सपा में घमासान: फिर बदलेगा मेरठ का प्रत्याशी!, चर्चा में सुनीता वर्मा का नाम, पढ़िए- क्या बोले अतुल प्रधान?
Lok Sabha Election 2024 : सपा एक बार फिर से मेरठ लोकसभा सीट पर प्रत्याशी बदल सकती है। अब अतुल प्रधान की जगह सुनीता वर्मा का नाम चर्चा में है। जानिए आखिर अतुल प्रधान का क्या कहना है?
विस्तार
समाजवादी पार्टी मेरठ लोकसभा सीट पर फिर से प्रत्याशी को बदल सकती है। पहले अधिवक्ता भानु प्रताप सिंह का टिकट काटकर अतुल प्रधान को उम्मीदवार बनाया गया तो अब अतुल का टिकट कटने की चर्चा भी तेज है।
चर्चा चल रही है कि पार्टी अब योगेश वर्मा की पत्नी सुनीता वर्मा को मेरठ लोसकभा सीट पर प्रत्याशी बना सकती है। सोशल मीडिया पर भी सुनीता वर्मा का नाम खूब चल रहा है। हालांकि, अभी पार्टी ने आधिकारिक तौर पर अतुल का टिकट काटने की पुष्टि नहीं की है।
वहीं, योगेश वर्मा के समर्थ दावा कर रहे हैं कि सुनीता वर्मा को टिकट मिल रहा है। उधर, सपा विधायक अतुल प्रधान ने बृहस्पतिवार को नामांकन दाखिल कर दिया है। अब देखना यह होगा कि आखिर किसको उम्मीदवार बनाया जाता है।
सपा से अतुल प्रधान ने किया नामांकन
समाजवादी पार्टी से विधायक अतुल प्रधान ने बुधवार को मेरठ-हापुड़ लोकसभा के लिए कलक्ट्रेट में नामांकन पत्र दाखिल कर दिया। हालांकि, अभी अतुल प्रधान को सपा का सिंबल नहीं मिला है।
मेरठ-हापुड़ लोकसभा चुनाव में नामांकन पत्र दाखिल करने का बृहस्पतिवार को अंतिम दिन है। नामांकन प्रक्रिया के चौथे दिन बुधवार को विधायक अतुल प्रधान समाजवादी पार्टी से नामांकन पत्र दाखिल करने पहुंचे। मुख्य गेट के बजाय वह कचहरी की तरफ से नामांकन दाखिल करने पहुंचे। बैरिकेडिंग के कारण काफी देर उन्हें खड़ा रहना पड़ा। बाद में बैरिकेडिंग की ही तरफ से वह नामांकन स्थल पर पहुंचे और दोपहर दो बजे पर्चा दाखिल किया।
अतुल प्रधान ने कहा कि मैं हमेशा जनता के बीच रहता हूं। भाजपा ने जिस उम्मीदवार को मेरठ-हापुड़ सीट से उतारा है, इससे ज्यादा मेरठ की जनता का मजाक नहीं हो सकता। भाजपा नेता और उनकी ही पार्टी के कार्यकर्ता नाराज हैं। अतुल प्रधान ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुझ पर भरोसा किया है। मैं एक बार फिर जनता के बीच जाऊंगा।
यह भी पढ़ें: Amit Shah Rally: मुजफ्फरनगर में गरजे अमित शाह, कहा-'सपा का सूपड़ा साफ करना है, UP से पलायन कर रहे गुंडे'
पर्चा दाखिल कर पिछले गेट से निकल गए अतुल
नामांकन पत्र जमा करने के बाद अतुल प्रधान कलक्ट्रेट के मुख्यद्वार से वापस नहीं गए। वह चुपचाप नामांकन पत्र जमा करने के बाद दूसरे रास्ते से निकल गए, जबकि सपा कार्यकर्ता कलक्ट्रेट परिसर में उनके इंतजार करते रहे। इस पर कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई। सपा नेताओं ने तर्क दिया है कि अतुल प्रधान की कोर्ट में तारीख थी, जिसके चलते वह पर्चा भरने के बाद कोर्ट में पेश होने के लिए चले गए।
यह भी पढ़ें: सपा ने खेला ब्राह्मण कार्ड: अखिलेश यादव ने मेरठ के बाद बागपत में बदला प्रत्याशी, अमरपाल शर्मा को दिया टिकट