हर जुबां शिव: हर शिवालय में उत्सव! 11 जुलाई से सावन शुरू, लाखों भक्त करेंगे भोलेनाथ का जलाभिषेक
सावन मास की शुरुआत 11 जुलाई से हो रही है। मेरठ के औघड़नाथ सहित सभी प्रमुख शिव मंदिरों में भक्तों के लिए विशेष शृंगार, आरती और जलाभिषेक की तैयारियां तेज़ हो गई हैं। लाखों शिव भक्त पहुंचेंगे दर्शन को।
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सावन मास में बाबा औघड़नाथ सहित अन्य मंदिरों में भोले बाबा के शृंगार, पूजन और जलाभिषेक के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इस पवित्र माह में 11 जुलाई से लेकर शिवरात्रि तक शहर और बाहर से आने वाले लाखों भक्त मंदिरों में पहुंचेंगे। इसलिए अभिषेक, आरती और पूजन के साथ ही प्रकाश व्यवस्था एवं सुरक्षा के लिए भी प्रबंध किए जा रहे हैं।
इस माह शिव आराधना का विशेष महत्व है। प्रकृति में ऐसे कई फूल पत्ते खिलते हैं जो शिव पूजा के लिए आवश्यक होते हैं। यही कारण है कि श्रावण में शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा, आक और जल चढ़ाने की परंपरा है।
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हर सोमवार का अपना महत्व
ज्योतिषाचार्य मनीष स्वामी ने बताया कि श्रावण का पहला सोमवार आयुष्मान योग गणेश चतुर्थी से युक्त होगा। द्वितीय सोमवार सर्वार्थ सिद्धि योग और एकादशी से युक्त होगा। तृतीय सोमवार बुधादित्य योग में होगा। चतुर्थ सोमवार में सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। साथ ही ब्रह्मा ऐंद्र योग है, जो शिव भक्तों के मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए अच्छा है।
यह योग सभी कार्यों को सिद्ध करने की क्षमता रखता है। मान्यता है कि जो भी सावन के सोमवार को भोलेनाथ की श्रद्धा से पूजा करता है, उसे मनचाहा वर या वधू प्राप्त होती है।
अकाल मृत्यु से भी बचाती है शिव अराधना
श्रावण मास में अकाल मृत्यु से बचने, दीर्घायु की प्राप्ति और सभी व्याधियों को दूर करने के लिए भी विशेष पूजा की जाती है। ज्योतिषाचार्य विनोद त्यागी ने बताया कि मार्कण्डेय जी ने लंबी आयु के लिए श्रावण माह में ही घोर तप कर शिव की कृपा प्राप्त की थी। इससे मिली शक्तियों के सामने मृत्यु के देवता यमराज भी नतमस्तक हो गए। सावन का महीना शिव स्तुति के लिए सर्वोत्तम है।