{"_id":"5eb1bf6f8ebc3e902c208419","slug":"sales-of-electric-goods-affected-in-lockdown-mawana-news-mrt48057276","type":"story","status":"publish","title_hn":"लॉकडाउन में इलेक्ट्रिक सामान की बिक्री प्रभावित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लॉकडाउन में इलेक्ट्रिक सामान की बिक्री प्रभावित
विज्ञापन
लॉकडाउन में इलेक्ट्रिक सामान की बिक्री प्रभावित
हस्तिनापुर। कोरोना के कहर से पूरी दुनिया हाफ रही है। सभी तरह के व्यापार प्रभावित हो रहे हैं। गर्मी के मौसम में इलेक्ट्रिक सामान की बिक्री भी इस बार कोरोना के कारण लगे लॉकडाउन से प्रभावित हो रही है, जिससे रोजाना बिक्री होने वाला सामान गोदामों, दुकानों में बंद पड़ा है। जिससे क्षेत्रीय दुकानदारों से लेकर आम लोग तक परेशान हैं।
लॉकडाउन में कूलर, पंखे और एसी का बाजार धड़ाम हो गया है। गर्मी में लोगों को पंखा और कूलर भी बाजार में नहीं मिल पा रहे हैं। इन दिनों में करोड़ों रुपये का कारोबार कूलर और पंखों का होता था, जो इस बार नहीं हो सका। तापमान बढ़ोतरी के साथ ही लोगों को पंखे और कूलर की जरूरत महसूस हो रही है, लेकिन लॉकडाउन के चलते बाजार नहीं खुल पा रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि उनका लॉकडाउन से पहले आर्डर दिया लगभग पांच करोड़ का माल फंसा हुआ है।
दुकानदार भीष्म सोलंकी ने बताया कि अप्रैल में इसकी बिक्री गति पकड़ लेती थी और जून तक या कारोबार करोड़ों तक पहुंच जाता था। मगर इस बार लॉकडाउन के कारण उनकी यह उम्मीद टूटती जा रही है। ऑर्डर कर कुछ माल तो फरवरी माह में ही मंगा लिया गया था। किसान इन्हीं दिनों में खरीदारी करते थे। शादी विवाह का भी सीजन होता था। बड़े पैमाने पर कूलर, पंखा, वॉशिंग मशीन आदि की बिक्री होती थी, परंतु इस बार लॉकडाउन से सामान की बिक्री बंद हो गई है।
विज्ञापन
वहीं, कस्बे के दुकानदारों का कहना है कि वह हर रोज लगभग 100 पंखों तक की बिक्री करते थे, परंतु लॉकडाउन के चलते सभी माल दुकानों में ही पड़ा हुआ है। वहीं होलसेल में आए सामान की गारंटी भी समाप्त होती जा रही है और आर्डर दिए गए पैसे वापस मिलने की संभावना भी नहीं है। लॉकडाउन की तिथि बढ़ाए जाने से व्यापारियों और दुकानदारों को अब इस बात का डर सता रहा है कि कहीं उनकी जमा पूंजी डूब न जाए।
विज्ञापन
हस्तिनापुर। कोरोना के कहर से पूरी दुनिया हाफ रही है। सभी तरह के व्यापार प्रभावित हो रहे हैं। गर्मी के मौसम में इलेक्ट्रिक सामान की बिक्री भी इस बार कोरोना के कारण लगे लॉकडाउन से प्रभावित हो रही है, जिससे रोजाना बिक्री होने वाला सामान गोदामों, दुकानों में बंद पड़ा है। जिससे क्षेत्रीय दुकानदारों से लेकर आम लोग तक परेशान हैं।
लॉकडाउन में कूलर, पंखे और एसी का बाजार धड़ाम हो गया है। गर्मी में लोगों को पंखा और कूलर भी बाजार में नहीं मिल पा रहे हैं। इन दिनों में करोड़ों रुपये का कारोबार कूलर और पंखों का होता था, जो इस बार नहीं हो सका। तापमान बढ़ोतरी के साथ ही लोगों को पंखे और कूलर की जरूरत महसूस हो रही है, लेकिन लॉकडाउन के चलते बाजार नहीं खुल पा रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि उनका लॉकडाउन से पहले आर्डर दिया लगभग पांच करोड़ का माल फंसा हुआ है।
विज्ञापन
दुकानदार भीष्म सोलंकी ने बताया कि अप्रैल में इसकी बिक्री गति पकड़ लेती थी और जून तक या कारोबार करोड़ों तक पहुंच जाता था। मगर इस बार लॉकडाउन के कारण उनकी यह उम्मीद टूटती जा रही है। ऑर्डर कर कुछ माल तो फरवरी माह में ही मंगा लिया गया था। किसान इन्हीं दिनों में खरीदारी करते थे। शादी विवाह का भी सीजन होता था। बड़े पैमाने पर कूलर, पंखा, वॉशिंग मशीन आदि की बिक्री होती थी, परंतु इस बार लॉकडाउन से सामान की बिक्री बंद हो गई है।
विज्ञापन
वहीं, कस्बे के दुकानदारों का कहना है कि वह हर रोज लगभग 100 पंखों तक की बिक्री करते थे, परंतु लॉकडाउन के चलते सभी माल दुकानों में ही पड़ा हुआ है। वहीं होलसेल में आए सामान की गारंटी भी समाप्त होती जा रही है और आर्डर दिए गए पैसे वापस मिलने की संभावना भी नहीं है। लॉकडाउन की तिथि बढ़ाए जाने से व्यापारियों और दुकानदारों को अब इस बात का डर सता रहा है कि कहीं उनकी जमा पूंजी डूब न जाए।