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यूपी: किताबों में कमीशन का बड़ा खेल, स्कूलों ने खुद से तय कर लगा लीं प्रकाशकों की पुस्तकें

Sun, 12 May 2019 10:54 AM IST
Dimple Sirohi अरीश रिज़वी, अमर उजाला, मेरठ
अरीश रिज़वी, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Sun, 12 May 2019 10:54 AM IST
सार

  • 60 रुपये की जगह लगा दी 400 रुपये-वाली किताब 
  • आधा दर्जन से ज्यादा स्कूल रडार पर, जांच कमेटी गठित

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Schools have decided to set publishers' books by themselves for commission
NCERT

विस्तार

यूपी बोर्ड के विद्यालयों में एनसीईआरटी (राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद) की किताबें लगाने में ‘खेल’ किया जा रहा है। कमीशन के चक्कर में यूपी बोर्ड के आठ विद्यालयों में निजी पब्लिशर की किताबें लगा दी गई हैं। ये विद्यालय डीआईओएस के रडार पर आ गए हैं।
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इनकी और इन जैसे अन्य विद्यालयों की जांच के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक ने चार स्कूलों के प्रधानाचार्यों की चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। इनकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इन स्कूलों की मान्यता पर संकट गहरा सकता है।
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खेल दरअसल यह है कि यूपी बोर्ड में एनसीईआरटी की गणित की किताब 60 रुपये की है, जबकि निजी पब्लिशर की 400 रुपये तक है। इसी तरह यूपी बोर्ड में ‘भारत का संविधान’ किताब 35 रुपये की है, जबकि निजी पब्लिशर की 400 रुपये तक है। बाकी किताबों की भी कमोबेश यही स्थिति है।  पिछले साल पहली बार यूपी बोर्ड में एनसीईआरटी पैटर्न पर पढ़ाई शुरू की गई थी।
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एनसीईआरटी की यूपी बोर्ड द्वारा अधिकृत किताबें लगाने पर कोई कमीशन नहीं है, जबकि निजी पब्लिशर की किताबें लगाने में कमीशन का खेल है। माध्यमिक शिक्षा के तहत साफ आदेश हैं कि न सिर्फ एनसीईआरटी की ही किताबें लगानी हैं, बल्कि लगानी भी उन्हीं पांच मुद्रकों की हैं, जिन्हें बोर्ड की तरफ से अधिकृत किया गया है।

इसके बावजूद एक एडेड और सात वित्तविहीन विद्यालय ऐसे हैं, जिन्होंने नियमों के विरुद्ध निजी पब्लिशर की किताबें लगा ली हैं। इन विद्यालयों की अभी जांच होनी बाकी है, लिहाजा अभी उनके नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।

पढ़ाई जानी हैं एनसीईआरटी की 47 किताबें
यूपी बोर्ड के तहत आने वाले विद्यालयों में एनसीईआरटी की किताबें पढ़ाई जाने लगी हैं। शैक्षिक सत्र 2019-20 में कक्षा नौ की विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, गणित, कक्षा 10 की विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और गणित की पाठ्य पुस्तकें हैं। वहीं, कक्षा 11 की भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, गणित, इतिहास, भूगोल, नागरिक शास्त्र, अर्थशास्त्र और समाजशास्त्र की पुस्तकें हैं। 

इनके पुस्तकों के अलावा कक्षा 12 की भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, गणित, इतिहास, भूगोल, नागरिक शास्त्र, अर्थशास्त्र और समाजशास्त्र विषय समेत कुल 47 पाठ्य पुस्तकों को एनसीईआरटी पाठ्यक्रम के आधार पर माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा मान्यता प्राप्त राजकीय, शासकीय सहायता प्राप्त, वित्त विहीन, मान्यता प्राप्त विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के प्रचलन में लाई जा रही हैं।

5 मुद्रक अधिकृत
जिला विद्यालय निरीक्षक गिरजेश चौधरी ने बताया कि फिलहाल आठ स्कूल चिह्नित किए गए हैं, उनकी जांच कराई जा रही है। जांच टीम में चार स्कूलों के प्रधानाचार्य सोनू शेखर, राजीव गोहित, पूनम गोयल और नेम सिंह हैं। प्रदेश में पांच मुद्रकों को अधिकृत किया गया है। इन्हीं से पाठ्य पुस्तकों को सुनिश्चित कराया जाना है।  

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