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Saharanpur: निर्माणाधीन पुलिया में जा गिरी बाइक, दो दोस्तों की मौत, परिजनों में मचा कोहराम
Sat, 21 Dec 2024 04:57 PM IST
डिंपल सिरोही
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: डिंपल सिरोही
Updated Sat, 21 Dec 2024 04:57 PM IST
सार
सहारनपुर जनपद के चिलकाना में आज दोपहर एक दर्दनाक हादसे में दो दोस्ताें की माैत हो गई। बताया गया कि बाइकसवार दो दोस्त अचानक निर्माणाधीन पुलिया में जा गिरे। दोनों की माैके पर माैत हो गई।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सहारनपुर जनपद के चिलकाना में नल्हेड़ा रोड पर तेज गति से जा रही बाइक अनियंत्रित होकर निर्माणाधीन पुलिया में गिरने से दो दोस्तों की मौत हो गई। परिजन बिना किसी कानूनी कार्रवाई के शवों को अपने साथ ले गए।
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शुक्रवार देर रात चिलकाना के मोहल्ला हामिद हसन निवासी गुलफाम (22) पुत्र इरफान अंसारी तथा शाबे आलम (20) पुत्र शहजाद अपने दोस्त के घर गांव नल्हेड़ा में दावत में जा रहे थे। नल्हेड़ा रोड पर सड़क पर पुलिया का निर्माण कराने को लेकर लगभग चार फीट ऊंची मिट्टी की ढांग लगाई हुई थी। तेज गति से चल रहे बाइक सवारों ने सड़क पर पड़ी मिट्टी पर ध्यान नहीं दिया।
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अचानक उनकी बाइक अनियंत्रित होकर मिट्टी की ढांग पर चढ़कर निर्माणधीन पुलिया की खाई में गिर गई। इसमें दोनों दोस्त गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों ने उन्हें बाहर निकाला तथा घटना की जानकारी परिजनों को दी। जब तक परिजनों ने स्थानीय चिकित्सकों को दिखाया, तब तक दोनों युवक दम तोड़ चुके थे। परिजनों ने बिना किसी कानूनी कार्रवाई के शनिवार दोपहर उनके शवों को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया।
मृतक गुलफाम अपने परिवार में सबसे बड़ा बेटा था। पढ़ाई करने के बाद सहारनपुर में पैथोलॉजी लैब चला रहा था। मृतक शाबे आलम भी अपने तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। वह पढ़ाई पूरी होने के बाद अपने पिता के काम में सहयोग करता था। उधर, पुलिस ने बताया कि परिजनों ने थाने पर कोई सूचना नहीं दी। बिना किसी कार्रवाई के शवों को अपने साथ ले गए।
नहीं लगा था संकेतक बोर्ड
जिस जगह पर यह हादसा हुआ है वहां पर ठेकेदार की तरफ से संकेतक बोर्ड भी नहीं लगाया गया था। ग्रामीणों का कहना है कि यदि बोर्ड लगा होता तो शायदा दोनों दोस्तों की जान बच सकती थी।
मृतक गुलफाम अपने परिवार में सबसे बड़ा बेटा था। पढ़ाई करने के बाद सहारनपुर में पैथोलॉजी लैब चला रहा था। मृतक शाबे आलम भी अपने तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। वह पढ़ाई पूरी होने के बाद अपने पिता के काम में सहयोग करता था। उधर, पुलिस ने बताया कि परिजनों ने थाने पर कोई सूचना नहीं दी। बिना किसी कार्रवाई के शवों को अपने साथ ले गए।
नहीं लगा था संकेतक बोर्ड
जिस जगह पर यह हादसा हुआ है वहां पर ठेकेदार की तरफ से संकेतक बोर्ड भी नहीं लगाया गया था। ग्रामीणों का कहना है कि यदि बोर्ड लगा होता तो शायदा दोनों दोस्तों की जान बच सकती थी।