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एसबीआई के 87 फीसदी जनधन खाते एक्टिव : रजनीश
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 13 Aug 2018 02:42 AM IST
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मेरठ
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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भारतीय स्टेट बैंक के चेयरमैन रजनीश कुमार ने कहा कि जनधन खाते गरीबों के लिए काफी उपयोगी साबित हुए हैं। देश में 87 प्रतिशत जनधन खाते एक्टिव हैं। बैंकों में ग्राहकों को सुविधाएं और स्टाफ के व्यवहार में सुधार पर प्राथमिकता से काम किया जा रहा है।
एसबीआई का चेयरमैन बनने के बाद रजनीश कुमार पहली बार मेरठ में हैं। इस दौरान अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने कहा कि जनधन खातों को लेकर भ्रम बनाया जा रहा है। हकीकत तो ये है कि धनधन खाते गरीबों के लिए काफी उपयोगी साबित हो रहे हैं। निजी संस्थाओं के कर्मचारियों का वेतन भी खातों में आने की परंपरा शुरू हो चुकी है, जो उनके आने वाले भविष्य के लिए सुखद संदेश है। देश की एसबीआई शाखाओं में प्रतिदिन 60 हजार नए खाते खुल रहे हैं। देश में एसबीआई के 42 करोड़ से ज्यादा ग्राहक हैं। जिनमें करीब 13 करोड़ के जनधन और अन्य सरकारी योजनाओं से जुडे़ खाते हैं । उन्होंने कहा कि जनधन के कुछ खाते हो सकते हैं जिनमें लंबे समय से ट्रांजेक्शन नहीं हो रही उन्हें भी बंद नहीं किया जाता, उन्हें रंनिंग में रखने को बैंक स्टाफ खाताधारक से संपर्क कर रहे हैं। ऐसे खातों से कोई शुल्क भी नहीं वसूल रहा।
सुधरेंगी शाखाएं और स्टाफ का व्यवहार
बैंक शाखाओं में साफ सफाई और सुविधाओं में बढ़ोत्तरी पर जोर दिया जा रहा है। पुरानी और छोटी ब्रांचों को बदलकर दूसरी और अच्छी जगह शिफ्ट करने का काम चल रहा है। ब्रांच में ग्राहकों के बैठने, पंखे, कूलर पानी आदि सुविधाएं भी सुविधा हो इस पर प्राथमिकता से काम हो रहा है। बैंक स्टाफ व्यवहार में सुधार पर उच्चस्तर पर काम हो रहा है। एक साल में इसमें काफी सुधार भी आया है।
एसबीआई का चेयरमैन बनने के बाद रजनीश कुमार पहली बार मेरठ में हैं। इस दौरान अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने कहा कि जनधन खातों को लेकर भ्रम बनाया जा रहा है। हकीकत तो ये है कि धनधन खाते गरीबों के लिए काफी उपयोगी साबित हो रहे हैं। निजी संस्थाओं के कर्मचारियों का वेतन भी खातों में आने की परंपरा शुरू हो चुकी है, जो उनके आने वाले भविष्य के लिए सुखद संदेश है। देश की एसबीआई शाखाओं में प्रतिदिन 60 हजार नए खाते खुल रहे हैं। देश में एसबीआई के 42 करोड़ से ज्यादा ग्राहक हैं। जिनमें करीब 13 करोड़ के जनधन और अन्य सरकारी योजनाओं से जुडे़ खाते हैं । उन्होंने कहा कि जनधन के कुछ खाते हो सकते हैं जिनमें लंबे समय से ट्रांजेक्शन नहीं हो रही उन्हें भी बंद नहीं किया जाता, उन्हें रंनिंग में रखने को बैंक स्टाफ खाताधारक से संपर्क कर रहे हैं। ऐसे खातों से कोई शुल्क भी नहीं वसूल रहा।
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सुधरेंगी शाखाएं और स्टाफ का व्यवहार
बैंक शाखाओं में साफ सफाई और सुविधाओं में बढ़ोत्तरी पर जोर दिया जा रहा है। पुरानी और छोटी ब्रांचों को बदलकर दूसरी और अच्छी जगह शिफ्ट करने का काम चल रहा है। ब्रांच में ग्राहकों के बैठने, पंखे, कूलर पानी आदि सुविधाएं भी सुविधा हो इस पर प्राथमिकता से काम हो रहा है। बैंक स्टाफ व्यवहार में सुधार पर उच्चस्तर पर काम हो रहा है। एक साल में इसमें काफी सुधार भी आया है।
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