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मेरठ मेडिकल में संतोष कुमार की मौत के मामले में कई पर गिरी गाज, कोविड प्रमुख अधीक्षक डाॅ. सुधीर राठी को पद से हटाया

Thu, 20 May 2021 07:06 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Thu, 20 May 2021 07:06 PM IST
सार

मामले मे इनके अलावा  5 अन्य स्टाफ की वेतन वृद्धि और एक माह का वेतन भी काटा गया है। यह कार्रवाई पहले की गई थी, जिससे कोर्ट संतुष्ट नहीं था। इस मामले का खुलासा अमर उजाला ने ही किया था।

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Santosh Kumar death case in Meerut, Covid Chief Superintendent in Medical Dr. Sudhir Rathi was removed from the post
coronavirus - फोटो : amar ujala

विस्तार

मेरठ कोविड-19 से संक्रमित संतोष कुमार के शव का अज्ञात में अंतिम संस्कार अज्ञात मे कराने के मामले में मेडिकल के कोविड प्रमुख अधीक्षक डॉ सुधीर राठी को पद से हटा दिया गया है। उनसे विभागाध्यक्ष सर्जरी का चार्ज भी छिन गया है। दोनों चार्ज कोविड सीएमएस डॉ धीरज राज को दिए गए हैं।

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संविदा पर कार्यरत डॉक्टर उत्कर्ष कौशिक की सेवाएं समाप्त की। वह एसोसिएट प्रोफेसर (स्किन) थे। उनकी ड्यूटी के दौरान ही सन्तोष की मृत्यु हुई थी। मैटर्न अनीता को भी कोविड से हटाकर कार्यालय में सम्बद्ध किया है।
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इस मामले मे इनके अलावा  5 अन्य स्टाफ की वेतन वृद्धि और एक माह का वेतन भी काटा गया है। यह कार्रवाई पहले की गई थी, जिससे कोर्ट संतुष्ट नहीं था। इस मामले का खुलासा अमर उजाला ने ही किया था। इस मामले की बुधवार को दोबारा हुई थी जांच। तीन सदस्य समिति ने दोबारा सौंपी थी प्राचार्य को रिपोर्ट। शासन स्तर से और कार्रवाई भी सम्भव। 
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यह है मामला 
एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में लापरवाही की इंतहा हुई थी, जिस संतोष कुमार (64) को उनके परिजन तलाश रहे थे, उनकी मृत्यु तो भर्ती करने के तीसरे ही दिन  ही हो गई थी। अंतिम संस्कार भी अज्ञात में कर दिया गया था।

परिजनों को इसकी भनक तक नहीं दी गई थी, बल्कि उनको 10 दिन बाद तक भी यही बताते रहे थे कि वह जिंदा हैं और उनका इलाज चल रहा है। जांच के दौरान पता चला है कि संतोष कुमार की दो दिन बाद ही मौत हो गई थी। वह बरेली के थे। गाज़ियाबाद में बेटी के पास रह रहे थे। कोविड होने पर 21 अप्रैल को मेडिकल में भर्ती किया गया था।

संतोष कुमार पुत्र सीताराम एमईएस से रिटायर्ड थे। वह मूलरूप से बरेली के रहने वाले थे। इन दिनों वह गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन में अपनी बेटी शिवांगी और दामाद अंकित के साथ रह रहे थे। 

शिवांगी ने बताया कि 21 अप्रैल 11.36 बजे उन्होंने अपने पिता को मेरठ मेडिकल कॉलेज के कोविड वार्ड में भर्ती कराया था। इसके बाद वह अपने पिता का फोन से हालचाल लेती रहीं। 2 मई को उन्हें बताया गया कि उनके पिता अब आईसीयू में हैं और उनका आक्सीजन लेवल 77 है।

3 मई की सुबह मेडिकल कॉलेज कोविड सेंटर फोन करने पर उन्हें बताया गया कि उनके पिता अभी भी आईसीयू में हैं। आक्सीजन लेवल 92 है।  इसके बाद उसी दिन शाम को मरीज का अपडेट पूछने पर कोई सही जानकारी नहीं मिल पाई। शुक्रवार को उन्होंने मेडिकल कॉलेज में अपनी पिता की काफी तलाश की, लेकिन वह नहीं मिले। 

दामाद अंकित ने बताया कि मेडिकल थाने के एसएचओ प्रमोद गौतम का फोन हमारे पास आया था। उन्होंने बताया कि 23 तारीख को संतोष कुमार की मौत हो गई थी। हालांकि अंतिम संस्कार के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई।

प्रिंसिपल ने बताया कि जांच के दौरान पता चला है कि संतोष कुमार की 23 अप्रैल को ही मौत हो गई थी। उस समय संतोष नाम के तीन मरीज भर्ती थे। गलती से दूसरे संतोष नाम के मरीज के बारे में जानकारी दे दी गई।

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