सावन का पहला दिन आज: रोशनी से नहाए शिवालय, रूट डायवर्जन अब दो दिन बाद, ड्रोन और CCTV से होगी निगरानी
श्रावण मास के पहले दिन आज शिवालयों में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। रात से ही शिवालय रोशनी से नहाए रहे। वहीं रूट डायवर्जन अब 6 जुलाई से किया जाएगा। पहले दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 4 जुलाई से बड़े वाहनों की एंट्री बंद होनी थी, कम कांवड़ियों के आने से फैसला बदला गया है।
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आज श्रावण मास का पहला दिन है। मंदिर शिव भक्तों के लिए तैयार हैं। इसके अलावा कांवड़ यात्रा को लेकर दिल्ली-देहरादून हाईवे पर मंगलवार से होने वाले रूट डायवर्जन में भी बदलाव किया गया है। इस मार्ग पर रूट डायवर्जन अब छह जुलाई से होगा। अभी हाईवे पर कांवड़ियों की संख्या अधिक न होने से तत्काल डायवर्जन की जरूरत को न देखते हुए यह फैसला लिया गया।
कांवड़ यात्रा के चलते पुलिस-प्रशासन ने चार जुलाई से हाईवे पर भारी वाहनों के डायवर्जन का निर्णय लिया था। सोमवार को एसपी ट्रैफिक जितेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि अभी हाईवे पर कांवड़ियों की संख्या कम है, ऐसे में मंगलवार से डायवर्जन प्लान लागू नहीं हो रहा है। अब छह जुलाई से डायवर्जन होगा।
इसमें देहरादून, हरिद्वार, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और बिजनौर से आने वाला भारी यातायात, रोजवेज बसें, मुरादाबाद-गढ़मुक्तेश्वर की तरफ से आने वाले भारी वाहन, शामली करनाल हरियाणा और बागपत की तरफ से आने वाला यातायात शामिल रहेगा।
बाबा औघड़नाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष सतीश सिंघल ने बताया कि मंदिर आने वाले भक्तों की संख्या को देखते हुए विशेष इंतजाम किए गए हैं। सफाई, लाइट, बैरिंकेडिंग की की गई।
हरिद्वार के लिए रात में लगाईं 20 बसें
कांवड़ यात्रा के लिए रोडवेज की ओर से हरिद्वार के लिए रात में बसों का संचालन शुरू कर दिया गया है। प्रतिदिन यात्रियों को मेरठ डिपो से हरिद्वार के लिए बस मिलेगी। देर रात 11 बजे से लेकर सुबह 6 बजे तक बसों का संचालन किया जाएगा।
फिलहाल देर रात के लिए 20 बसों का संचालन होगा। रोडवेज की ओर से हरिद्वार के लिए 250 बसों का संचालन किया जाएगा। इसमें 70 बसें मेरठ डिपो, 70 बसें भैसाली डिपो और बाकी बसों का संचालन सोहराब गेट डिपो से होगा। एआरएम मेरठ डिपो जगदीश सिंह ने बताया कि रोडवेज बस अड्डों को शिफ्ट करने की प्रक्रिया भी 6 जुलाई के बाद ही होगी।
ड्रोन और CCTV से होगी निगरानी सड़कों से 20 मीटर दूर लगेंगे शिविर
कांवड़ यात्रा को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरे से निगरानी की जाएगी। मार्ग पर लगे खंभे व ट्रांसफार्मर पर पॉलीथिन लगाई गई है। सड़कों के गड्ढे भरे जा रहे हैं। गंगनहर में गोताखोरों और बैरिकेडिंग की गई है।
शिविर सड़क से करीब 20 मीटर की दूरी पर लगाए जाएंगे। सोमवार को प्रेसवार्ता में डीएम दीपक मीणा ने बताया कि 4-5 दिनों में कांवड़ियों की आवाजाही शुरू हो जाएगी। संवेदनशील क्षेत्रों में सीसीटीवी के साथ लाउडस्पीकर भी लगाए गए हैं। सभी कैमरों को कंट्रोल रूम से जोड़ दिया गया है। अधिकारी कैमरों के जरिए नजर रखकर कर्मचारियों को दिशा निर्देश दे सकेंगे।
वहीं, कमिश्नर सेल्वा कुमारी जे. ने सोमवार को कांवड़ यात्रा को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक ली। कमिश्नर ने कांवड़ यात्रा में सुरक्षा के साथ-साथ कांवड़ियों पर हेलीकॉप्टर से होने वाली पुष्पवर्षा की भी जानकारी ली है। उन्होंने निर्देश दिए कि अधिकारी लगातार कांवड़ यात्रा का निरीक्षण करते रहें, ताकि कमियों को सुधारा जा सके।
स्टेशनों पर बढ़ी सुरक्षा, 20 अतिरिक्त जवान तैनात
कांवड़ यात्रा के मद्देनजर स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए जीआरपी थाने को दो सब इंस्पेक्टर समेत 20 जवान अतिरिक्त मिले हैं। जीआरपी ने सोमवार रात से सभी 11 स्टेशनों की सुरक्षा बढ़ा दी है। थाना प्रभारी का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान सकौती स्टेशन पर अस्थाई पुलिस चौकी बनाई जाएगी। जिस पर एक सब इंस्पेक्टर और छह कांस्टेबल की तैनाती की जाएगी।
जीआरपी थाना प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि उनके क्षेत्र में 11 स्टेशन आते है। जिनमें सकौती, दौराला, पाबली खास, कैंट स्टेशन, सिटी स्टेशन, परतापुर, मोहिउद्दीनपुर, मोदीनगर, मुरादनगर, खरखौदा और चंदसारा है। उनके पास इस समय 50 जवान है। मंगलवार से कांवड़ यात्रा शुरू हो रही है। कांवड़ियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उन्होंने अतिरिक्त जवान मांगे थे।
सोमवार को उन्हें दो सब इंस्पेक्टर, दो महिला कांस्टेबल और 16 मुख्य आरक्षी व आरक्षी मिलें है। सभी जवानों की ड्यूटी लगा दी गई है और उन्हें निर्देशित किया गया है कि हर छोटी से छोटी घटना पर नजर रखें। ड्यूटी के प्रति लापरवाही करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। स्टेशनों पर कांवड़ियों की भीड़ बढ़ने के दौरान आरएएफ का भी सहयोग लिया जाएगा।