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सेटेलाइट बस अड्डे से सुधरेगा शहर का ट्रैफिक सिस्टम
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 11 Jan 2018 01:07 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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ट्रैफिक पुलिस ने दिल्ली रोड पर यातायात व्यवस्था में और सुधार लाने के लिए सेटेलाइट बस अड्डा बनाने का प्लान तैयार किया है। जिसमें बाहरी डिपो और प्रतिदिन तीन-चार चक्कर लगाने वाली बसें रुकेंगी। इसको लेकर बुधवार सुबह ट्रैफिक पुलिस कार्यालय में एसपी ट्रैफिक के साथ भैसाली और सोहराब डिपो के एआरएम की मीटिंग हुई।
एसपी ट्रैफिक संजीव बाजपेई के मुताबिक जाम से मुक्ति पाने के लिए रोडवेज बसों पर शिकंजा कसने की जरूरत है। इसको लेकर बुधवार को एसपी ट्रैफिक की भैसाली डिपो के एआरएम एसके बनर्जी और सोहराब डिपो के परवेज बशीर के साथ करीब एक घंटा मंथन हुआ। उन्होंने बताया कि भैसाली बस अड्डे पर बाहरी डिपो की 130 से 150 बसें रोजाना आती हैं। जबकि सोहराब डिपो पर 40 से 50 बसें बाहरी डिपो की आती हैं।
चर्चा हुई कि दोनों डिपो पर आने वाली बाहरी बसों को रोका जाए तो शहर में ट्रैफिक व्यवस्था और दुरुस्त होगी। वहीं, एसपी ट्रैफिक ने दोनों आरएएम ने कहा कि गाजियाबाद, मोदीनगर, मुजफ्फरनगर, बागपत, हापुड़ और मेरठ से सटे अन्य जनपदों में रोजाना तीन-चार चक्कर लगाने वाली बसों को शहर से बाहर रोका जाए तो जाम से राहत मिलेगी। इसके लिए शहर के बाहर सेटेलाइट बस अड्डे बनाए जाएं। एसपी ट्रैफिक ने कहा कि इसके लिए कमिश्नर और एमडीए अधिकारियों से वार्ता हो गई है।
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यहां लगता है अक्सर जाम
एसपी ट्रैफिक ने दोनों एआरएम को बताया कि दिल्ली रोड पर परतापुर तिराहा, शॉप्रिक्स मॉल, नवीन मंडी गेट, दिल्ली चुंगी, मेट्रो प्लाजा, रेलवे रोड चौराहा, केसरगंज, भैसाली बस अड्डा के सामने, बेगमपुल चौराहा, जीरो माइल, मोदीपुरम तिराहे पर जाम की ज्यादा समस्या है। बाहरी डिपो की बसों पर दिन में रोक लगाने पर जाम से राहत मिलेगी। इसपर दोनों एआरएम ने कहा कि इस बाबत उच्चाधिकारियों से बातचीत करेंगे।
टेंपो, ई-रिक्शा के रूट बेहतर चलेंगे
ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि सेटेलाइट बस अड्डे बनने से टेंपो और ई-रिक्शा के रूट भी बेहतर चलेंगे। टेंपो और ई-रिक्शा को रूट नंबर दिया जाएगा। यात्रियों को सेटेलाइट बस अड्डों तक आने-जाने के लिए पुलिस व्यवस्था बना लेगी।
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एसपी ट्रैफिक संजीव बाजपेई के मुताबिक जाम से मुक्ति पाने के लिए रोडवेज बसों पर शिकंजा कसने की जरूरत है। इसको लेकर बुधवार को एसपी ट्रैफिक की भैसाली डिपो के एआरएम एसके बनर्जी और सोहराब डिपो के परवेज बशीर के साथ करीब एक घंटा मंथन हुआ। उन्होंने बताया कि भैसाली बस अड्डे पर बाहरी डिपो की 130 से 150 बसें रोजाना आती हैं। जबकि सोहराब डिपो पर 40 से 50 बसें बाहरी डिपो की आती हैं।
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चर्चा हुई कि दोनों डिपो पर आने वाली बाहरी बसों को रोका जाए तो शहर में ट्रैफिक व्यवस्था और दुरुस्त होगी। वहीं, एसपी ट्रैफिक ने दोनों आरएएम ने कहा कि गाजियाबाद, मोदीनगर, मुजफ्फरनगर, बागपत, हापुड़ और मेरठ से सटे अन्य जनपदों में रोजाना तीन-चार चक्कर लगाने वाली बसों को शहर से बाहर रोका जाए तो जाम से राहत मिलेगी। इसके लिए शहर के बाहर सेटेलाइट बस अड्डे बनाए जाएं। एसपी ट्रैफिक ने कहा कि इसके लिए कमिश्नर और एमडीए अधिकारियों से वार्ता हो गई है।
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यहां लगता है अक्सर जाम
एसपी ट्रैफिक ने दोनों एआरएम को बताया कि दिल्ली रोड पर परतापुर तिराहा, शॉप्रिक्स मॉल, नवीन मंडी गेट, दिल्ली चुंगी, मेट्रो प्लाजा, रेलवे रोड चौराहा, केसरगंज, भैसाली बस अड्डा के सामने, बेगमपुल चौराहा, जीरो माइल, मोदीपुरम तिराहे पर जाम की ज्यादा समस्या है। बाहरी डिपो की बसों पर दिन में रोक लगाने पर जाम से राहत मिलेगी। इसपर दोनों एआरएम ने कहा कि इस बाबत उच्चाधिकारियों से बातचीत करेंगे।
टेंपो, ई-रिक्शा के रूट बेहतर चलेंगे
ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि सेटेलाइट बस अड्डे बनने से टेंपो और ई-रिक्शा के रूट भी बेहतर चलेंगे। टेंपो और ई-रिक्शा को रूट नंबर दिया जाएगा। यात्रियों को सेटेलाइट बस अड्डों तक आने-जाने के लिए पुलिस व्यवस्था बना लेगी।