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Exclusive: पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम में घोटाला, स्टोर से नया सामान बेचा, पुराना लगाया

Sat, 10 Sep 2022 11:32 AM IST
Dimple Sirohi मुकेश पंवार, अमर उजाला, बड़ौत
मुकेश पंवार, अमर उजाला, बड़ौत Published by: Dimple Sirohi Updated Sat, 10 Sep 2022 11:32 AM IST
सार

पश्चिमांचल विद्युत निगम में दो ठेकेदार ठेकेदार लगभग चार साल से लगातार विद्युत निगम से सामग्री को उठा रहे हैं, लेकिन मौके पर नाममात्र ही लगा रहे हैं। एमडी ने मामले की जांच अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण मंडल द्वितीय मेरठ एके सिंह और अधिशासी अभियंता विद्युत परीक्षण खंड प्रथम मेरठ राम बाबू को सौंपी है।

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Scam in Paschimchal Vidyut Vitran Nigam in Baghpat, sold new goods from the store, replaced the old one
बिजली संकट - फोटो : पीटीआई

विस्तार

उत्तर प्रदेश के बड़ौत में पश्चिमांचल विद्युत निगम में दो ठेकेदार स्टोर से नया सामान उठाते रहे और मौके पर पुराना सामान लगाते रहे। इतना ही नहीं टेंडर लेने के दौरान जो हैसियत और चरित्र प्रमाणपत्र लगाए, वह भी जांच में फर्जी निकले हैं। अधिशासी अभियंता द्वितीय के खुलासे के बाद निगम के प्रबंधन निदेशक (एमडी) ने घोटाले की जांच शुरू करा दी है।
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दो ठेकेदारों ने जुलाई माह में बिजरौल रोड स्थित अधिशासी अभियंता द्वितीय राजेश कुमार के कार्यालय पर भुगतान के लिए बिल सौंपे और जल्द भुगतान के लिए दबाव बनाया। अधिशासी अभियंता ने ठेकेदारों से टेंडर प्रक्रिया में दाखिल किए गए दस्तावेजों को लाने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने दस्तावेज नहीं दिखाए। इसके बाद बैंकों से जारी हैसियत प्रमाणपत्र की जानकारी मांगी, तो बैंकों ने हैसियत प्रमाणपत्र जारी करने से इनकार किया। चरित्र प्रमाणपत्र और अन्य दस्तावेज भी जांच में फर्जी पाए गए।
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अधिशासी अभियंता द्वितीय राजेश कुमार ने बताया कि उक्त ठेकेदार लगभग चार साल से लगातार विद्युत निगम से सामग्री को उठा रहे हैं, लेकिन मौके पर नाममात्र ही लगा रहे हैं। जिले के स्टोरों से बागपत, मुजफ्फरनगर, शामली, ग्रेटर नोएडा आदि जगहों पर लाइन निर्माण, औद्योगिक क्षेत्र में स्थित फैक्ट्रियों में नया विद्युत कनेक्शन करने के लिए उठाया और उसे बेचकर पुराना सामान लगाकर घोटाला किया है।

घोटाले की वीडियोग्राफी कराकर एमडी को सौंपी
अधिशासी अभियंता द्वितीय ने बताया कि गबन पकड़े जाने पर उन्होंने वीडियोग्राफी कराई और उसे अधीक्षण अभियंता बागपत, मुख्य अभियंता मेरठ व पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी को सौंपी है। 400 केवीए विद्युत उपकेंद्र पाली ग्रेटर नोएडा से निकलते ही 56 नंबर एसटी पोलों की अवैध लाइन का निर्माण कराया है।

इस लाइन में प्रयोग किए गए पोल बड़ौत से ट्रैक्टर से ले जाकर पाली में अनलोड किए थे। औद्योगिक क्षेत्र बागपत में नए औद्योगिक संयोजनों में विद्युत निगम से तो नए पोल लिए, लेकिन साइट पर पुराने कटे हुए छोटे पोल से लाइन खींच दी। अन्य सामान भी पुराना मिला है।

ये बनाए गए जांच अधिकारी
एमडी ने मामले की जांच अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण मंडल द्वितीय मेरठ एके सिंह और अधिशासी अभियंता विद्युत परीक्षण खंड प्रथम मेरठ राम बाबू को सौंपी है। इस संबंध में अधिशासी अभियंता विद्युत परीक्षण खंड प्रथम मेरठ रामबाबू का कहना है कि मामले जांच की जा रही है।

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