मुजफ्फरनगर कवाल कांड: पढ़िए- अदालत के फैसले पर क्या बोले देवबंदी उलमा
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मुजफ्फरनगर के कवाल में हुई गौरव और सचिन की हत्या के सात आरोपियों को अदालत द्वारा उम्र कैद की सजा सुनाए जाने के मामले में उलमा का कहना है कि दोषी चाहे किसी भी धर्म से ताल्लुक रखता हो। अगर उसने कुछ गलत किया है तो उसे उसकी सजा मिलनी चाहिए।
बता दें कि शुक्रवार को अदालत द्वारा कवाल निवासी गौरव और सचिन की हत्या के मामले में सात आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाने को लेकर ऑल इंडिया दावातुल मुसलीमीन के संरक्षक व प्रसिद्ध आलिम-ए-दीन कारी इस्हाक गोरा ने कहा कि आरोपी किसी भी समुदाय से ताल्लुक रखते हैं अगर उन्होंने गलत किया है तो उसकी सजा उन्हें जरुर मिलनी चाहिए। इस तरह के मामलों में शासन प्रशासन हो या फिर अदालतें किसी भी तरह का भेदभाव नहीं अपनाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि दोषी चाहे किसी भी धर्म के क्यों न हो उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि मुजफ्फरनगर दंगे ने आपसी भाईचारे और सौहार्द को समाप्त करके रख दिया। आज भी लोग जब उसके बारे में सोचते हैं तो बुरी तरह सिहर जाते हैं। इसलिए लोगों को चाहिए कि अमनो अमान का माहौल बनाकर रखें और भाईचारे को पहले की तरह मजबूत बनाएं।
वहीं दारुल उलूम अशरफिया के मोहतमिम मौलाना सालिम अशरफ कासमी ने कहा कि मुजफ्फरनगर में उस समय जो कुछ हुआ वो बेहद शर्मनाक था। जो भी उसके असल दोषी हैं उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। इसमें किसी भी तरह का धार्मिक भेदभाव नहीं अपनाना चाहिए। हर वो व्यक्ति सजा का हकदार है जिसने कुछ भी गलत किया हो। अदालत इस मामले में आगे जो भी सुनवाई करे वो भेदभाव से ऊपर उठकर करें। ताकि दंगा पीड़ितों को इस बात का यकीन हो कि उन्हें इंसाफ मिला है।
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