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वीरान हुई सरधना की गुड़ मंडी, नहीं हुई आवक
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वीरान हुई सरधना की गुड़ मंडी, नहीं हुई आवक
सरधना। पांच वर्षों से सज रही सरधना की गुड़ मंडी आज वीरान हो गई है। इस वर्ष मंडी में गुड़ की आवक नहीं होने से मंडी के राजस्व को भी लगभग 1.40 करोड़ रुपये की चपत लगी है। मंडी समिति ने आवक नहीं होने पर मंडी शुल्क भी घटाया उसके बाद भी व्यापारी मंडी नहीं पहुंचे। वहीं, आदर्शनगर में सरधना की नई गुड़ मंडी लग रही है, वहीं से व्यापारी गुड़ की खरीदारी कर रहे हैं।
सरधना की गुड मंडी में लगातार पांच वर्षों से गुड़ की आवक बढ़ने से मंडी राजस्व भी बढ़ रहा था। जून माह में मंडी के बाहर किसानों द्वारा बाजार में बिना मंडी शुल्क के गुड़ की बिक्री करने के आदेश का असर अब मंडियों में दिखाई देने लगा है, जिसके चलते इस बार मंडी में गुड़ की आवक नहीं हुई। मंडी में लकड़ी व गुड़ की आवक नहीं होने से मंडी राजस्व को छह माह में 1.40 करोड़ रुपये के राजस्व की हानि हुई है।
मंडी समिति के द्वारा विभाग के उच्चाधिकारियों को इस संबध में रिपोर्ट भी भेजी गई हैं। वहीं व्यापारियों को लाभ देने के लिए मंडी समिति ने मंडी शुल्क को 2.5 प्रतिशत से 1.5 प्रतिशत कर दिया। उसके बाद भी व्यापारी मंडी नहीं पहुंच रहे है। जिसका सीधा लाभ व्यापारियों को हो रहा है।
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नहीं हुई गुड़ की खरी
वर्ष 2021 में एक क्विंटल गुड़ की खरीद तो क्या एक ‘डली’ की खरीद नहीं हो सकी हैं। कुछ व्यापारी मंडी के बाहर ही गुड़ की खरीद कर रहे हैं। जिसका असर मंडी शुल्क पर पड़ रहा हैं। छह माह में मंडी को 1.40 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। - रमेश राणा, मंडी समिति सचिव, सरधना
मंडी में पांच साल की गुड़ की आवक
वर्ष आवक राजस्व
2016 42278 25.36
2017 57109 35.69
2018 77344 50.28
2019 90524 58.84
2020 96505 63.93
2021 00 00
नोट: गुड़ की आवक क्विंटल में और राजस्व लाख रुपये में है।
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सरधना। पांच वर्षों से सज रही सरधना की गुड़ मंडी आज वीरान हो गई है। इस वर्ष मंडी में गुड़ की आवक नहीं होने से मंडी के राजस्व को भी लगभग 1.40 करोड़ रुपये की चपत लगी है। मंडी समिति ने आवक नहीं होने पर मंडी शुल्क भी घटाया उसके बाद भी व्यापारी मंडी नहीं पहुंचे। वहीं, आदर्शनगर में सरधना की नई गुड़ मंडी लग रही है, वहीं से व्यापारी गुड़ की खरीदारी कर रहे हैं।
सरधना की गुड मंडी में लगातार पांच वर्षों से गुड़ की आवक बढ़ने से मंडी राजस्व भी बढ़ रहा था। जून माह में मंडी के बाहर किसानों द्वारा बाजार में बिना मंडी शुल्क के गुड़ की बिक्री करने के आदेश का असर अब मंडियों में दिखाई देने लगा है, जिसके चलते इस बार मंडी में गुड़ की आवक नहीं हुई। मंडी में लकड़ी व गुड़ की आवक नहीं होने से मंडी राजस्व को छह माह में 1.40 करोड़ रुपये के राजस्व की हानि हुई है।
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मंडी समिति के द्वारा विभाग के उच्चाधिकारियों को इस संबध में रिपोर्ट भी भेजी गई हैं। वहीं व्यापारियों को लाभ देने के लिए मंडी समिति ने मंडी शुल्क को 2.5 प्रतिशत से 1.5 प्रतिशत कर दिया। उसके बाद भी व्यापारी मंडी नहीं पहुंच रहे है। जिसका सीधा लाभ व्यापारियों को हो रहा है।
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नहीं हुई गुड़ की खरी
वर्ष 2021 में एक क्विंटल गुड़ की खरीद तो क्या एक ‘डली’ की खरीद नहीं हो सकी हैं। कुछ व्यापारी मंडी के बाहर ही गुड़ की खरीद कर रहे हैं। जिसका असर मंडी शुल्क पर पड़ रहा हैं। छह माह में मंडी को 1.40 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। - रमेश राणा, मंडी समिति सचिव, सरधना
मंडी में पांच साल की गुड़ की आवक
वर्ष आवक राजस्व
2016 42278 25.36
2017 57109 35.69
2018 77344 50.28
2019 90524 58.84
2020 96505 63.93
2021 00 00
नोट: गुड़ की आवक क्विंटल में और राजस्व लाख रुपये में है।