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सहारनपुर में दो पक्षों में टकराव, रास्ता बनाने को लेकर हुआ था विवाद, पुलिसफोर्स तैनात

Mon, 31 Dec 2018 09:35 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर Published by: कपिल kapil Updated Mon, 31 Dec 2018 09:35 PM IST
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Saharanpur, Conflict in two sides, Stress and deployed police force in the village
मौके पर पहुंची पुलिस - फोटो : अमर उजाला

यूपी के सहारनपुर में सरकारी जमीन में रास्ता बनाने को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। त्यागी समाज रास्ता बना रहा था, जिसका अनुसूचित जाति के लोगों ने विरोध करते हुए रास्ते के आगे चबूतरा बना कर डॉ. आंबेडकर का चित्र रख दिया। इसको लेकर गांव में टकराव के हालात बन गए। सूचना पर पहुंची कई थानों की पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए जमीन पर बनाए गए रास्ते को ध्वस्त कराने के साथ ही चबूतरा और आंबेडकर का चित्र भी हटवा दिया। तनाव के मद्देनजर गांव में भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात कर दिया गया है। 

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जानकारी के अनुसार गागलहेड़ी थाने के गांव फिराहेड़ी में सामान्य आबादी में दर्ज कुछ सरकारी जमीन खाली पड़ी है। इसमें पूरे गांव का पानी एकत्र होता है। सोमवार की दोपहर बाद साढे़ तीन बजे इस जमीन के बीच से नकली राम त्यागी जेसीबी लगाकर रास्ता बना रहे थे। रास्ता बनाने की सूचना पर अनुसूचित जाति के लोग मौके पर इकट्ठा हो गए और उन्होंने रास्ता बनाने का विरोध किया। इसे लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। देखते ही अनुसूचित जाति के लोगों की भारी भीड़ मौके पर पहुंच गई और आनन फानन में उन्होंने यहां एक चबूतरा बनाते हुए उस पर बाबा साहेब डॉ. भीम राव आंबेडकर का चित्र स्थापित कर दिया।

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वहीं इसकी सूचना पर प्रभारी निरीक्षक दीपक चतुर्वेदी भारी पुलिस बल लेकर मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन कोई भी अपनी बात से पीछे हटने को राजी नहीं हुआ। त्यागी पक्ष के लोग जहां रास्ता बनाने पर अड़े थे वहीं अनुसूचित जाति के लोग चबूतरे पर पूजा अर्चना में लग गए। बढ़ते तनाव के मद्देनजर मौके पर फतेहपुर, नागल, जनकपुरी और बेहट थानों की फोर्स के साथ ही पीएसी भी बुला ली गई। 

इसके बाद पुलिस ने विवादित जमीन पर बन रहे रास्ते को जेसीबी की मदद से ध्वस्त करा दिया और उसके बाद अनुसूचित जाति के लोगों से बातचीत करके आंबेडकर चित्र और चबूतरा हटवा दिया। हालांकि आंबेडकर का चित्र हटाने का अनुसूचित जाति की महिलाओं ने विरोध भी किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें समझा बुझा कर शांत कर दिया।

सरकारी जमीन पर नहीं होने देंगे कब्जा
मौके पर पहुंची तहसीलदार सदर प्रीति सिंह ने दोनों पक्षों के लोगों को समझाते हुए बताया कि यह भूमि सामान्य आबादी में दर्ज है। इस पर किसी का कोई कब्जा नहीं होने दिया जाएगा। जिस किसी को कोई समस्या हो वो तहसील दिवस में आ कर अपना पक्ष रख सकता है लेकिन यदि किसी ने भी इस पर कब्जे का प्रयास किया तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

झगड़ा फसाद किया जो भेजा जाएगा जेल 
थानाध्यक्ष दीपक चतुर्वेदी
ने बताया कि तनाव के मद्देनजर मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया है। हालांकि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। यदि किसी ने झगड़ा फसाद करने का प्रयास किया तो जेल भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि अभी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। वे मौके पर ही हैं उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। उनके निर्देश के बाद रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।

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