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संप्रेक्षण गृह में फिर बवाल, तोड़फोड़, पथराव

Fri, 20 May 2016 02:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Fri, 20 May 2016 02:32 AM IST
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राजकीय किशोर संप्रेक्षण गृह में फिर हंगामा - फोटो : अमर उजाला
सूरजकुंड स्थित किशोर संप्रेक्षण गृह में बृहस्पतिवार को फिर बवाल हो गया। बीती दो मई को हुए बवाल में मुकदमा दर्ज होने के विरोध में भड़के किशोरों ने सुबह कर्मचारियों पर लाठी-डंडों और सरियों से हमला बोल दिया। स्टोर की चाबी कब्जे में कर कर्मचारियों को जबरन कैंपस से बाहर धकेल दिया। स्टोर में जमकर तोड़फोड़ कर डाली। मुकदमा वापस लेने की मांग करते हुए रात को छतों पर चढ़कर पथराव शुरू कर दिया गया। बवाल की सूचना पर नौचंदी समेत कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई।
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बुधवार से ही शुरू हुआ घटनाक्रम
दो मई को संप्रेक्षण गृह में किशोरों ने जमकर तोड़फोड़ और पुलिस पर पथराव किया था। इस बवाल की आड़ में 13 किशोर फरार हो गए थे। नौचंदी थाने में इस घटना की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। बुधवार को इस केस में रिमांड पर सुनवाई के दौरान आरोपी किशोरों को किशोर न्यायालय बोर्ड में पेश किया गया था।
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पेशी के दौरान ही किशोरों को पता चला कि उनके खिलाफ बवाल के मामले में एक और नया मुकदमा दर्ज कर लिया गया है तो वह भड़क गए। पेशी के बाद उन्होंने बुधवार दोपहर में ही संप्रेक्षण गृह में हंगामा काटा। उनका आरोप था कि संप्रेक्षण गृह के अधीक्षक की वजह से ही उन पर मुकदमा दर्ज हुआ है। उन्होंने इस केस को वापस लेने की मांग की।
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अधीक्षक हो गए मेडिकल में भर्ती
बुधवार को किशोरों ने अधीक्षक को धमकी देते हुए खूब खरी खोटी सुनाई थी। उस समय तो किशोरों को शांत कर लिया गया था, लेकिन बुधवार शाम ही अधीक्षक मिथलेश अचानक उल्टी दस्त ओर सीने में दर्द उठने की शिकायत बताकर मेडिकल अस्पताल में जाकर भर्ती हो गए थे। बताया गया कि बुधवार रात से ही कहा जाने लगा था कि संप्रेक्षण गृह में किशोर कभी भी दोबारा से बवाल कर सकते हैं, इसलिए अधीक्षक पहले ही मेडिकल में जाकर भर्ती हो गए।

और किशोरों ने कर दिया बवाल
बृहस्पतिवार सुबह करीब सात बजे चतुर्थ श्रेणी कर्मी लक्खीपाल दूध की सप्लाई लेकर स्टोर में जा रहा था।  लक्खीराम के अनुसार जब वह जीने से ऊपरी पहुंचा तो लाठी-डंडे और सरियों से लैस एक दर्जन से ज्यादा किशोरों ने उसे घेर लिया। सभी ने मुंह पर कपड़ा बांध रखा था। उन्होंने उससे स्टोर की चाबी छीन ली और उसे नीचे धकेल दिया। शोर सुनकर जब वहां केयर टेकर सुरेश चंद और खुशीराम पहुंचे तो किशोरों ने उन्हें भी कैंपस से बाहर कर स्टोर में जमकर तोड़फोड़ की। खाने-पीने का सामान उठाकर अपने कमरों में ले गए और कमरे अंदर से बंद कर खूब हंगामा काटा। कमरों में भी तोड़फोड़ की।

किशोरों ने अफसरों को लौटाया
बवाल की सूचना पर एडीएम सिटी एसके दूबे, एसपी सिटी ओपी सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट केशव कुमार कई थानों की फोर्स लेकर बृहस्पतिवार सुबह करीब 11 बजे संप्र्रेक्षण गृह पहुंचे। अफसरों ने कमरों में बंद किशोरों से बात कर उनकी समस्या जानने की कोशिश की, लेकिन किशोरों ने उनसे बात नहीं की। काफी प्रयास के बाद भी जब किशोर नहीं मानें तो अधिकारी वापस लौट गए।


रात में छत पर जा चढ़े, कर दिया पथराव
रात करीब 8:30 बजे किशोर कमरों से निकलकर छत पर पहुंच गए और पथराव करना शुरू कर दिया। किशोरों ने चिल्लाते हुए मुकदमा वापस लेने की मांग की। सूचना पर पुलिस और प्रशासनिक अफसर फिर फोर्स लेकर संप्रेक्षण गृह पहुंच गए और किशोरों को समझाने का प्रयास किया। समाचार लिखे जाने तक किशोर छत पर ही जमा थे।
 
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