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उलमा बोले- देवबंद जैसे पवित्र स्थान पर ऐसे लोगों का मिलना चिंताजनक

Fri, 22 Feb 2019 08:42 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर Published by: कपिल kapil Updated Fri, 22 Feb 2019 08:42 PM IST
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Saharanpur: Ulama says it is worrying to caught terrorist in a holy place like Deoband
देवबंद - फोटो : अमर उजाला

जैश-ए-मोहम्मद के दो आतंकियों के पकड़े जाने पर उलमा का कहना है कि देवबंद जैसे पवित्र स्थान से ऐसे लोगों का पकड़े जाना चिंता की बात है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर पूरे मामले में सच्चाई है तो दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए, लेकिन बेकसूरों के साथ अन्याय न किया जाए। 

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ऑल इंडिया दावातुल मुसलीमीन के संरक्षक व प्रसिद्ध आलिम-ए-दीन कारी इस्हाक गोरा ने कहा कि एटीएस द्वारा देवबंद से जिन दो लोगों को पकड़ा गया और उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा उनका ताल्लुक दहशतगर्द संगठन से बताया गया। इससे सभी लोग हैरत में हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे पवित्र स्थान जहां अमन और मुल्क की सलामती व भाईचारे की तालीम दी जाती है वहां से ऐसे लोगों का पकड़े जाना चिंता की बात है। कारी इस्हाक ने कहा कि यदि इस पूरे मामले में सच्चाई है तो दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए, लेकिन अगर वह बेकसूर हैं तो उन्हें फौरन रिहा किया जाना चाहिए।

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मदरसा दारुल उलूम फारुकिया के मोहतमिम मौलाना नूरुलहुदा कासमी का कहना है कि देवबंद अंग्रेजों के दौर से ही निशाने पर रहा है। आजादी के बाद आरएसएस ने यहां पांव जमाने की भरपूर कोशिश की, लेकिन उसमें वह कामयाब नहीं हुए। यहां इतना बड़ा तालीमी इदारा है कौन आता है और कौन जाता है उसकी पहचान कर पाना बहुत ही मुश्किल काम है। उन्होंने कहा कि अगर हकीकत में कोई खतावार है और गलत गतिविधियों में पाया गया तो उसे सजा जरूर मिलनी चाहिए। इसके साथ ही मौलाना नूरुलहुदा ने यह भी कहा कि जब भी चुनाव नजदीक आता है तो इस तरह की कार्रवाई में तेजी आ जाती है। विशेषकर देवबंद को निशाने पर ले लिया जाता है। 

मदरसा जामिया शेखुल हिंद के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती असद कासमी ने कहा कि जिन लोगों को एटीएस ने पकड़ा है वह आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के लिए काम कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जो भी शख्स मुल्क में रहकर मुल्क के खिलाफ काम करता है तो ऐसे लोगों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए। क्योंकि मजहब-ए-इस्लाम ने सिखाया है कि जिस मुल्क में रह रहे हो उससे मोहब्बत करनी चाहिए। मुफ्ती असद ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि इसकी निष्पक्ष तरीके से जांच होनी चाहिए और जो भी दोषी हो उसे सख्त सजा मिले, लेकिन बेकसूरों के साथ किसी भी तरह की नाइंसाफी नहीं होनी चाहिए।

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