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कृपाओं की माता के महोत्सव
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ऐतिहासिक चर्च में बुधवार को विशेष प्रार्थना में रोगियों के स्वस्थ होने की प्रार्थना कराई गई प्र?
- फोटो : SARDANA
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कृपाओं की माता के महोत्सव
में किया मिस्सा बलिदान
सरधना। ऐतिहासिक चर्च में मनाए जा रहे कृपाओं की माता के महोत्सव में बुधवार को विशेष प्रार्थना में रोगियों के स्वास्थ्य का किस्सा सुनाया गया। इसमें काफी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। इसी के साथ मिस्सा बलिदान किया गया।
ऐतिहासिक चर्च में शाम चार बजे सर्वप्रथम माला विनती की गई। इसके बाद श्रद्धालुओं को आशीष और मिस्सा बलिदान किया गया। विशेष प्रार्थना में फादर पाक्या नाथन व ससनि बाबू ने रोगियों के स्वास्थ्य का किस्सा सुनाया। कहा कि प्रभु यीशु को रोगियों की सेवा करना और उनकी मदद करना अच्छा लगता था। ईश्वर कहते हैं कि ऐ इंसान तुम रोगियों की सेवा करो ताकि तुम्हारे लिए मुक्ति के द्वार खुल सकें। रोगियों की मदद और सेवा करने वाले प्रभु के दूत होते हैं। जिससे ईश्वर खुश होते हैं। जिस इंसान से कृपाओं की माता व प्रभु यीशु खुश हो जाएं उनके लिए स्वयं मुक्ति के द्वार खुल जाएंगे। विशेष प्रार्थना में सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। वहीं चर्च में बुधवार को विशाल पंडाल भी लगाया गया।
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में किया मिस्सा बलिदान
सरधना। ऐतिहासिक चर्च में मनाए जा रहे कृपाओं की माता के महोत्सव में बुधवार को विशेष प्रार्थना में रोगियों के स्वास्थ्य का किस्सा सुनाया गया। इसमें काफी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। इसी के साथ मिस्सा बलिदान किया गया।
ऐतिहासिक चर्च में शाम चार बजे सर्वप्रथम माला विनती की गई। इसके बाद श्रद्धालुओं को आशीष और मिस्सा बलिदान किया गया। विशेष प्रार्थना में फादर पाक्या नाथन व ससनि बाबू ने रोगियों के स्वास्थ्य का किस्सा सुनाया। कहा कि प्रभु यीशु को रोगियों की सेवा करना और उनकी मदद करना अच्छा लगता था। ईश्वर कहते हैं कि ऐ इंसान तुम रोगियों की सेवा करो ताकि तुम्हारे लिए मुक्ति के द्वार खुल सकें। रोगियों की मदद और सेवा करने वाले प्रभु के दूत होते हैं। जिससे ईश्वर खुश होते हैं। जिस इंसान से कृपाओं की माता व प्रभु यीशु खुश हो जाएं उनके लिए स्वयं मुक्ति के द्वार खुल जाएंगे। विशेष प्रार्थना में सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। वहीं चर्च में बुधवार को विशाल पंडाल भी लगाया गया।
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