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‘मौत’ बांटने वाले पिंटू की मौत, अब असली गुनहगार की तलाश, 114 मौतों के खुलासे के लिए बनीं 12 टीमें

Mon, 11 Feb 2019 03:28 PM IST
Dimple Sirohi गजेंद्र चौधरी, अमर उजाला, मेरठ
गजेंद्र चौधरी, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Mon, 11 Feb 2019 03:28 PM IST
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saharanpur liquor case: twelve teams made for disclosure hundred of death
जहरीली शराब केस

मौत बांटने वाला पिंटू दुनिया छोड़कर चला गया। शराब कांड में हरिद्वार और सहारनपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। सवाल बड़ा है कि आखिर 114 लोगों की मौतों का असली गुनहगार कौन है। जिसको लेकर सिस्टम पर सवाल उठ रहे है।

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मुख्यमंत्री के निर्देश पर पुलिस-प्रशासन ने 12 टीमें गठित की है, जो असली गुनहगार को ढूंढ रही हैं। पुलिस का दावा कि हरिद्वार के बाल्लुपुर गांव में तेरहवीं में जहरीली शराब बांटी गई थी, जिससे लोगोें की मौत हुई है।
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जहरीली शराब पीकर मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। पुलिस-प्रशासन सवालों के घेरे में खड़ा है। मौत बांटने वाला असली गुनहगार कौन है, इसका पता लगाना पुलिस व प्रशासन के सामने चुनौती बना है।
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सहारनपुर पुलिस का दावा है कि जहरीली शराब हरिद्वार के झबरेड़ा थानाक्षेत्र के बाल्लुपुर गांव में तेरहवीं में बांटी गई थी। किसने बांटी, इसकी जानकारी जुटाना पुलिस को मुश्किल पड़ रहा है। जहरीली शराब का सेवन करने वालों ने पिंटू का नाम पुलिस को बताया था।

सहारनपुर पुलिस टीम पिंटू तक पहुंची तो जानकारी मिली कि उसकी भी जहरीली शराब पीने से मौत हो गई, जिसके चलते पुलिस की जांच थम गई। पुलिस ने पिंटू के दोस्तों की कुंडली खंगाली, लेकिन कोई भी सफलता हासिल नहीं हो सकी। प्रदेश सरकार शराब कांड की रिपोर्ट मांग रही है, जिसमें पुलिस फंसी है कि आखिर इस मामले में किसको असली गुनहगार बताए। हालांकि हरिद्वार और सहारनपुर पुलिस ने हरिद्वार से फकीरा व उसके बेटे सोनू निवासी बाल्लुपुर को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।

मेडिकल में परिजनों का जमावड़ा, नहीं पता कहां से आई शराब 
जहरीली शराब का सेवन करने वाले 37 लोगों को मेडिकल कॉलेज मेरठ में भर्ती कराया गया। उनके परिजनों का भी वहां जमावड़ा लगा है। जहरीली शराब किसने उनके हाथ में दी, यह उनको खुद भी नहीं पता। वह कहते हैं कि तेरहवीं में खाना खाने के बाद यह शराब बांटी गई। तेरहवीं में जहरीली शराब कुछ लोगों ने पी और कुछ ने अपने गांव लाकर दोस्तों और परिचितों को बांट दी। जिसके बाद मौत का सिलसिला शुरू हुआ।

saharanpur liquor case: twelve teams made for disclosure hundred of death
illicit liquor case

किसने बंटवाई पिंटू से शराब
पुलिस के मुताबिक पिंटू की आर्थिक स्थिति कमजोर है। उसकी मुफ्त में शराब बांटने की हैसियत तो बिल्कुल भी नहीं है। पुलिस को अंदेशा है कि पिंटू से जहरीली शराब जानबूझकर बंटवाई गई। पिंटू के अलावा कौन-कौन जहरीली शराब बांटने में थे, इसकी जानकारी उनको जरूर होगी। लेकिन जहरीली शराब बांटने के मामले में कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है। यूपी और उत्तराखंड पुलिस की संयुक्त टीम जांच पड़ताल में जुटी है।

पिता-पुत्र ने नहीं उगला राज
पुलिस ने बताया कि फकीरा और उसके बेटे सोनू को जेल भेजने से पहले पूछताछ की थी। जिन्होंने बताया है कि पिंटू को ही सारी जानकारी थी। वह तो इतना जानते हैं कि सहारनपुर से कच्ची शराब की 35 बोतलें आयी थी, जिसमें कुछ मिलकर तेरहवीं में बांटी गई। शराब में क्या मिलाया, इसका राज पिंटू को था। हालांकि पुलिस पिंटू की कुंडली खंगालने में जुटी है।

जोन में 217 मुकदमे 
सहारनपुर में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद पुलिस एक्शन में आई है। मेरठ जोन के मेरठ में 66 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। 495 लीटर अवैध अंग्रेजी और 225 लीटर अवैध देशी शराब बरामद की है। 140 लीटर लाहन नष्ट करते हुए कच्ची शराब की दस भट्ठियां तोड़ी गई हैं।

66 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मेरठ जोन के मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्घनगर, हापुड़, बागपत, बुलंदशहर के अलावा सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली में भी बड़ी कार्रवाई की गई है। नौ जिलों में 217 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। 7326 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब तो 2048 लीटर अवैध देशी शराब बरामद की है। 242 लोगों को अवैध शराब के साथ गिफ्तार किया है। 

असली गुनहगार की तलाश जारी
जहरीली शराब हरिद्वार के बाल्लुपुर गांव में तेरहवीं में बांटी गई थी। पिंटू ने ही शराब बांटी थी। जिसकी मौत हो गई है। हरिद्वार व सहारनपुर पुलिस ने पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। लेकिन असली गुनहगार कौन है, इसकी जांच पुलिस कर रही है। जिसको लेकर पुलिस की 12 टीमें गठित की हैं। - प्रशांत कुमार, एडीजी मेरठ जोन 

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