सहारनपुर में दबोचे गए दो पाकिस्तानी नागरिक, पकड़े जाने पर खुले मां 'फरहाना' के गहरे राज
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मां के साथ पाकिस्तान से सहारनपुर आए दो युवक और इन दो बहनों ने नाम बदलकर जन्म प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड, वोटर कार्ड बनवा लिए। इन प्रमाणपत्रों के आधार पर पासपोर्ट भी बनवा लिया। जब पुलिस ने पूछताछ की तो आरोपियों ने कोर्ट में वाद दायर कर दिया। जिस पर पूरा फर्जीवाड़ा खुल गया। पुलिस ने आरोपी दोनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि दो आरोपी फरार चल रहे हैं।
नगर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला मटिया महल निवासी हमद और अनस को पुलिस ने पाक नागरिक होने के बावजूद वर्षों से सहारनपुर में नाम बदलकर फर्जी जन्म प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड, वोटर कार्ड बनवाने के साथ ही पासपोर्ट भी बनवाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। दोनों अपनी मां एवं दो बहनों के साथ जन्म के कुछ साल बाद से ही सहारनपुर में रह रहे थे।
पुलिस के अनुसार हमद और अनस की मां फरहाना परवीन 1984 में दस वर्ष की उम्र में अपने बहनोई पाकिस्तानी नागरिक जफर के साथ पाकिस्तान गई थी। जहां कुछ दिन बाद ही पाकिस्तान के नागरिक नासिर से उसका निकाह करा दिया था। 1986 में उसे पाकिस्तान की नागरिकता मिल गई थी, लेकिन 1987 में उसका तलाक हो गया। जिसके बाद वह 45 दिन के वीजा पर सहारनपुर आ गई। सहारनपुर आकर नानौता निवासी नदीम अहमद के साथ निकाह कर लिया। 45 दिन का वीजा समाप्त होते ही उसे पाकिस्तान जाना पड़ा। वह 2 जून 1987 को नदीम के साथ पाकिस्तान चली गई। इस दौरान वहां पर उसने तीन बच्चों हमद, अनस और साजिया को जन्म दिया। 1992 में वह नदीम के साथ तीनों बच्चों को लेकर सहारनपुर वापस आ गई। इस दौरान उसने भारत की नागरिकता के लिए आवेदन किया, लेकिन उसका वीजा समाप्त हो गया और उसे 1998 में फिर पाकिस्तान जाना पड़ा। उस समय वह गर्भवती थी। पाकिस्तान पहुंचने पर उसने अनम को जन्म दिया। 17 जनवरी 2000 को वह लांग टर्म वीजा लेकर सहारनपुर में आकर रहने लगी।
इस दौरान नदीम ने अपने बच्चों को भारत की नागरिकता दिलाने के लिए आवेदन किया, लेकिन उन्हें नागरिकता नहीं मिल सकी। जिसके बाद नदीम ने नाम बदलकर उनके सहारनपुर में जन्म प्रमाण पत्र बनवा लिया, फिर आधार कार्ड और वोटर कार्ड भी बनवा लिया। यही नहीं उन्होंने फर्जी प्रमाण-पत्रों के आधार पर पासपोर्ट भी बनवा लिया। नाम बदलने के बाद चारों भाई बहन सहारनपुर में मटिया महल में आकर रहने लगे। इस दौरान नदीम का इंतकाल हो गया, लेकिन पुलिस उनकी जांच करती रही। पुलिस से परेशान होकर हमद, अनस, साजिया एवं अनम ने खुद को भारत का नागरिक बताते हुए पुलिस पर बेवजह परेशान करने का आरोप लगाया। कोर्ट ने पुलिस अधिकारियों को तलब किया और जवाब मांगा। जिस पर खुफिया विभाग ने जांच शुरू कर दी। जांच से पूरे मामले का खुलासा हो गया। जिस पर पुलिस ने हमद और अनस को गिरफ्तार कर लिया।
भारत के नागरिक नहीं हैं आरोपी : एसएसपी
एसएसपी दिनेश कुमार ने बताया कि आरोपियों को अभी तक भारत की नागरिकता नहीं मिली है। बिना नागरिकता के ही अरोपी सहारनपुर में रह रहे थे। कोर्ट में भी आरोपियों ने अपने अभिलेख दिखाए, लेकिन सभी गलत हैं। दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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