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Meerut News: जिले में शुरू हुआ टीबी ग्रसित मरीज के परिचितों का स्क्रीनिंग अभियान
Tue, 09 Jan 2024 12:16 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Tue, 09 Jan 2024 12:16 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जिले में टीबी को पोलियो की तर्ज पर जड़ से खत्म करने के लिए लगातार जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है। ऐसे में अब सोमवार से टीबी ग्रसित मरीजों के अलावा उनके आसपास रहने, काम करने वाले लोगों की स्क्रीनिंग करने का अभियान शुरू हो गया है। अभियान के पहले दिन करीब 90 लोगों की सैंपलिंग की गई। टीबी ग्रसित मिलने पर इनका इलाज शुरू होगा।
सोमवार को अभियान के तहत ताजपुर, कोतवाली देहात, बढ़ापुर क्षेत्र में सैंपलिंग की गई। इन क्षेत्रों में नौ मरीजों के परिवार, मिलने वाले सहित 90 लोगों के सैंपल लिए। आठ फरवरी तक यह अभियान चलेगा। जिसके तहत करीब 15 हजार लोगों की स्क्रीनिंग की जाएगी। जिले में साल 2023 में टीबी के 11125 मरीज खोजे गए हैं। इनमें से वर्तमान में 5540 टीबी ग्रसित मरीजों का इलाज चल रहा है। इनमें से करीब तीन हजार मरीज ऐसे हैं, जिनके बलगम में टीबी के कीटाणु आते हैं। जिससे दूसरे लोगों को टीबी खोने का खतरा ज्यादा रहता है।
- सुपरवाइजर करेंगे लोगों की सैंपलिंग
अभियान को सफल बनाने के लिए 40 सुपरवाइजर काम करेंगे। एसटीएस, एसटीएलएस, टीबीएचवी गांव-गांव घूमकर लोगों के सैंपल लेंगे। इसके बाद जांच की जाएगी। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अगर ब्लॉक स्तर से स्टाफ को अभियान से जोड़ा जाता है तो कई चीजें सही से नहीं होती हैं। जिस वजह से सुपरवाइजरों को इस अभियान से जोड़ा गया है।
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- टीबी के लक्षण
-तीन सप्ताह से ज्यादा खांसी होना
-लगातार बुखार आना
-छाती में दर्द होना
-तेजी से वजन घटना
-भूख कम लगना
-कभी-कभी बलगम के साथ खून आना
- टीबी से ऐसे करें बचाव
- खांसी आने पर मुंह पर मास्क लगाएं
- तीन सप्ताह से अधिक खांसी होने पर टीबी की जांच कराएं
- बलगम खुले में नहीं थूकें
- परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें
- वर्जन: जिले में टीबी रोगियों को खोजने के लिए विशेष अभियान शुरू हो गया है। जो लोग ऐसे टीबी मरीजों के संपर्क में आए हैं, जिनके बलगम में टीबी कीटाणु आते हैं। ऐसे करीब 15 हजार लोगों की सैंपलिंग की जाएगी। अभियान के पहले दिन 90 लोगों के सैंपल लिए गए हैं।
....डॉ. सुशील कुमार, जिला क्षय रोग अधिकारी, बिजनौर
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बिजनौर। जिले में टीबी को पोलियो की तर्ज पर जड़ से खत्म करने के लिए लगातार जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है। ऐसे में अब सोमवार से टीबी ग्रसित मरीजों के अलावा उनके आसपास रहने, काम करने वाले लोगों की स्क्रीनिंग करने का अभियान शुरू हो गया है। अभियान के पहले दिन करीब 90 लोगों की सैंपलिंग की गई। टीबी ग्रसित मिलने पर इनका इलाज शुरू होगा।
सोमवार को अभियान के तहत ताजपुर, कोतवाली देहात, बढ़ापुर क्षेत्र में सैंपलिंग की गई। इन क्षेत्रों में नौ मरीजों के परिवार, मिलने वाले सहित 90 लोगों के सैंपल लिए। आठ फरवरी तक यह अभियान चलेगा। जिसके तहत करीब 15 हजार लोगों की स्क्रीनिंग की जाएगी। जिले में साल 2023 में टीबी के 11125 मरीज खोजे गए हैं। इनमें से वर्तमान में 5540 टीबी ग्रसित मरीजों का इलाज चल रहा है। इनमें से करीब तीन हजार मरीज ऐसे हैं, जिनके बलगम में टीबी के कीटाणु आते हैं। जिससे दूसरे लोगों को टीबी खोने का खतरा ज्यादा रहता है।
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- सुपरवाइजर करेंगे लोगों की सैंपलिंग
अभियान को सफल बनाने के लिए 40 सुपरवाइजर काम करेंगे। एसटीएस, एसटीएलएस, टीबीएचवी गांव-गांव घूमकर लोगों के सैंपल लेंगे। इसके बाद जांच की जाएगी। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अगर ब्लॉक स्तर से स्टाफ को अभियान से जोड़ा जाता है तो कई चीजें सही से नहीं होती हैं। जिस वजह से सुपरवाइजरों को इस अभियान से जोड़ा गया है।
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- टीबी के लक्षण
-तीन सप्ताह से ज्यादा खांसी होना
-लगातार बुखार आना
-छाती में दर्द होना
-तेजी से वजन घटना
-भूख कम लगना
-कभी-कभी बलगम के साथ खून आना
- टीबी से ऐसे करें बचाव
- खांसी आने पर मुंह पर मास्क लगाएं
- तीन सप्ताह से अधिक खांसी होने पर टीबी की जांच कराएं
- बलगम खुले में नहीं थूकें
- परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें
- वर्जन: जिले में टीबी रोगियों को खोजने के लिए विशेष अभियान शुरू हो गया है। जो लोग ऐसे टीबी मरीजों के संपर्क में आए हैं, जिनके बलगम में टीबी कीटाणु आते हैं। ऐसे करीब 15 हजार लोगों की सैंपलिंग की जाएगी। अभियान के पहले दिन 90 लोगों के सैंपल लिए गए हैं।
....डॉ. सुशील कुमार, जिला क्षय रोग अधिकारी, बिजनौर