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सड़कों के जाल से खुलेगी विकास की राह
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Mon, 03 Oct 2016 02:49 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर सरकार के 400 दिनों में काम पूरा करने के दावे के साथ ही मेरठ-बुलंदशहर मार्ग का चौड़ीकरण भी शुरू हो गया है। यहां सभी हाईवे आपस में कनेक्ट होंगे तो सड़कों का जाल मेरठ के विकास की राह खोलेगा। यह सर्किट मेरठ से दिल्ली ही नहीं, बल्कि पानीपत तक का मार्ग बेहतर ढंग से प्रशस्त करेगा। एक तरफ एनएच-58 से जुड़कर उत्तराखंड से संपर्क बढ़ेगा तो दूसरी तरफ वाया बागपत होते हुए पानीपत तक जाएगा। करनाल हाईवे पहले ही बन चुका है। काम इसी तरह चला तो अगले दस साल में सड़कों के दृष्टिकोण से मेरठ बेहद सशक्त हो जाएगा।
मेरठ-बुलंदशहर यानी एनएच-235 का निर्माण जल्द पूरा होगा। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी बीते बृहस्पतिवार ही बुलंदशहर में इसका शुभारंभ कर चुके हैं। उनका कहना है कि सरकार 15 हजार करोड़ रुपये की लागत से रिंग रोड बना रही है, जो दिल्ली एक्सप्रेसवे के रूप में मेरठ में बन रही है। यह मेरठ के लिए अति महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है, जिसके जल्दी निर्माण की बात बार-बार कही जा रही है।
यह है प्लान
मेरठ-बुलंदशहर मार्ग को प्रस्तावित दिल्ली एक्सप्रेसवे से मिलाया जाएगा। इसके लिए मेरठ के पास इनर रिंग रोड एक तरफ दिल्ली एक्सप्रेसवे को कनेक्ट करेगी तो यही रोड मेरठ-बुलंदशहर मार्ग को भी मिलाएगी। जुर्रानपुर फाटक से शताब्दीनगर की ओर यह जंक्शन प्रस्तावित है। हालांकि, इनर रिंग रोड का प्रस्ताव अभी अटका है। प्रयास हैं कि एमडीए इसे नहीं बना सकता तो हाईवे अथॉरिटी इसे बनाए। चूंकि यह तीन मुख्य हाईवे को आपस में जोड़ेगी।
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67 किमी लंबा हाईवे
इससे ट्रैफिक बेहद सुगम होगा। करीब 67 किमी लंबे इस फोरलेन हाईवे पर 1500 करोड़ रुपये खर्च होने की बात कही जा रही है। इसके लिए मेरठ के 15 गांवों का अधिग्रहण भी हो चुका है।
पानीपत तक होगा कनेक्ट
एनएच-58 होते हुए जहां इन सड़कों का कनेक्शन देहरादून तक होगा तो बागपत रोड से मिलकर यह पानीपत तक जाएगा। इसके लिए भी सरकार प्लान तैयार कर रही है। इसी प्लान को सपोर्ट करने के लिए जहां बागपत रोड पर जानी में गंगनहर पर पुल का दोहरीकरण हो रहा है, वहीं बालैनी में हिंडन पर भी नया पुल बन रहा है।
मंच से उठी मुआवजे की मांग
बुलंदशहर में नितिन गडकरी के कार्यक्रम के दौरान दक्षिण विधायक रविंद्र भड़ाना के साथ फफूंडा के किसान भी पहुंचे थे। विधायक ने मंच से ही यहां के मुआवजे का मुद्दा उठाया। कहा कि मेरठ-बुलंदशहर मार्ग में गांव फफूंडा की जमीन का अधिग्रहण हुआ है पर यहां के किसानों से नाइंसाफी हो रही है। अन्य गांवों का मूल्यांकन नए भू-अधिग्रहण अधिनियम के तहत हुआ, जबकि फफूंडा को पुराने अधिनियम से कम मुआवजा दिया गया। उन्होंने नितिन गडकरी को ज्ञापन साैंपते हुए इस गांव के किसानों को भी नए नियम से मुआवजा दिलाने की मांग की। मंत्री ने आश्वासन दिया कि सभी को समान मुआवजा मिलेगा। वहां गए नीरज अग्रवाल, संजीव कुमार, राजीव कुमार, राजकुमार, सुभाष चंद, मांगेराम, संतरपाल, अरुण, मदनपाल, ब्रजेश, विनोद भड़ाना आदि के मुताबिक किसानों को यदि उचित मुआवजा नहीं मिला तो विरोध स्वाभाविक है।
मिलेगी दिल्ली रोड पर जाम से मुक्ति
मेरठ। दिल्ली से मेरठ आने वाले यात्रियों को गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन चौराहे के जाम से मुक्ति दिलाने के लिए जीडीए 40 करोड़ की लागत से एक नई सड़क बनाने जा रहा है। 45 मीटर चौड़ी यह सड़क राजनगर एक्सटेंशन रोड पर अजनारा सोसायटी से मुड़कर शुरू होगी और मेरठ रोड पर डीपीएस के पास निकलेगी। इस रोड के बनने से दिल्ली-मेरठ की दूरी कुछ कम भी हो जाएगी। साथ ही वाहन चालकों को राजनगर एक्सटेंशन चौराहे का जाम भी नहीं झेलना पड़ेगा। 2017 तक इस रोड को बनाने का टारगेट फिक्स किया गया है। लगभग डेढ़ साल में राजनगर एक्सटेंशन चौराहे पर प्रस्तावित फ्लाईओवर भी बन जाएगा। ऐसे में जाम का संकट लगभग खत्म हो जाएगा।
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मेरठ-बुलंदशहर यानी एनएच-235 का निर्माण जल्द पूरा होगा। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी बीते बृहस्पतिवार ही बुलंदशहर में इसका शुभारंभ कर चुके हैं। उनका कहना है कि सरकार 15 हजार करोड़ रुपये की लागत से रिंग रोड बना रही है, जो दिल्ली एक्सप्रेसवे के रूप में मेरठ में बन रही है। यह मेरठ के लिए अति महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है, जिसके जल्दी निर्माण की बात बार-बार कही जा रही है।
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यह है प्लान
मेरठ-बुलंदशहर मार्ग को प्रस्तावित दिल्ली एक्सप्रेसवे से मिलाया जाएगा। इसके लिए मेरठ के पास इनर रिंग रोड एक तरफ दिल्ली एक्सप्रेसवे को कनेक्ट करेगी तो यही रोड मेरठ-बुलंदशहर मार्ग को भी मिलाएगी। जुर्रानपुर फाटक से शताब्दीनगर की ओर यह जंक्शन प्रस्तावित है। हालांकि, इनर रिंग रोड का प्रस्ताव अभी अटका है। प्रयास हैं कि एमडीए इसे नहीं बना सकता तो हाईवे अथॉरिटी इसे बनाए। चूंकि यह तीन मुख्य हाईवे को आपस में जोड़ेगी।
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67 किमी लंबा हाईवे
इससे ट्रैफिक बेहद सुगम होगा। करीब 67 किमी लंबे इस फोरलेन हाईवे पर 1500 करोड़ रुपये खर्च होने की बात कही जा रही है। इसके लिए मेरठ के 15 गांवों का अधिग्रहण भी हो चुका है।
पानीपत तक होगा कनेक्ट
एनएच-58 होते हुए जहां इन सड़कों का कनेक्शन देहरादून तक होगा तो बागपत रोड से मिलकर यह पानीपत तक जाएगा। इसके लिए भी सरकार प्लान तैयार कर रही है। इसी प्लान को सपोर्ट करने के लिए जहां बागपत रोड पर जानी में गंगनहर पर पुल का दोहरीकरण हो रहा है, वहीं बालैनी में हिंडन पर भी नया पुल बन रहा है।
मंच से उठी मुआवजे की मांग
बुलंदशहर में नितिन गडकरी के कार्यक्रम के दौरान दक्षिण विधायक रविंद्र भड़ाना के साथ फफूंडा के किसान भी पहुंचे थे। विधायक ने मंच से ही यहां के मुआवजे का मुद्दा उठाया। कहा कि मेरठ-बुलंदशहर मार्ग में गांव फफूंडा की जमीन का अधिग्रहण हुआ है पर यहां के किसानों से नाइंसाफी हो रही है। अन्य गांवों का मूल्यांकन नए भू-अधिग्रहण अधिनियम के तहत हुआ, जबकि फफूंडा को पुराने अधिनियम से कम मुआवजा दिया गया। उन्होंने नितिन गडकरी को ज्ञापन साैंपते हुए इस गांव के किसानों को भी नए नियम से मुआवजा दिलाने की मांग की। मंत्री ने आश्वासन दिया कि सभी को समान मुआवजा मिलेगा। वहां गए नीरज अग्रवाल, संजीव कुमार, राजीव कुमार, राजकुमार, सुभाष चंद, मांगेराम, संतरपाल, अरुण, मदनपाल, ब्रजेश, विनोद भड़ाना आदि के मुताबिक किसानों को यदि उचित मुआवजा नहीं मिला तो विरोध स्वाभाविक है।
मिलेगी दिल्ली रोड पर जाम से मुक्ति
मेरठ। दिल्ली से मेरठ आने वाले यात्रियों को गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन चौराहे के जाम से मुक्ति दिलाने के लिए जीडीए 40 करोड़ की लागत से एक नई सड़क बनाने जा रहा है। 45 मीटर चौड़ी यह सड़क राजनगर एक्सटेंशन रोड पर अजनारा सोसायटी से मुड़कर शुरू होगी और मेरठ रोड पर डीपीएस के पास निकलेगी। इस रोड के बनने से दिल्ली-मेरठ की दूरी कुछ कम भी हो जाएगी। साथ ही वाहन चालकों को राजनगर एक्सटेंशन चौराहे का जाम भी नहीं झेलना पड़ेगा। 2017 तक इस रोड को बनाने का टारगेट फिक्स किया गया है। लगभग डेढ़ साल में राजनगर एक्सटेंशन चौराहे पर प्रस्तावित फ्लाईओवर भी बन जाएगा। ऐसे में जाम का संकट लगभग खत्म हो जाएगा।