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सहारनपुर: सीवर ट्रीटमेंट प्लांट पर कोरोना का साया, भूमि खरीद पर लगी रोक, आईपीएस का भी कार्य लटका 

Thu, 30 Jul 2020 01:54 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर Published by: Dimple Sirohi Updated Thu, 30 Jul 2020 01:54 AM IST
सार

नमामि गंगे योजना के तहत स्थापित होना है 90 एमएलडी का एसटीपी 

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Saharanpur: sewer treatment plant has postponed due to Corona, ban on land purchase
प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर शहर भर के सीवर और नालों की सफाई के लिए मल्हीपुर रोड स्थित बादशाहपुर (रामनगर) में स्थापित होने वाले एसटीपी पर कोरोना ने ब्रेक लगा दिया है। शासन ने अभी भूमि खरीद पर रोक लगा दी है। इस वजह से एसटीपी के लिए भूमि खरीद होना मुश्किल हो गया है। 

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केंद्र सरकार की नमामि गंगे योजना के तहत सहारनपुर में 90 एमएलडी (मिलियन लीटर पर डे) का एसटीपी (सीवर ट्रीटमेंट प्लांट) स्थापित होना है। एसटीपी मल्हीपुर रोड पर बादशाहपुर के पास स्थापित होना है, जिसके लिए सौ बीघा भूमि चाहिए। एसटीपी का निर्माण जल निगम कराएगा, मगर भूमि नगर निगम तलाश कर देगा।
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बीते वर्ष ही एसटीपी के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। स्थानीय किसानों से जमीन खरीदी जानी थी। साथ ही डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार की जानी थी। मगर हैरत की बात पूरा एक साल बीत जाने के बावजूद अभी तक भूमि खरीदना तो दूर की बात किसानों से सहमति तक नहीं ली गई है। अब भूमि खरीदने की तैयारी धरी की धरी रह गई हैं।

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एसटीपी के बाद नदियां होंगी साफ  
शहर के बीच से होकर गुजर रही पांवधोई नदी के दूषित होने का मुख्य कारण इसमें गिरने वाले नाले और सीवर हैं। ढमोला नदी भी नालों और सीवर गिरने की वजह से ही दूषित बनी हुई है। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि एसटीपी बनने के बाद इन दोनों नदियों को नया जीवन मिलेगा। बादशाहपुर में बनने वाले एसटीपी का पानी ढमोला नदी में छोड़ा जाना है।

आईपीएस का भी कार्य लटका 
बादशाहपुर में एसटीपी के साथ ही आईपीएस (इंटरकनेक्शन पंपिंग स्टेशन) भी बनाया जाना है। आईपीएस के जरिए शहर भर के नालों और सीवर को एक जगह कनेक्ट किया जाएगा। इसी के माध्यम से नालों और सीवर का पानी एसटीपी तक पहुंचेगा, जहां से साफ होने के बाद पानी को ढमोला नदी में छोड़ा जाएगा। मगर यह कार्य भी लटका हुआ है। 

एसटीपी के लिए किसानों से बात चल रही है। उनसे सहमति पत्र लिए जा रहे हैं। कोरोना के चलते आए आर्थिक संकट की वजह से सरकार ने भूमि खरीद पर रोक लगा दी है, मगर हम किसानों से सहमति पत्र लेकर कार्यवाही पूरी कर रहे हैं। जिलाधिकारी के माध्यम से प्रस्ताव बनकर शासन को जाएगा। उसके बाद शासन के जैसे भी आदेश होंगे उनका अनुपालन किया जाएगा। - राजेंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता, जल निगम 
 
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