जहरीली शराब कांड: फिर सामने आई एक बड़ी सच्चाई, यहां तैयार होता था 'मौत' का सामान
उत्तराखंड के अर्जुन से केमिकल खरीदकर जहरीला जाम बनाकर लोगों की जान लेने वाले आरोपी हरदेव, सुक्खा और लाड्डी का साम्राज्य पुंडेन गांव के जंगल में है। चारों तरफ से घिरे खेतों के बीच उनका डेरा है, जहां खेती में प्रयोग होने वाले हर साधन इनके पास हैं। खेतों में फसल लहलहा रही हैं, लेकिन अमीरी के शॉर्ट कट ने इन आरोपियों को शराब का सौदागर बना दिया।
जहरीली शराब के मामले में गांव पुंडेन सरदारों का डेरा निवासी हरदेव, उसके पिता सुक्खा के अलावा गुरु साहब उर्फ लाड्डी सहित नौ लोगों को सहारनपुर और उत्तराखंड की पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। आरोपी हरदेव, लाड्डी और लखविंद्र ने उत्तराखंड के गांव डाडली निवासी अर्जुन से आइसोप्रोपिल एल्कोहल खरीदा था, जिससे बनाई गई शराब को बालुपुर सहित अन्य गांवों में सप्लाई कर दिया था। उसी शराब के पीने से 82 लोगों की जान चली गई।
अमर उजाला टीम ने बुधवार को पुंडेन गांव में पहुंचकर इन आरोपियों के बारे में जानकारी ली, तो पता चला कि इन आरोपियों के डेरे पुंडेन गांव से चुन्हेटी की तरफ जाने वाले मार्ग पर रेलवे फाटक के निकट जंगल में हैं। वहां जाकर पता चला कि आरोपी हरदेव के घर पर पशुओं को चारा खिलाने वाले नौकर हीरालाल के अलावा कोई नहीं है। मकान वीरान पड़ा था, जिसमें दुधारु पशु भी बंधे हुए थे।
इसी तरह गुरु साहब उर्फ लाड्डी के मकान पर भी ताला बंद था। वहीं, मामले में फरार चल रहे आरोपी लखविंद्र उर्फ बाबा के डेरे पर भी ताला बंद था। इनके पड़ोस में रहने वाले गुरदीप सिंह और गुरमेज सिंह की पत्नी का कहना था कि घटना ने बहुत बदनामी कर दी। तीन दिन बाद ही हरदेव के पड़ोसी गुरदीप के घर में बेटी की शादी हो रही थी तथा हलवाई पकवान बना रहे थे, लेकिन वहां मेहमान नजर नहीं आ रहे थे। हरदेव और लाड्डी की करतूत की वजह से पड़ोसी लोग भी परेशान हैं और अपने बच्चों को भी रिश्तेदारी में भेज दिया है।
खेती के साथ ही मुर्गी पालन का व्यवसाय
जंगल में डेरा बनाकर रहने वाले इन आरोपियों ने अपनी आय के कई साधन बना रखे हैं। खेतों में गन्ना और गेहूं की फसल खड़ी थीं, जो इनके डेरों के पास मुर्गी पालन का व्यवसाय भी खूब मिला। प्रत्येक डेरे के बगल में एक पोल्ट्री फार्म बना रखा था, जो चारों तरफ से कवर किया हुआ था।
नौकर ने नहीं खाया दो दिन से खाना
आरोपी हरदेव के घर पर नौकरी करने वाला हीरालाल खेत से रिक्शा में चारा लादकर लाता हुआ मिला। शारीरिक रूप से वह कमजोर नजर आया और उसकी एक आंख में सफेद मोतिया था। उससे जब पूछा गया कि हरदेव के परिवार के अन्य लोग कहां हैं, तो बोला कि सब चले गए, यहां कोई नहीं है, मैं अकेला हूं यहां, तीन दिन से खाना भी नहीं खाया।
पुंडेन की बदनामी से आहत हैं लोग
अवैध रूप से शराब बेचने के मामले में पुंडेन गांव पहले से बदनाम रहा है। यहां के लोग शिकायतें भी करते रहे हैं। एक साल पूर्व भी शिकायतें की गई थीं, जिस पर खानापूर्ति के रूप में कार्रवाई होती रही। अब इतनी बड़ी संख्या में जहरीली शराब से लोगों की मौत के बाद हरदेव, लाड्डी, लखविंद्र बाबा की करतूत से पुंडेन गांव के लोग आहत नजर आए।
बोले ग्रामीण, पूरी तरह बंद हो शराब की बिक्री
सुशील त्यागी का कहना था कि अवैध रूप से शराब बेचने वालों के खिलाफ एक साल में कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन पुलिस प्रशासन ने गंभीरता नहीं दिखाई। गांव वाले चाहते हैं कि यहां से शराब की बिक्री पूरी तरह बंद हो जाए। यदि प्रशासन सहयोग मांगेगा, तो प्रत्येक ग्रामीण साथ देगा। दुकानदार संदीप, इमरान, भूषण त्यागी का कहना था कि अवैध रूप से शराब की बिक्री पर रोक लगाने में पुलिस प्रशासन की लापरवाही रही है, अन्यथा किसी की हिम्मत नहीं कि गांव में शराब बेचे। इसी तरह राजेश शर्मा, अरविंद शर्मा, संजय शर्मा, रमेश चंद पंडित और रविदत्त त्यागी का कहना था कि हरदेव, लाड्डी और लखविंद्र सहित इनके साथियों ने पुंडेन गांव को बदनाम कर दिया, जबकि यह गांव के बाहरी छोर पर बने डेरों में रहते हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए तथा गांव में शराब की अवैध बिक्री पूरी तरह बंद होनी चाहिए।
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