{"_id":"6962c0fb7ecf0ce25404eb58","slug":"scuffle-and-commotion-with-police-when-sp-mp-and-mla-were-stopped-meerut-news-c-72-1-mct1010-147025-2026-01-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: सपा सांसद और विधायक को रोकने पर पुलिस से धक्कामुक्की-हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: सपा सांसद और विधायक को रोकने पर पुलिस से धक्कामुक्की-हंगामा
विज्ञापन
संदीप ,, काशी टोल पर धरने पर बैठे सपा सांसद विधायक और कार्यकर्ता
दिल्ली से कपसाड़ जाने के लिए निकले सपा सांसद रामजी लाल सुमन को पुलिस प्रशासन ने मेरठ के काशी टोल प्लाजा पर रोक दिया। इस पर कार्यकर्ता भड़क गए और हंगामा कर दिया। सूचना पर सरधना विधायक अतुल प्रधान भी वहां पहुंच गए और पुलिस अधिकारियों से आगे जाने देने की अनुमति मांगी। इस दौरान सपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच जमकर धक्कामुक्की हुई।
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक प्रतिनिधिमंडल को कपसाड़ गांव में पीड़ित परिवार की मदद के लिए भेजा था। जैसे ही सांसद रामजी लाल सुमन दिल्ली से वहां पहुंचे, पुलिस ने उन्हें रोक लिया। सूचना मिलते ही सरधना विधायक अतुल प्रधान समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने एसपी यातायात राघवेंद्र कुमार मिश्र और एडीएम सिटी बृजेश कुमार सिंह से काफिले को आगे जाने देने की मांग की, लेकिन अनुमति नहीं मिली। अनुमति न मिलने पर विधायक अतुल प्रधान और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्कामुक्की हुई। सपा कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
सरकार पर भेदभाव का आरोप
सांसद ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष को रोककर सरकार अपने गुनाहों पर पर्दा डाल रही है। उन्होंने एनसीआरबी की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि यूपी में अनुसूचित जाति के लोगों पर सबसे ज्यादा अत्याचार हो रहे हैं। अपराधियों को सत्ता का संरक्षण महसूस हो रहा है। उन्होंने सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार का बुलडोजर जाति और धर्म देखकर चल रहा है। यह सरकार पूरी तरह दलित विरोधी है। प्रदेश में जगह-जगह बाबा साहेब अंबेडकर और बुद्ध की प्रतिमाएं तोड़ी जा रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आरोपियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो समाजवादी पार्टी बड़ा आंदोलन करेगी।
विज्ञापन
ये नेता रहे मौजूद
करीब दो घंटे चले हंगामे के बाद सांसद वापस दिल्ली लौट गए। इस दौरान सपा जिलाध्यक्ष कर्मवीर गुमी, पूर्व जिलाध्यक्ष विपिन चौधरी, जिला पंचायत सदस्य सम्राट मलिक, पूर्व विधायक योगेश वर्मा, प्रवेश गुमी, पुष्पेंद्र कसाना, विजयपाल कश्यप, राजदीप विकल, नदीम चौहान, गौरव काजीपुर और अनुज प्रजापति मौजूद रहे।
विज्ञापन
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक प्रतिनिधिमंडल को कपसाड़ गांव में पीड़ित परिवार की मदद के लिए भेजा था। जैसे ही सांसद रामजी लाल सुमन दिल्ली से वहां पहुंचे, पुलिस ने उन्हें रोक लिया। सूचना मिलते ही सरधना विधायक अतुल प्रधान समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने एसपी यातायात राघवेंद्र कुमार मिश्र और एडीएम सिटी बृजेश कुमार सिंह से काफिले को आगे जाने देने की मांग की, लेकिन अनुमति नहीं मिली। अनुमति न मिलने पर विधायक अतुल प्रधान और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्कामुक्की हुई। सपा कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
विज्ञापन
सरकार पर भेदभाव का आरोप
सांसद ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष को रोककर सरकार अपने गुनाहों पर पर्दा डाल रही है। उन्होंने एनसीआरबी की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि यूपी में अनुसूचित जाति के लोगों पर सबसे ज्यादा अत्याचार हो रहे हैं। अपराधियों को सत्ता का संरक्षण महसूस हो रहा है। उन्होंने सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार का बुलडोजर जाति और धर्म देखकर चल रहा है। यह सरकार पूरी तरह दलित विरोधी है। प्रदेश में जगह-जगह बाबा साहेब अंबेडकर और बुद्ध की प्रतिमाएं तोड़ी जा रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आरोपियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो समाजवादी पार्टी बड़ा आंदोलन करेगी।
विज्ञापन
ये नेता रहे मौजूद
करीब दो घंटे चले हंगामे के बाद सांसद वापस दिल्ली लौट गए। इस दौरान सपा जिलाध्यक्ष कर्मवीर गुमी, पूर्व जिलाध्यक्ष विपिन चौधरी, जिला पंचायत सदस्य सम्राट मलिक, पूर्व विधायक योगेश वर्मा, प्रवेश गुमी, पुष्पेंद्र कसाना, विजयपाल कश्यप, राजदीप विकल, नदीम चौहान, गौरव काजीपुर और अनुज प्रजापति मौजूद रहे।