीएम सरधना ने जटौली गांव में एक मकान पर सील लगवा दी। इसका विरोध करते हुए पीड़ित पक्ष ने तहसील परिसर में जमकर हंगामा प्रदर्शन किया। एसडीएम पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए महिला ने अपने दो बच्चों के साथ तहसील में आत्मदाह का प्रयास किया।
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एसडीएम ऑफिस के बाहर धरने पर बैठा पीड़ित पक्ष
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
एसडीएम सरधना ने शनिवार को जटौली गांव में परिवार के सदस्यों को बाहर निकालकर कर एक मकान पर सील लगवा दी। इसका विरोध करते हुए पीड़ित पक्ष ने तहसील परिसर में जमकर हंगामा प्रदर्शन किया। एसडीएम पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए महिला ने अपने दो बच्चों के साथ तहसील में आत्मदाह का प्रयास किया। अधिकारियों के ना मिलने पर गुस्साए पीड़ितों ने एसडीएम ऑफिस के सामने धरना दिया।
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जानकारी के अनुसार, मुजफ्फरनगर के भौराकलां निवासी सरिता पत्नी रघुपाल सिंह की शादी मुजफ्फरनगर में हुई थी। पीड़िता के अनुसार वर्ष 2022 में ससुराल वालों ने उसके दो बच्चों के साथ घर से निकाल दिया था। जटौली गांव में ससुराल का एक प्लाट है। जिस पर उन्होंने किसी तरह पैसे एकत्रित कर मकान बनवाया, तभी से वह मकान में रह रहे थे। वर्तमान में महिला पक्ष के ससुराल पक्ष से कई मुकदमे चल रहे हैं। इनमें एसडीएम सरधना कोर्ट में मुकदमा चल रहा है। आरोप है कि एसडीएम ने दूसरे पक्ष से सांठगांठ करके एक पक्षीय कार्रवाई कर दी।
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मामले की जानकारी लगने पर भाकियू तोमर की महिला जिलाध्यक्ष गीता चौधरी के साथ तहसील पहुंचे। महिला ने अपने दो बच्चों के साथ आत्मदाह का प्रयास किया। आत्मदाह की सूचना पर पहुंची पुलिस ने काफी देर तक समझाकर उन्हें रोका। इसके बाद पीड़ित पक्ष के लोग एसडीएम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। उन्होंने एसडीएम पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। घंटों बाद एसडीएम तहसील पहुंचे और कार्यालय में जाकर बैठ गए। पीड़ितों ने एसडीएम के विरोध में नारेबाजी की।
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